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एस्टेट ऑफिस में 10 दिन में हुआ काम, सर्टिफिकेट ले जाने के लिए कॉल गया...कोई हुआ हैरान, किसी ने कहा- रॉंग नंबर
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चंडीगढ़। एस्टेट ऑफिस के डिजिटलाइजेशन के बाद जो काम पहले दो से तीन साल में होते थे, अब महज 10 दिन में होने लगे हैं। आवेदन के 10 दिन बाद ही ट्रांसफर सर्टिफिकेट ले जाने के लिए वीरवार को जब 12 लोगों को एस्टेट ऑफिस की तरफ से कॉल किया गया तो लोग हैरान रह गए। कुछ ने 'रॉंग नंबर' कह दिया तो कुछ को लगा कि ये फर्जी कॉल है।
डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने यूटी गेस्ट हाउस में लाभार्थियों से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। लोगों ने डीसी को बताया कि उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि उनका काम 10 दिन में हो गया है। आवेदन के बाद वह इस बात के लिए तैयार थे कि एस्टेट ऑफिस में पैसे देने पड़ेंगे, चक्कर काटने पड़ेंगे और कई महीनों बाद काम होगा। कुछ दिन पहले ही आवेदन करने के बाद वीरवार को ही एस्टेट ऑफिस से कॉल आ गया कि आपका काम हो गया है और सर्टिफिकेट ले जाएं। कुछ लोगों ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि ये कोई फर्जी नंबर है, उन्हें ठगने के लिए ऐसे कॉल कर रहा है। बाद में उन्होंने नंबर देखा तो वो एस्टेट ऑफिस का था। इस पर डीसी ने कहा कि वह मानते हैं कि एस्टेट ऑफिस को लेकर शहरवासियों के मन में धारणा ठीक नहीं है। पारदर्शिता की कमी थी। लोग बात करते थे कि क्या कभी एस्टेट ऑफिस सुधरेगा लेकिन अब सब कुछ बदल गया है। लोगों के काम 10 दिनों में हो रहे हैं। ये बहुत कठिन काम था, जिसे करने में 100 से ज्यादा कर्मचारी पिछले डेढ़ साल से लगे हुए थे।
डीसी साहब बुला रहे हैं... सुनकर लगा डर
यूटी गेस्ट हाउस में डीसी बराड़ ने कुल 12 लोगों को मकान का हस्तांतरण और लीज होल्ड मकान बेचने के लिए एनओसी के दस्तावेज सौंपे। एक व्यक्ति ने कहा कि जब उन्हें कॉल आया कि डीसी आपको बुला रहे हैं तो वह डर गए। सोचने लगे कि उनसे ऐसी क्या गलती हो गई है कि डीसी उन्हें बुला रहे हैं। एक अन्य ने कहा कि वह तो हैरान रह गए कि एस्टेट ऑफिस में इतनी जल्दी काम कैसे हो गया। डीसी ने कहा कि अब लोगों को घर बैठे उनके फाइल की जानकारी मिल जाएगी। फाइलें सिर्फ ऑनलाइन चलेंगी और हस्ताक्षर भी डिजिटल होंगे। लोगों को मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से जानकारी मिलती रहेगी। दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।
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लोगों से बातचीत-- (दोनों की फोटो सहित)
मुझे लगा कोई मजाक कर रहा है
ये बहुत अच्छी पहल है। दो हफ्ते पहले मेरे पिता ने आवेदन किया तो उन्होंने कहा कि अब कई महीनों के लिए भूल जाओ। 2018 में भी एस्टेट ऑफिस में काफी चक्कर लगे थे। जब मुझे कॉल आया तो मैं हैरान हो गई। पहले तो मुझे लगा कि कोई मजाक कर रहा है।
- गुनीत, लाभार्थी
फोन आया तो विश्वास नहीं हुआ
