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बहिबल कलां गोलीकांड: फरीदकोट में दर्ज दो एफआईआर का ट्रायल हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में चलाने का दिया आदेश
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चंडीगढ़। बहिबल कलां गोलीकांड मामले में दो एफआईआर में मुख्य आरोपी व पूर्व एसएसपी चरणजीत शर्मा की याचिका को मंजूर करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केस का ट्रायल फरीदकोट से चंडीगढ़ भेजने का आदेश जारी किया है। अपनी जान को खतरा बताते हुए चरणजीत शर्मा ने ट्रायल पंजाब से बाहर पूरा करवाने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी। इससे पहले हाईकोर्ट बरगाड़ी मामले में दर्ज तीन एफआईआर का ट्रायल चंडीगढ़ में पूरा करने का आदेश दे चुका है।
पंजाब भर में सिखों के पावन ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के उपरांत सड़कों पर रोषपूर्ण उतरी निहत्थी संगत पर बहिबल कलां और कोटकपूरा में हुए गोलीकांड के मामले में मोगा के पूर्व एसएसपी चरणजीत शर्मा समेत कुछ पुलिस अधिकारियों और सियासी नेताओं पर आरोप लगे थे। इसी संबंध में लंबी जांच के उपरांत स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने चरणजीत शर्मा को 2019 में गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच पंजाब सरकार ने सीबीआई को सौंप दी थी। जब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आई तो विधानसभा ने इन मामलों की जांच सीबीआई से वापस लेकर एसआईटी को सौंपने का प्रस्ताव पारित किया था।
इन मामलों की जांच के लिए कैप्टन सरकार ने 30 जून, 2018 को रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह के नेतृत्व में आयोग का गठन किया था। कोर्ट ने आयोग की रिपोर्ट को भी सही ठहराया है। इससे पहले 29 जून, 2016 को शिअद-भाजपा सरकार में गठित जस्टिस जोरा सिंह आयोग का भी गठन किया गया था। इस मामले में फरीदकोट की अदालत में ट्रायल चल रहा था और चरणजीत शर्मा ने याचिका दाखिल करते हुए ट्रायल चंडीगढ़ में पूरा करवाने का निर्देश जारी करने की अपील की थी। हाईकोर्ट ने अब इस याचिका को स्वीकार करते हुए ट्रायल चंडीगढ़ में पूरा करने का आदेश दिया है।
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बरगाड़ी मामले में भी इससे पहले हाईकोर्ट ने ट्रायल चंडीगढ़ की अदालत में भेजने का आदेश दिया था। बरगाड़ी में बेअदबी मामले की तीन एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ आरोप पत्र तय हो चुका है। पिछले साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का ट्रायल भी फरीदकोट की अदालत से चंडीगढ़ ट्रांसफर कर दिया था।
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पंजाब भर में सिखों के पावन ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के उपरांत सड़कों पर रोषपूर्ण उतरी निहत्थी संगत पर बहिबल कलां और कोटकपूरा में हुए गोलीकांड के मामले में मोगा के पूर्व एसएसपी चरणजीत शर्मा समेत कुछ पुलिस अधिकारियों और सियासी नेताओं पर आरोप लगे थे। इसी संबंध में लंबी जांच के उपरांत स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने चरणजीत शर्मा को 2019 में गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच पंजाब सरकार ने सीबीआई को सौंप दी थी। जब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आई तो विधानसभा ने इन मामलों की जांच सीबीआई से वापस लेकर एसआईटी को सौंपने का प्रस्ताव पारित किया था।
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इन मामलों की जांच के लिए कैप्टन सरकार ने 30 जून, 2018 को रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह के नेतृत्व में आयोग का गठन किया था। कोर्ट ने आयोग की रिपोर्ट को भी सही ठहराया है। इससे पहले 29 जून, 2016 को शिअद-भाजपा सरकार में गठित जस्टिस जोरा सिंह आयोग का भी गठन किया गया था। इस मामले में फरीदकोट की अदालत में ट्रायल चल रहा था और चरणजीत शर्मा ने याचिका दाखिल करते हुए ट्रायल चंडीगढ़ में पूरा करवाने का निर्देश जारी करने की अपील की थी। हाईकोर्ट ने अब इस याचिका को स्वीकार करते हुए ट्रायल चंडीगढ़ में पूरा करने का आदेश दिया है।
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बरगाड़ी मामले में भी इससे पहले हाईकोर्ट ने ट्रायल चंडीगढ़ की अदालत में भेजने का आदेश दिया था। बरगाड़ी में बेअदबी मामले की तीन एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ आरोप पत्र तय हो चुका है। पिछले साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का ट्रायल भी फरीदकोट की अदालत से चंडीगढ़ ट्रांसफर कर दिया था।