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दोनों पक्ष शांति से रहना चाहते हैं, यह दलील स्वीकार कर नहीं की जा सकती एफआईआर रद्द
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चंडीगढ़। हत्या के प्रयास मामले में पीड़ित पक्ष से समझौते की बात कहते हुए एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि हत्या का प्रयास जघन्य अपराध है और दोनों पक्ष शांति से रहना चाहते हैं यह दलील स्वीकार कर एफआईआर खारिज नहीं की जा सकती।
याचिका दाखिल करते हुए कैथल निवासी अमन लोहान ने बताया कि हत्या के प्रयास मामले में 2 नवंबर 2019 को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले का ट्रायल लंबित है और इसी बीच दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इसके बाद 21 मार्च 2022 को पीड़ित पक्ष ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष दलील दी कि वह इस एफआईआर पर आगे ट्रायल को जारी नहीं रखना चाहता है। इसके बाद याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि दोनों पक्ष शांति से रहना चाहते हैं और ऐसे में एफआईआर को रद्द किया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने कहा कि हत्या का प्रयास जघन्य अपराध है और दोस्ती की पृष्ठभूमि, पारिवारिक निकटता, मजबूत बंधन या संबंधों में होने की स्थिति के बिना एफआईआर रद्द करने का कोई औचित्य नहीं है। केवल यह दलील देना कि दोनों पक्ष शांति से रहना चाहते हैं एफआईआर रद्द करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया।
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याचिका दाखिल करते हुए कैथल निवासी अमन लोहान ने बताया कि हत्या के प्रयास मामले में 2 नवंबर 2019 को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले का ट्रायल लंबित है और इसी बीच दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इसके बाद 21 मार्च 2022 को पीड़ित पक्ष ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष दलील दी कि वह इस एफआईआर पर आगे ट्रायल को जारी नहीं रखना चाहता है। इसके बाद याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि दोनों पक्ष शांति से रहना चाहते हैं और ऐसे में एफआईआर को रद्द किया जाना चाहिए।
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हाईकोर्ट ने कहा कि हत्या का प्रयास जघन्य अपराध है और दोस्ती की पृष्ठभूमि, पारिवारिक निकटता, मजबूत बंधन या संबंधों में होने की स्थिति के बिना एफआईआर रद्द करने का कोई औचित्य नहीं है। केवल यह दलील देना कि दोनों पक्ष शांति से रहना चाहते हैं एफआईआर रद्द करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया।
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