पहले काफी समय लगता था। फोन आया तो विश्वास नहीं हुआ। सुना था कि काफी चक्कर लगाने पड़ते हैं लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सब कुछ ऑनलाइन ही हो गया। अब इस व्यवस्था को ऐसे ही बरकरार रखना होगा। - अमरजोत चीमा, लाभार्थी
इस वेबसाइट पर मिलेंगी एस्टेट ऑफिस की सभी सेवाएं
https://estateoffice.chd.gov.in/
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डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने यूटी गेस्ट हाउस में लाभार्थियों से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। लोगों ने डीसी को बताया कि उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि उनका काम 10 दिन में हो गया है। आवेदन के बाद वह इस बात के लिए तैयार थे कि एस्टेट ऑफिस में पैसे देने पड़ेंगे, चक्कर काटने पड़ेंगे और कई महीनों बाद काम होगा। कुछ दिन पहले ही आवेदन करने के बाद वीरवार को ही एस्टेट ऑफिस से कॉल आ गया कि आपका काम हो गया है और सर्टिफिकेट ले जाएं। कुछ लोगों ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि ये कोई फर्जी नंबर है, उन्हें ठगने के लिए ऐसे कॉल कर रहा है। बाद में उन्होंने नंबर देखा तो वो एस्टेट ऑफिस का था। इस पर डीसी ने कहा कि वह मानते हैं कि एस्टेट ऑफिस को लेकर शहरवासियों के मन में धारणा ठीक नहीं है। पारदर्शिता की कमी थी। लोग बात करते थे कि क्या कभी एस्टेट ऑफिस सुधरेगा लेकिन अब सब कुछ बदल गया है। लोगों के काम 10 दिनों में हो रहे हैं। ये बहुत कठिन काम था, जिसे करने में 100 से ज्यादा कर्मचारी पिछले डेढ़ साल से लगे हुए थे।
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डीसी साहब बुला रहे हैं... सुनकर लगा डर
यूटी गेस्ट हाउस में डीसी बराड़ ने कुल 12 लोगों को मकान का हस्तांतरण और लीज होल्ड मकान बेचने के लिए एनओसी के दस्तावेज सौंपे। एक व्यक्ति ने कहा कि जब उन्हें कॉल आया कि डीसी आपको बुला रहे हैं तो वह डर गए। सोचने लगे कि उनसे ऐसी क्या गलती हो गई है कि डीसी उन्हें बुला रहे हैं। एक अन्य ने कहा कि वह तो हैरान रह गए कि एस्टेट ऑफिस में इतनी जल्दी काम कैसे हो गया। डीसी ने कहा कि अब लोगों को घर बैठे उनके फाइल की जानकारी मिल जाएगी। फाइलें सिर्फ ऑनलाइन चलेंगी और हस्ताक्षर भी डिजिटल होंगे। लोगों को मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से जानकारी मिलती रहेगी। दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।
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मुझे लगा कोई मजाक कर रहा है
ये बहुत अच्छी पहल है। दो हफ्ते पहले मेरे पिता ने आवेदन किया तो उन्होंने कहा कि अब कई महीनों के लिए भूल जाओ। 2018 में भी एस्टेट ऑफिस में काफी चक्कर लगे थे। जब मुझे कॉल आया तो मैं हैरान हो गई। पहले तो मुझे लगा कि कोई मजाक कर रहा है।
- गुनीत, लाभार्थी
फोन आया तो विश्वास नहीं हुआ
पहले काफी समय लगता था। फोन आया तो विश्वास नहीं हुआ। सुना था कि काफी चक्कर लगाने पड़ते हैं लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सब कुछ ऑनलाइन ही हो गया। अब इस व्यवस्था को ऐसे ही बरकरार रखना होगा। - अमरजोत चीमा, लाभार्थी
इस वेबसाइट पर मिलेंगी एस्टेट ऑफिस की सभी सेवाएं
https://estateoffice.chd.gov.in/