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CBSE 12 रिजल्ट: पंचकूला की बेटियों का दबदबा, चारों संकायों में टॉप
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2016 12:29 AM IST
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पंचकूला की बेटियों का दबदबा
- फोटो : अमर उजाला
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अभी हरियाणा बोर्ड के रिजल्ट में जिले की बेटियों ने अपना दमखम दिखाया ही था और अब शनिवार को घोषित सीबीएसई बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट में भी जिले के स्कूलों में पढ़ाई कर रहीं बेटियों ने इतिहास रचा है। बेटियां अपने आपको हमेशा से साबित करती आई हैं कि वे किसी से कम नहीं हैं। इस नए इतिहास से एक बार फिर बेटियों ने साबित कर दिया कि बेटी ही बचाएगी। चारों स्ट्रीम मेडिकल, नॉन मेडिकल व आर्ट्स और कॉमर्स में जिले की बेटियों ने टॉप किया है।
पढ़ाई में एकाग्रता है टॉपर बनने का मूलमंत्र अर्पणा झा
पंचकूला सेक्टर-11 सीएलडीएवी पब्लिक स्कूल की छात्रा अर्पणा झा ने सीबीएसई 12वीं में मेडिकल स्ट्रीम में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में टॉप किया है। अर्पणा का कहना है कि पढ़ाई में एकाग्रता उसके टॉपर बनने का मूलमंत्र है। अपर्णा कैंसर स्पेशलिस्ट बनना चाहती हैं। क्योंकि उसके ग्रैंड फादर को कैंसर था। पीजीआई में उनका इलाज चला। अभी 29 मई को वह एम्स में मेडिकल में दाखिले के लिए टेस्ट देगी। पिता एसके झा गुड़गांव के एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर क्वालिटी मैनेजर हैं। मां प्रतिभा झा हाउस वाइफ हैं। वह कहती हैं कि अगर आप रिलेक्स होकर एकाग्रता के साथ पढ़ाई करते हैं तो कभी किसी भी परीक्षा में असफल नहीं होंगे। अर्पणा मूलरूप से बिहार की रहने वाली है। यहां जीरकपुर में रहती है। सीएलडीएवी पब्लिक वह पिछले दस सालों से पढ़ाई कर रही है। स्कूल की शिक्षिकाओं का कहना है कि वह स्कूल हेड गर्ल, बेस्ट डिटेक्टर है। उसकी मां कहती है कि सर्दी में कभी भी बेड पर रजाई में बैठकर पढ़ाई नहीं किया। हमेशा कहती थी कि मां आराम मिलेगा तो नींद आएगी। इसलिए कुर्सी पर बैठकर पढ़ना ही मुनासिब होगा।
आर्ट्स टॉपर का कॉरपोरेट एडवोकेट बनने का सपना
जिले की आर्ट्स टॉपर आशिमा शर्मा का कॉरपोरेट एडवोकेट बनने का सपना है। वह अपना आइडल रामजेठमलानी को मानती है। वह उनका एक इंटरव्यू छोड़ती नहीं है। अभी उसने कॉमन लॉ में दाखिले के लिए एडमिशन टेस्ट दिया है। उसे उसके क्लास के सहपाठी अच्छा स्पीकर मानने हैं। आशिमा भवन विद्यालय की छात्रा है। उसने 96.6 प्रतिशत अंक हासिल कर आट्र्स में टॉप किया है। आशिमा के पिता मनोज कुमार शर्मा एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर मैनेजर हैं। उसकी मां मंजू शर्मा हाउस वाइफ हैं। नियमित आशिमा ने दो घंटे रोजाना स्टडी की है।
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आर्मी ऑफिसर की बेटी ने कॉमर्स में जिले की टॉपर बनीं
ब्रिगेडियर वी सैनी की बेटी हरनूर ने 12वीं में सीबीएसई बोर्ड से जिले में कॉमर्स स्ट्रीम में टॉप किया है। हरनूर भवन विद्यालय में पढ़ती हैं और तीन साल पहले उन्होंने स्कूल में एडमिशन लिया था। इससे पहले हरनूर की पढ़ाई आर्मी स्कूल में हुई है। वह चंडी मंदिर कैंट में रहती है। हरनूर ने 95 फीसदी अंक हासिल किए हैं। हरनूर का कहना है वह बिजनेस मैनेजमेंट में अपनी धाक जमाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि मार्केटिंग मैनेजमेंट भी अपना कैरियर बनाना चाहती हैं। उनकी मां डिपी सैनी ने कहा कि उनकी बेटी रुटीन में चार से पांच घंटे और परीक्षा के समय दस घंटे स्टडी करती थी।
नॉन मेडिकल में इशिता पांडे का जलवा
