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ब्लैक फंगस : ब्लैक फंगस की पुष्टि, पीजीआई रेफर, रायपुररानी निवासी में हुई पुष्टि, दस दिन में नौ मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क
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पंचकूला। कोरोना के साथ-साथ अब ब्लैक फंगस ने जिले के लोगों में दहशत पैदा कर दी है। पंचकूला में दस दिन के अंतराल पर नौ मामले सामने आ चुके हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या में दिन-प्रतिदिन बढ़ोत्तरी होती जा रही है। रविवार को रायपुररानी निवासी में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। जांच के बाद मरीज को पीजीआई रेफर कर दिया गया। पिछले पांच दिन में मरीजों की संख्या में करीब चार गुना तक बढ़ोतरी हुई है। सीएमओ डॉ. जसजीत कौर का कहना है कि कोरोना के मरीजों में यह लक्षण सामने आए हैं। इसमें कालका, पिंजौर, रायपुररानी और मोरनी के मरीजों में ब्लैक फंगस के केस सामने आए हैं।
डॉ. जसजीत कौर ने बताया कि ब्लैक फंगस होने पर मरीज तनाव ना लें और लक्षण मिलने पर बिना समय गंवाए तुरंत प्रभाव से डॉक्टर से संपर्क करें। मरीज को मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है। महामारी के कारण तनावग्रस्त होने वाले लोगों को मानसिक रूप से सबल करने के लिए मनोवैज्ञानिकों की ड्यूटी लगाई है। पीड़ित व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन के माध्यम से परामर्श ले सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य कोविड हेल्पलाइन नंबर 1075 और 855889311 में आईवीआर-6 (इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस-6) जोड़ दिया है। यह हेल्पलाइन कॉल करने वाले एक पीड़ित व्यक्ति को एक मनोवैज्ञानिक से जोड़ती है, जो उन्हें जरूरत के अनुसार सलाह देता है। वर्तमान में ऐसे 12 मनोवैज्ञानिकों की ड्यूटी लगाई गई है जो सप्ताह के सातों दिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक अलग-अलग समय-स्लॉट में उपलब्ध रहेेंगे।
ब्लैक फंगस के बारे में जानकारी तुरंत साझा करें
सीएमओ डॉ. जसजीत कौर ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखें तो उन्हें तुरंत जानकारी साझा करना चाहिए। बीमारी के इलाज में कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों या डॉक्टरों (जिनमें आंख, नाक, कान के सर्जन, जनरल सर्जन, न्यूरो व डेंटल सर्जन) शामिल किया गया है।
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जिला अस्पताल में कोरोना के बाद 9 ब्लैक फंगस के केस सामने आए हैं। इनकी काउंसिलिंग करने के बाद पीजीआई और मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। इनका इलाज किया जा रहा है। दवा की कमी के मद्देनजर इसको बाहर से इंपोर्ट किया जाएगा। - डॉ. जसजीत कौर, सीएमओ,सिविल अस्पताल, सेक्टर-6
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डॉ. जसजीत कौर ने बताया कि ब्लैक फंगस होने पर मरीज तनाव ना लें और लक्षण मिलने पर बिना समय गंवाए तुरंत प्रभाव से डॉक्टर से संपर्क करें। मरीज को मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है। महामारी के कारण तनावग्रस्त होने वाले लोगों को मानसिक रूप से सबल करने के लिए मनोवैज्ञानिकों की ड्यूटी लगाई है। पीड़ित व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन के माध्यम से परामर्श ले सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य कोविड हेल्पलाइन नंबर 1075 और 855889311 में आईवीआर-6 (इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस-6) जोड़ दिया है। यह हेल्पलाइन कॉल करने वाले एक पीड़ित व्यक्ति को एक मनोवैज्ञानिक से जोड़ती है, जो उन्हें जरूरत के अनुसार सलाह देता है। वर्तमान में ऐसे 12 मनोवैज्ञानिकों की ड्यूटी लगाई गई है जो सप्ताह के सातों दिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक अलग-अलग समय-स्लॉट में उपलब्ध रहेेंगे।
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ब्लैक फंगस के बारे में जानकारी तुरंत साझा करें
सीएमओ डॉ. जसजीत कौर ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखें तो उन्हें तुरंत जानकारी साझा करना चाहिए। बीमारी के इलाज में कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों या डॉक्टरों (जिनमें आंख, नाक, कान के सर्जन, जनरल सर्जन, न्यूरो व डेंटल सर्जन) शामिल किया गया है।
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जिला अस्पताल में कोरोना के बाद 9 ब्लैक फंगस के केस सामने आए हैं। इनकी काउंसिलिंग करने के बाद पीजीआई और मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। इनका इलाज किया जा रहा है। दवा की कमी के मद्देनजर इसको बाहर से इंपोर्ट किया जाएगा। - डॉ. जसजीत कौर, सीएमओ,सिविल अस्पताल, सेक्टर-6