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आंखों के आगे दम तोड़ रहे अन्नदाता को नहीं देख रही केंद्र सरकार : भगवंत मान
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चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने कृषि कानूनों के विरुद्ध संघर्ष कर रहे किसानों के प्रति केंद्र सरकार के रवैये की आलोचना की है। संसद में यह कहना कि केंद्र के पास राजधानी की सीमाओं पर आंदोलन के दौरान दम तोड़ने वाले किसान-मजदूरों की कोई संख्या या रिकॉर्ड नहीं, यह साबित करता है कि मोदी सरकार की आत्मा मर चुकी है। केंद्र को आंखों के सामने दम तोड़ रहा अन्नदाता दिखाई नहीं दे रहा। पंजाब सरकार शहीद किसानों के आंकड़े केंद्र सरकार को क्यों नहीं दे रही है।
बुधवार को पार्टी मुख्यालय से जारी बयान में भगवंत मान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के मामले में हिटलर की तरह व्यवहार कर रहे हैं। 8 महीनों से सरकार को कड़ाके के सर्दी व भीषण गर्मी के दौरान बीमार होकर या दुर्घटनाओं में दम तोड़ रहे आंदोलनकारी नजर नहीं आ रहे, जबकि किसानी संघर्ष के लिए कुर्बान होने वाले शहीद किसान रोजाना के अखबारों की सुर्खियां बन रहे हैं। मान ने कहा कि अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे आंदोलनकारी किसानों के प्रति हमदर्दी प्रकट करने के बजाय उनकी मौत को भी अनदेखा करना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
भगवंत मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से सवाल किया कि प्रदेश सरकार ने आंदोलनकारी शहीद किसानों, मजदूरों का आंकड़ा केंद्र सरकार को क्यों नहीं भेजा। मान ने मांग की है कि पंजाब सरकार किसान संगठनों के साथ संपर्क करके अब तक बीमारी और दुर्घटनाओं के कारण शहीद हुए आंदोलनकारियों का आंकड़ा एकत्र करके तुरंत केंद्र सरकार को भेजे, जिससे मानसून सत्र के दौरान ही उनके पीड़ित परिवारों को बनता मुआवजा केंद्र सरकार से भी दिलाया जा सके और खुद प्रदेश सरकार भी दे।
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बुधवार को पार्टी मुख्यालय से जारी बयान में भगवंत मान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के मामले में हिटलर की तरह व्यवहार कर रहे हैं। 8 महीनों से सरकार को कड़ाके के सर्दी व भीषण गर्मी के दौरान बीमार होकर या दुर्घटनाओं में दम तोड़ रहे आंदोलनकारी नजर नहीं आ रहे, जबकि किसानी संघर्ष के लिए कुर्बान होने वाले शहीद किसान रोजाना के अखबारों की सुर्खियां बन रहे हैं। मान ने कहा कि अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे आंदोलनकारी किसानों के प्रति हमदर्दी प्रकट करने के बजाय उनकी मौत को भी अनदेखा करना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
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भगवंत मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से सवाल किया कि प्रदेश सरकार ने आंदोलनकारी शहीद किसानों, मजदूरों का आंकड़ा केंद्र सरकार को क्यों नहीं भेजा। मान ने मांग की है कि पंजाब सरकार किसान संगठनों के साथ संपर्क करके अब तक बीमारी और दुर्घटनाओं के कारण शहीद हुए आंदोलनकारियों का आंकड़ा एकत्र करके तुरंत केंद्र सरकार को भेजे, जिससे मानसून सत्र के दौरान ही उनके पीड़ित परिवारों को बनता मुआवजा केंद्र सरकार से भी दिलाया जा सके और खुद प्रदेश सरकार भी दे।
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