चंडीगढ़। खराब आर्थिक स्थिति के कारण जुर्माना राशि न चुका पाने के चलते जेल में मौजूद कैदियों को जेल से बाहर आने के लिए आर्थिक सहायता से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। आप निश्चिंत रहिए केंद्र की इस योजना का पालन होगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने योजना के सही पालन से जुड़ी याचिका का निपटारा करते हुए यह टिप्पणी की है। याचिका दाखिल करते हुए चंडीगढ़ निवासी एडवोकेट सनप्रीत सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने गरीब कैदियों के लिए योजना तैयार की है। इस योजना के तहत ऐसे कैदी जो सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन जुर्माना राशि जमा न करवाने के चलते अतिरिक्त कैद भुगत रहे हैं, उन्हें जेल से बाहर निकालने के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान है। साथ ही अंडर ट्रायल कैदी जिन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन जमानत राशि जमा न करवा पाने के चलते कैद में हैं उन्हें भी जेल से बाहर निकलने में आर्थिक मदद का प्रावधान है।
याची ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में इस योजना के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर सतिंदर कुमार बनाम सीबीआई मामला सुप्रीम कोर्ट मेंं विचाराधीन है। इस मामले में देश की सभी सरकार पक्ष हैं और ऐसे में याची विश्वास रखे कि वहां से इस योजना का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित होगा। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याची को छूट दी कि यदि उसकी भविष्य में उसकी कोई मांग बिना विचार के रह जाती है तो वह हाईकोर्ट की शरण ले सकेगा।