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Panchkula News: एम3एम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी ललित गोयल को जमानत
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पंचकूला। ईडी की अदालत ने एम3एम मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी रियल स्टेट फर्म आईआरईओ के मालिक ललित गोयल को जमानत दे दी। आरोपी ने अदालत में दूसरी बार जमानत याचिका दायर की थी। बंसल बंधुओं बसंत और पंकज बंसल पर 400 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। आरोप के मुताबिक, बंसल बंधुओं ने शेल कंपनियों के जरिए यह रकम जुटाई। अब तक की जांच में सामने आया है कि एम3एम ग्रुप ने आईआरइओ ग्रुप से 400 करोड़ रुपये लिए हैं। एम3एम ग्रुप में ट्रांजेक्शन को डेवलपमेंट पेमेंट दिखाया गया है। ईडी अब तक इस मामले में एम3एम ग्रुप की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। गुरुग्राम में ईडी ने रियल एस्टेट कंपनी एम3एम के ठिकानों पर छापा मारकर 60 करोड़ की लग्जरी कारें और छह करोड़ की ज्वेलरी जब्त की थी। एम3एम के मालिक बंसल बंधुओं के साथ हरियाणा के एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी का भी इस ग्रुप में बड़ा शेयर है।
एम3एम समूह ने किया था करोड़ों का गबन
जांच एजेंसी का कहना है कि शुरुआत में एम3एम ग्रुप ने 10 करोड़ के भुगतान पर पांच शेल कंपनियों को जमीन के विकास अधिकार बेचे। उसकी तरफ से यह दावा किया गया कि ये पांचों कंपनियां असंबद्ध संस्थाएं हैं, लेकिन जांच से पता चला कि ये कंपनियां असल में एम3एम समूह द्वारा संचालित थीं। ईडी के अनुसार, बाद में इन कंपनियों ने उसी भूमि के विकास अधिकार लगभग 400 करोड़ रुपये में आईआरईओ समूह को बेच दिए। इसके बाद उस राशि को एम3एम ग्रुप को ट्रांसफर कर दिया गया। सभी शेल कंपनियों का स्वामित्व और संचालन एम3एम ग्रुप द्वारा इसके प्रमोटर्स बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल और उनके परिवार के सदस्यों के निर्देशन में किया गया था। इस तरह आईआरईओ और एम3एम ने 400 करोड़ रुपये की हेराफेरी की जो निवेशकों और ग्राहकों के थे।
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एम3एम समूह ने किया था करोड़ों का गबन
जांच एजेंसी का कहना है कि शुरुआत में एम3एम ग्रुप ने 10 करोड़ के भुगतान पर पांच शेल कंपनियों को जमीन के विकास अधिकार बेचे। उसकी तरफ से यह दावा किया गया कि ये पांचों कंपनियां असंबद्ध संस्थाएं हैं, लेकिन जांच से पता चला कि ये कंपनियां असल में एम3एम समूह द्वारा संचालित थीं। ईडी के अनुसार, बाद में इन कंपनियों ने उसी भूमि के विकास अधिकार लगभग 400 करोड़ रुपये में आईआरईओ समूह को बेच दिए। इसके बाद उस राशि को एम3एम ग्रुप को ट्रांसफर कर दिया गया। सभी शेल कंपनियों का स्वामित्व और संचालन एम3एम ग्रुप द्वारा इसके प्रमोटर्स बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल और उनके परिवार के सदस्यों के निर्देशन में किया गया था। इस तरह आईआरईओ और एम3एम ने 400 करोड़ रुपये की हेराफेरी की जो निवेशकों और ग्राहकों के थे।
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