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दो साल में पहली बार बिजली की मांग पहुंची 405 मेगावाट

Sat, 03 Jul 2021 01:54 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 03 Jul 2021 01:54 AM IST
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chandigarh, Electricity demand reached 405 MW for the first time in two years
चंडीगढ़। शहरवासी इन दिनों बिजली की समस्या से परेशान हैं। रोजाना रात में लगने वाले अघोषित कट ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। भीषण गर्मी की वजह से वीरवार को शहर में बिजली की मांग पिछले दो साल में सबसे ज्यादा 405 मेगावाट रही। कई हिस्सों में बिजली गुल हुई तो कुछ अधिकारियों ने फोन उठाना बंद कर दिया, वहीं कुछ ने स्विचऑफ ही कर दिया। देर रात तक बिना बिजली के लोग परेशान होते रहे। इस दौरान एक से दो और तीन घंटे तक के कट लगे।
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वीरवार को दक्षिण के कई सेक्टरों में एक साथ बिजली गुल हो गई, जिसकी वजह से लोग हेल्पलाइन नंबरों पर फोन करते रह गए, लेकिन न तो फोन उठा, न ही देर रात तक बिजली आई। विभाग के पास सेक्टर-35, 49, 40ए, 42, 43, 51, 42बी, 44, 34, 45, 46, 44डी, 63 से बिजली कट की शिकायत मिली। इसके अलावा मनीमाजरा के कुछ इलाकों में भी पिछले कुछ दिनों से बिजली की काफी समस्या है। इससे लोगों के रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि वह बिजली गायब होने पर अधिकारियों को फोन करते हैं तो वे सुनवाई तक नहीं करते हैं और उनको समस्या के समाधान के लिए कई-कई घंटे तक फोन करना पड़ता है। हालांकि, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी की वजह से लोड बढ़ा है। विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है। इसके बावजूद शुक्रवार को भी शहर के कई हिस्सों में फॉल्ट को ठीक करने का काम चलता रहा।
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अधिकारियों का तर्क.. रात में एक साथ ऑन होते हैं एसी, बढ़ जाता है कई गुना लोड
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार आजकल रात में एक साथ एसी चलाए जाते हैं, जिसकी वजह से कई गुना लोड बढ़ जाता है। ये करीब तीन मिनट का समय होता है, जब लोड अचानक बढ़ता है। शहर में अधिकतर लोग हैं, जिन्होंने घर में मीटर कम पावर का लगाया हुआ है, जबकि उनकी खपत कहीं ज्यादा है। जिनके घर में पहले तीन एसी थे, अब छह हो गए हैं लेकिन उन्होंने मीटर की क्षमता नहीं बढ़ाई। इससे विभाग को नहीं पता चल पाता कि उस एरिया में कितनी बिजली सप्लाई की जरूरत है, इसलिए ही शहर में ये समस्या आ रही है।
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पंजाब के बिजली संकट से चंडीगढ़ में नहीं पड़ेगा असर: धमीजा
पंजाब में इन दिनों बिजली से हाहाकार मचा हुआ है। सरकारी दफ्तरों के समय को कम कर दिया गया है और एसी नहीं चलाने के आदेश दिए गए हैं। बिजली विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अनिल धमीजा का कहना है कि पंजाब के इस संकट का चंडीगढ़ पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि पंजाब से मिलने वाली सप्लाई जारी है। यह सप्लाई केंद्र की ओर से आवंटित की गई है, इसलिए कोई समस्या नहीं आएगी। बिजली की बढ़ती मांग पर उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से मांग अपनी चरम सीमा पर है। बुधवार को 381 मेगावाट और वीरवार को 405 मेगावाट बिजली की मांग रही, ये सीजन की सबसे ज्यादा खपत है। हालांकि, उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ की क्षमता 500 एमडब्ल्यू की है।
विजली विभाग के कर्मचारी
स्वीकृत पद- 1495
वर्तमान नियमित कर्मचारी- 650
आउटसोर्स- 300
कमी- 845 (आउटसोर्स के 300 कर्मी वैकल्पिक हैं)
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