{"_id":"685713a27c930f6c5b0a82ff","slug":"beggary-act-will-be-amended-governments-decision-to-end-child-begging-dr-baljit-kaur-panchkula-news-c-16-1-pkl1082-743005-2025-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैगरी एक्ट में होगा संशाोधन, बाल भिक्षावृत्ति के खात्मे के लिए सरकार का फैसला : डॉ. बलजीत कौर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैगरी एक्ट में होगा संशाोधन, बाल भिक्षावृत्ति के खात्मे के लिए सरकार का फैसला : डॉ. बलजीत कौर
विज्ञापन
चंडीगढ़। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों को भिक्षावृत्ति की सामाजिक बुराई से बचाने के लिए अहम फैसले लेने जा रही है। पंजाब बैगरी एक्ट (1971) में संशोधन किए जाएंगे।
इन संशोधनों के माध्यम से ट्रैफिक लाइटों और चौराहों पर बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोहों, माता-पिता या अभिभावकों के खिलाफ सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। साथ ही विशेष टीमें भी तैनात की जाएंगी। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार ने राज्य के विभिन्न शहरों और कस्बों में ट्रैफिक लाइटों और चौराहों पर बच्चों से भीख मंगवाने वाले आपराधिक गिरोहों का पता लगाने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष टीमें बनाने का फैसला किया है। ये टीमें बच्चों को बचाकर उनके पुनर्वास के लिए सरकारी योजनाओं के तहत उचित इलाज, शिक्षा और आवास उपलब्ध कराएंगी।
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए कि यदि कोई भी व्यक्ति, माता-पिता या अभिभावक बच्चों से भीख मंगवाते हुए पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे व्यक्ति सजा के पात्र होंगे। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि जुलाई 2024 से राज्य के सभी जिलों में जेजे एक्ट के तहत प्रोजेक्ट जीवनजोत चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 286 बच्चे बचाए गए हैं। इस साल पंजाब राज्य के 5 बड़े शहरों अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मोहाली और बठिंडा में एक प्रोजेक्ट स्माइल की शुरुआत की जाएगी। इसके माध्यम से सड़कों और बाजारों में भीख मांगते बच्चों की पहचान कर उनके डीएनए टेस्ट करवाए जाएंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वो बच्चे किस परिवार से संबंधित हैं। बाल तस्करी के मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन संशोधनों के माध्यम से ट्रैफिक लाइटों और चौराहों पर बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोहों, माता-पिता या अभिभावकों के खिलाफ सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। साथ ही विशेष टीमें भी तैनात की जाएंगी। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार ने राज्य के विभिन्न शहरों और कस्बों में ट्रैफिक लाइटों और चौराहों पर बच्चों से भीख मंगवाने वाले आपराधिक गिरोहों का पता लगाने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष टीमें बनाने का फैसला किया है। ये टीमें बच्चों को बचाकर उनके पुनर्वास के लिए सरकारी योजनाओं के तहत उचित इलाज, शिक्षा और आवास उपलब्ध कराएंगी।
विज्ञापन
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए कि यदि कोई भी व्यक्ति, माता-पिता या अभिभावक बच्चों से भीख मंगवाते हुए पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे व्यक्ति सजा के पात्र होंगे। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि जुलाई 2024 से राज्य के सभी जिलों में जेजे एक्ट के तहत प्रोजेक्ट जीवनजोत चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 286 बच्चे बचाए गए हैं। इस साल पंजाब राज्य के 5 बड़े शहरों अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मोहाली और बठिंडा में एक प्रोजेक्ट स्माइल की शुरुआत की जाएगी। इसके माध्यम से सड़कों और बाजारों में भीख मांगते बच्चों की पहचान कर उनके डीएनए टेस्ट करवाए जाएंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वो बच्चे किस परिवार से संबंधित हैं। बाल तस्करी के मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन