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हरियाणा में छुट्टी पर गए बीडीपीओ और ग्राम सचिव

Thu, 30 Jun 2022 01:33 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 30 Jun 2022 01:33 AM IST
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BDPO and Village Secretary went on mass leave in Haryana, development work affected
चंडीगढ़। लंबित मांगों को लेकर पिछले एक माह से संघर्ष कर रहे प्रदेशभर के सभी बीडीपीओ और ग्राम सचिव सामूहिक रूप से छुट्टी पर चले गए हैं। वे वीरवार को भी छुट्टी पर ही रहेंगे। इससे ग्राम पंचायतों से संबंधित विकास कार्य प्रभावित रहे। वहीं, पिछले एक माह से बीडीपीओ किसी भी ठेकेदार की पेमेंट नहीं कर रहे हैं। ऐसे में ठेकेदारों की करोड़ों रुपये की पेमेंट अटक गई है। पंचायती राज प्रशासनिक सेवा संघ ने चेताया कि अगर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन शुरू करेंगे।
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पंचायती राज प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर पहले से घोषित शेड्यूल के अनुसार प्रदेशभर में बुधवार को सभी बीडीपीओ और ग्राम सचिव सामूहिक हड़ताल पर रहे और कार्यालयों में नहीं गए। पिछले एक साल से अधिक समय से ग्राम पंचायतों के चुनाव नहीं होने के कारण बीडीपीओ को ही पंचायतों का प्रशासक लगाया हुआ है। दो दिन के छुट्टी पर जाने के चलते ग्राम पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित होंगे। इससे प्रदेश के सभी जिलों में 86 ब्लॉकों में विकास कार्य प्रभावित होने तय हैं।
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संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि मांगों को लेकर वह कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। 23 मई को सभी डीसी को ज्ञापन भी दिए थे। इसके बाद 13 जून को मंत्री देंवेंद्र बबली के साथ बैठक हुई थी। उसमें एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की बैठक 20 जून को बुलाई गई, लेकिन उसमें कोई अधिकारी नहीं आए। संघ के सदस्य अधिकारियों का इंतजार करते रहे। अधिकारियों के रवैये को देखते हुए संघ ने सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला लिया है।
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इसलिए कर रहे हैं विरोध
संघ ग्राम सचिव और बीडीपीओ के ग्रेड पे को बढ़ाने की मांग कर रहा है। इसके अलावा, करीब 6 माह पहले सरकार ने बीडीपीओ की लिमिट 25 हजार रुपये खर्च तय कर दी है। असल विरोध इसी फैसले को लेकर है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि गांवों में 25 हजार रुपये की राशि बहुत कम है। कई बार इससे अधिक के भी विकास कार्य होते हैं जो तुरंत कराने होते हैं। इसलिए इससे गांवों में विकास कार्य प्रभावित होंगे।
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