नॉन मेडिकल स्ट्रीम में इशिता ने टॉप किया है। इशिता भवन विद्यालय की स्टूडेंट है। उसके पिता डीएन पांडे बेल फैक्ट्री में डीजीएम हैं। इशिता को कंप्यूटर साइंस पसंद है और वह इंजीनियर बनना चाहती हैं। इशिता में इंजीनियर बनने की यह ललक उनके पिता के कारण जगी है। इशिता की मां रुचि पांडे हाउस वाइफ हैं। इशिता पांडे ने बताया कि वह रोजाना ढाई घंटे तक स्टडी करती थी।
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पढ़ाई में एकाग्रता है टॉपर बनने का मूलमंत्र अर्पणा झा
पंचकूला सेक्टर-11 सीएलडीएवी पब्लिक स्कूल की छात्रा अर्पणा झा ने सीबीएसई 12वीं में मेडिकल स्ट्रीम में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में टॉप किया है। अर्पणा का कहना है कि पढ़ाई में एकाग्रता उसके टॉपर बनने का मूलमंत्र है। अपर्णा कैंसर स्पेशलिस्ट बनना चाहती हैं। क्योंकि उसके ग्रैंड फादर को कैंसर था। पीजीआई में उनका इलाज चला। अभी 29 मई को वह एम्स में मेडिकल में दाखिले के लिए टेस्ट देगी। पिता एसके झा गुड़गांव के एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर क्वालिटी मैनेजर हैं। मां प्रतिभा झा हाउस वाइफ हैं। वह कहती हैं कि अगर आप रिलेक्स होकर एकाग्रता के साथ पढ़ाई करते हैं तो कभी किसी भी परीक्षा में असफल नहीं होंगे। अर्पणा मूलरूप से बिहार की रहने वाली है। यहां जीरकपुर में रहती है। सीएलडीएवी पब्लिक वह पिछले दस सालों से पढ़ाई कर रही है। स्कूल की शिक्षिकाओं का कहना है कि वह स्कूल हेड गर्ल, बेस्ट डिटेक्टर है। उसकी मां कहती है कि सर्दी में कभी भी बेड पर रजाई में बैठकर पढ़ाई नहीं किया। हमेशा कहती थी कि मां आराम मिलेगा तो नींद आएगी। इसलिए कुर्सी पर बैठकर पढ़ना ही मुनासिब होगा।
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आर्ट्स टॉपर का कॉरपोरेट एडवोकेट बनने का सपना
जिले की आर्ट्स टॉपर आशिमा शर्मा का कॉरपोरेट एडवोकेट बनने का सपना है। वह अपना आइडल रामजेठमलानी को मानती है। वह उनका एक इंटरव्यू छोड़ती नहीं है। अभी उसने कॉमन लॉ में दाखिले के लिए एडमिशन टेस्ट दिया है। उसे उसके क्लास के सहपाठी अच्छा स्पीकर मानने हैं। आशिमा भवन विद्यालय की छात्रा है। उसने 96.6 प्रतिशत अंक हासिल कर आट्र्स में टॉप किया है। आशिमा के पिता मनोज कुमार शर्मा एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर मैनेजर हैं। उसकी मां मंजू शर्मा हाउस वाइफ हैं। नियमित आशिमा ने दो घंटे रोजाना स्टडी की है।
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आर्मी ऑफिसर की बेटी ने कॉमर्स में जिले की टॉपर बनीं
ब्रिगेडियर वी सैनी की बेटी हरनूर ने 12वीं में सीबीएसई बोर्ड से जिले में कॉमर्स स्ट्रीम में टॉप किया है। हरनूर भवन विद्यालय में पढ़ती हैं और तीन साल पहले उन्होंने स्कूल में एडमिशन लिया था। इससे पहले हरनूर की पढ़ाई आर्मी स्कूल में हुई है। वह चंडी मंदिर कैंट में रहती है। हरनूर ने 95 फीसदी अंक हासिल किए हैं। हरनूर का कहना है वह बिजनेस मैनेजमेंट में अपनी धाक जमाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि मार्केटिंग मैनेजमेंट भी अपना कैरियर बनाना चाहती हैं। उनकी मां डिपी सैनी ने कहा कि उनकी बेटी रुटीन में चार से पांच घंटे और परीक्षा के समय दस घंटे स्टडी करती थी।
नॉन मेडिकल में इशिता पांडे का जलवा
नॉन मेडिकल स्ट्रीम में इशिता ने टॉप किया है। इशिता भवन विद्यालय की स्टूडेंट है। उसके पिता डीएन पांडे बेल फैक्ट्री में डीजीएम हैं। इशिता को कंप्यूटर साइंस पसंद है और वह इंजीनियर बनना चाहती हैं। इशिता में इंजीनियर बनने की यह ललक उनके पिता के कारण जगी है। इशिता की मां रुचि पांडे हाउस वाइफ हैं। इशिता पांडे ने बताया कि वह रोजाना ढाई घंटे तक स्टडी करती थी।