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Panchkula News: अमरूद बाग घोटाले की आरोपी जसमीन कौर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक
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आईएएस अधिकारी राजेश धीमान की पत्नी पर विजिलेंस ने दर्ज की थी एफआईआर
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये का मुआवजा लेने से जुड़ा हुआ है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अमरूद बाग मुआवजा घोटाले की आरोपी जसमीन कौर को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही पंजाब सरकार व विजिलेंस ब्यूरो को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
आईएएस अधिकारी राजेश धीमान की पत्नी जसमीन कौर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने करोड़ों रुपये के कथित अमरूद बाग मुआवजा घोटाले में 2 मई 2023 को मोहाली में एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर के अनुसार याची उन 18 आरोपियों में से है जिन्होंने मोहाली के बकरपुर गांव में अमरूद के बागों के अधिग्रहण के लिए फर्जी दस्तावेज सौंपे थे। इन दस्तावेजों के आधार पर सरकार से मुआवजे के रूप में करोड़ों रुपये लेने का याचिकाकर्ता व अन्य पर आरोप है।
एफआईआर के अनुसार जब भूमि अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया को आरंभ किया गया तो याचिकाकर्ता के पति राजेश धीमान ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी में वरिष्ठ पद पर तैनात थे। भूमि अधिग्रहण के बारे में पूर्व में जानकारी होने के चलते उस समय कई आरोपियों ने मुआवजे की मोटी रकम वसूल करने के लिए भूमि को पहले ही खरीद लिया। इसके साथ ही कुछ ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे यह दिखाया कि उनकी भूमि पर अमरूद के बाग हैं और ऐसा कर उन्होंने मुआवजे के रूप में बड़ी रकम वसूली।
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अग्रिम जमानत की मांग को लेकर दाखिल याचिका में जसमीन कौर ने बताया कि उस पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं और उसे राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। याची ने यह भूमि 2018 में खरीदी थी और जब जमीन खरीदी गई थी तब भी वह बाग के तौर पर पंजीकृत थी। मुआवजा देने से पहले बागवानी विभाग के अधिकारियों ने इसका निरीक्षण भी किया था।
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फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये का मुआवजा लेने से जुड़ा हुआ है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अमरूद बाग मुआवजा घोटाले की आरोपी जसमीन कौर को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही पंजाब सरकार व विजिलेंस ब्यूरो को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
आईएएस अधिकारी राजेश धीमान की पत्नी जसमीन कौर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने करोड़ों रुपये के कथित अमरूद बाग मुआवजा घोटाले में 2 मई 2023 को मोहाली में एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर के अनुसार याची उन 18 आरोपियों में से है जिन्होंने मोहाली के बकरपुर गांव में अमरूद के बागों के अधिग्रहण के लिए फर्जी दस्तावेज सौंपे थे। इन दस्तावेजों के आधार पर सरकार से मुआवजे के रूप में करोड़ों रुपये लेने का याचिकाकर्ता व अन्य पर आरोप है।
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एफआईआर के अनुसार जब भूमि अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया को आरंभ किया गया तो याचिकाकर्ता के पति राजेश धीमान ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी में वरिष्ठ पद पर तैनात थे। भूमि अधिग्रहण के बारे में पूर्व में जानकारी होने के चलते उस समय कई आरोपियों ने मुआवजे की मोटी रकम वसूल करने के लिए भूमि को पहले ही खरीद लिया। इसके साथ ही कुछ ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे यह दिखाया कि उनकी भूमि पर अमरूद के बाग हैं और ऐसा कर उन्होंने मुआवजे के रूप में बड़ी रकम वसूली।
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अग्रिम जमानत की मांग को लेकर दाखिल याचिका में जसमीन कौर ने बताया कि उस पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं और उसे राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। याची ने यह भूमि 2018 में खरीदी थी और जब जमीन खरीदी गई थी तब भी वह बाग के तौर पर पंजीकृत थी। मुआवजा देने से पहले बागवानी विभाग के अधिकारियों ने इसका निरीक्षण भी किया था।