फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Cactus awaits appreciation, Asia's largest garden bereft of tourists

Panchkula News: कैक्टस को कद्रदानों का इंतजार, एशिया का सबसे बड़ा गार्डन पर्यटकों से महरूम

Mon, 04 Dec 2023 01:16 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Dec 2023 01:16 AM IST
विज्ञापन
Cactus awaits appreciation, Asia's largest garden bereft of tourists
देखरेख पर सालाना होता है 25 लाख रुपये खर्च, 8 मालियों की यहां रहती है ड्यूटी
विज्ञापन





संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन पर्यटकों के लिए तरस गया है। गार्डन में लगे अलग-अलग तरह के कैक्टस और गूदेदार 3500 पौधों को देखने के लिए वर्तमान में केवल 60 से 70 लोग ही जुट रहे हैं। गार्डन में प्रवेश के लिए केवल दस रुपये प्रति व्यक्ति फीस रखा गया है, इसके बावजूद केवल कपल ही समय बिताने के लिए यहां पहुंचते हैं। वार्षिक 20-25 लाख खर्च करने के बावजूद प्रवेश फीस से विभाग को केवल आठ से नौ हजार रुपये की आमदन हो रही है। पंचकूला के सेक्टर-5 में एशिया के सबसे बड़े कैक्टस गार्डन को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। फीस कम होने के बावजूद स्थानीय लोग यहां आने में रुचि नहीं दिखाते हैं। गार्डन की मैनेजर का मानना है कि लोगों को जानकारी न होना इसका मुख्य कारण है। लोगों को जागरूक करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पंपलेट बांटने के अलावा हरियाणा टूरिज्म की साइट पर भी पर्यटकों को जानकारी दी गई है। जानकारी के अनुसार स्थानीय लोग इस पार्क में कम आते हैं।
देखरेख में खर्च होते हैं 25 लाख
गार्डन की देखरेख में 20 से 25 लाख रुपये सालाना खर्च आता है। गार्डन की देखरेख आठ माली करते हैं। गार्डन में हर एक पौधे की रोजाना देखभाल की जाती है। कैक्टस के कई पौधे ऐसे हैं जो बीस से तीस साल पुराने हैं। इसके अलावा गार्डन में पांच ग्लास हाउस हैं, जिसमें कैक्टस के पौधों की देखभाल की जाती है।
विज्ञापन




गार्डन में लगे हैं विदेशी कैक्टस
गार्डन में मैक्सिको, साउथ अफ्रीका सहित अन्य देशों के कैक्टस लगे हैं। विदेशी कैक्टस को भारतीय पर्यावरण के अनुकूल रखा जाता है ताकि वह ठीक से उग सकें। जो कैक्टस उग नहीं पाते उन्हें ग्राफ्टिंग तकनीक का इस्तेमाल करके उगाया जाता है। गार्डन करीब आठ एकड़ में फैला हुआ है। गार्डन को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक पर्यटकों के लिए खोला जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



पर्यटकों की संख्या घटने का कारण लोगों को गार्डन की जानकारी ना होना है। स्थानीय लोग कम आते हैं। स्प्रिंग फेस्ट भी होता है जिसमें दो दिन के लिए लोगों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए पूरे साल प्रवेश फ्री रहता है। पार्क में गलत एक्टिविटी ना हो हर घंटे चक्कर लगाकर चेक किया जाता है। - निधि भारद्वाज, मैनेजर, कैक्टस गार्डन

गार्डन सुंदर और काफी अच्छा बना हुआ है। हमें पता था कैक्टस गार्डन है, लेकिन यह नहीं पता था कि एशिया का सबसे बड़ा गार्डन है। लोगों को घूमने जरूर आना चाहिए। गार्डन में काफी प्रकार के कैक्टस के पौधे लगे हैं। - नेहा सिंह, पर्यटक


गार्डन की फीस काफी कम है। मैं परिवार के साथ बच्चों को गार्डन दिखाने के लिए आया था। बच्चे गार्डन देखकर काफी खुश हुए हैं। बच्चों को गार्डन दिखाने के लिए जरूर लाना चाहिए। - अमित गर्ग, पर्यटक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed