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भारत बंद : पांच जिलों में बंद का असर नहीं, ५५७ बसें ही चलीं
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चंडीगढ़। हरियाणा में भारत बंद शांतिपूर्ण रहा। कहीं कोई हिंसक घटना नहीं हुई। 22 में से 5 जिलों में किसानों के विरोध-प्रदर्शन का असर नहीं दिखा। रोडवेज बस सेवा प्रभावित हुई। केवल 557 बसें ही सड़कों पर उतरीं। व्यापारियों ने बंद का समर्थन करते हुए अनाज मंडियों में खरीद नहीं की।
प्रदेश में भारत बंद का प्रभाव मुख्य रूप से सड़कें व ट्रेन रोकने पर रहा। इंटर सिटी सड़कों के साथ ट्रेन यातायात में बाधा उत्पन्न हुई। शहरों और कस्बों के भीतर गतिविधियों पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, नारनौल, रेवाड़ी और नूंह जिलों में बंद के आह्वान का कोई असर दिखाई नहीं दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में किसी भी तरह की हिंसक घटना की सूचना नहीं है। बंद का रोडवेज पर असर रहा। रोजाना 2500 से अधिक बसें सड़कों पर उतरती हैं, सोमवार को यह आंकड़ा पांच गुणा कम हो गया। बंद के कारण लोग भी घरों से कम ही निकले। सवारियां कम होने पर परिवहन विभाग ने सीमित संख्या में ही बसों का संचालन किया।
परिवहन निदेशक डॉ. वीरेंद्र दहिया ने बताया कि अंबाला डिपो में विभिन्न रूट पर 39, भिवानी डिपो की 19, चंडीगढ़ डिपो की 10, चरखी दादरी डिपो की 6, दिल्ली डिपो की 12, फरीदाबाद डिपो की 38, फतेहाबाद डिपो की 8, गुरुग्राम डिपो की 12, हिसार डिपो की 11, जींद डिपो की 23, झज्जर डिपो की 19, कुरुक्षेत्र डिपो की 9, कैथल डिपो की 13, करनाल डिपो की 34, नूंह डिपो की 25, नारनौल डिपो की 56, पानीपत डिपो की 4, पलवल डिपो की 58, पंचकूला डिपो की 30, रोहतक डिपो की 1, रेवाड़ी डिपो की 97, सोनीपत-सिरसा डिपो की 13-13 व यमुनानगर डिपो की 7 बसों ने सोमवार को बंद के दौरान सेवाएं दी।
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भारत बंद के समर्थन में हरियाणा की अनाज मंडियों में पूरी तरह हड़ताल रही। किसी भी मंडी में खरीद नहीं हुई। व्यापारियों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ रोष जताया। प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से किसान संगठनों के साथ बातचीत कर आंदोलन को खत्म कराने और तरक्की के बंद पड़े रास्तों को खुलवाने का आग्रह किया है।
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प्रदेश में भारत बंद का प्रभाव मुख्य रूप से सड़कें व ट्रेन रोकने पर रहा। इंटर सिटी सड़कों के साथ ट्रेन यातायात में बाधा उत्पन्न हुई। शहरों और कस्बों के भीतर गतिविधियों पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, नारनौल, रेवाड़ी और नूंह जिलों में बंद के आह्वान का कोई असर दिखाई नहीं दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में किसी भी तरह की हिंसक घटना की सूचना नहीं है। बंद का रोडवेज पर असर रहा। रोजाना 2500 से अधिक बसें सड़कों पर उतरती हैं, सोमवार को यह आंकड़ा पांच गुणा कम हो गया। बंद के कारण लोग भी घरों से कम ही निकले। सवारियां कम होने पर परिवहन विभाग ने सीमित संख्या में ही बसों का संचालन किया।
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परिवहन निदेशक डॉ. वीरेंद्र दहिया ने बताया कि अंबाला डिपो में विभिन्न रूट पर 39, भिवानी डिपो की 19, चंडीगढ़ डिपो की 10, चरखी दादरी डिपो की 6, दिल्ली डिपो की 12, फरीदाबाद डिपो की 38, फतेहाबाद डिपो की 8, गुरुग्राम डिपो की 12, हिसार डिपो की 11, जींद डिपो की 23, झज्जर डिपो की 19, कुरुक्षेत्र डिपो की 9, कैथल डिपो की 13, करनाल डिपो की 34, नूंह डिपो की 25, नारनौल डिपो की 56, पानीपत डिपो की 4, पलवल डिपो की 58, पंचकूला डिपो की 30, रोहतक डिपो की 1, रेवाड़ी डिपो की 97, सोनीपत-सिरसा डिपो की 13-13 व यमुनानगर डिपो की 7 बसों ने सोमवार को बंद के दौरान सेवाएं दी।
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भारत बंद के समर्थन में हरियाणा की अनाज मंडियों में पूरी तरह हड़ताल रही। किसी भी मंडी में खरीद नहीं हुई। व्यापारियों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ रोष जताया। प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से किसान संगठनों के साथ बातचीत कर आंदोलन को खत्म कराने और तरक्की के बंद पड़े रास्तों को खुलवाने का आग्रह किया है।