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राइस मिल, स्कूलों, शेड में बनेंगे नए फसल खरीद केंद्र

Thu, 15 Apr 2021 09:04 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 15 Apr 2021 09:04 PM IST
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Build new crop buying centers in rice mills, schools and sheds: Manohar
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने फसल खरीद को पटरी पर लाने के लिए खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। मंडियों में आवक अधिक व प्रबंध कम पड़ने पर कुछ जगह खरीद 24 घंटे रोकनी पड़ी थी।
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वीरवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी डीसी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिए कि खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए। इसका उद्देश्य जल्द से जल्द फसल खरीदकर मंडियों में भीड़ को कम करना है। आगामी 10-12 दिन के लिए राइस मिल, स्कूलों और शेड आदि में खरीद केंद्र बनाए जाएं। इससे खरीद तेज से हो सकेगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जिलों में उठान कम हो रहा है। इसके लिए उन्होंने सोनीपत, पानीपत, हिसार, जींद, सिरसा, दादरी, फतेहाबाद, गुरुग्राम और पलवल जिलों के डीसी को सख्त निर्देश दिए। मनोहर ने कहा कि इस शनिवार को बारिश के आसार बन रहे हैं, इसलिए उठान का कार्य जल्द से जल्द किया जाए। किसानों, आढ़तियों या सरकार को किसी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए। सरकार ने फसल खरीद के उचित प्रबंध मंडियों में किए हैं। अधिकारी किसानों व आढ़तियों के साथ समन्वय स्थापित कर खरीद को जल्दी पूरा कराएं।
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मंडियों में वारदाना न किसानों को भुगतान : सैलजा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा है कि मंडियों में गेहूं व सरसों खरीद के सभी दावे खोखले साबित हुए हैं। मंडियों में न तो किसानों की फसलों की खरीद हो रही है और न ही उठान का कोई प्रबंध है। वारदाना नहीं होने की वजह से अधिकांश मंडियों में अव्यवस्था का आलम है। वारदाना व तिरपाल की कमी से किसानों की फसल सुरक्षित नहीं है। किसानों की फसलों का ‘जे-फार्म’ कटने के 72 घंटों के भीतर भुगतान के दावे धराशायी हो गए हैं। हजारों किसानों को सप्ताहभर से भुगतान नहीं हुआ है। आढ़तियों और सरकार के बीच चल रहे तनाव का असर भी मंडियों में खरीद पर पड़ा है। किसानों का लाखों टन गेहूं मंडियों में खुले में है। मौसम में आ रहे बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अगर बारिश होती है तो मंडियों में पड़ा किसानों का अनाज भीगेगा और फिर सरकार नमी के नाम पर किसानों के साथ ठगी करेगी। खुद मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र करनाल की मंडियों में वारदाने की कमी की वजह से अनाज का उठान नहीं हो पा रहा। राज्य सरकार से मांग की है कि किसानों को उनकी फसलों का तुरंत भुगतान किया जाए। उन्होंने आढ़तियों की मांगों को भी मानने का आग्रह सरकार से किया है।
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