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Panchkula News: मजीठिया के साले ग्रेवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
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मोहाली। मोहाली की विशेष अदालत ने शिअद नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। विजिलेंस ब्यूरो ने अदालत में आवेदन देकर बताया कि आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के दौरान ग्रेवाल की भूमिका संदिग्ध मिली।
इसके बाद उनका नाम एफआईआर में शामिल किया गया है। विजिलेंस जांच अधिकारी इंस्पेक्टर इंदरपाल सिंह ने विशेष जज नीतिका वर्मा की अदालत में ग्रेवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की थी। विजिलेंस ने दावा किया कि ग्रेवाल ने मजीठिया की कथित अवैध संपत्तियों को जुटाने और छिपाने में अहम भूमिका निभाई। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद वे जांच में शामिल नहीं हुए और लगातार देरी की रणनीति अपनाई। विजिलेंस ने अदालत को बताया कि ग्रेवाल के खिलाफ सेक्शन-179 बीएनएनएस के तहत नोटिस भेजे गए थे लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। इसके अलावा उनके खिलाफ न तो किसी अदालत से गिरफ्तारी पर रोक है न ही कोई जमानत आवेदन लंबित है।
जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्रेवाल की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है जबकि आरोप गंभीर हैं। अदालत ने रिकॉर्ड और दलीलों का अध्ययन करने के बाद आवेदन मंजूर कर लिया। आदेश में कहा गया कि तथ्यों को देखते हुए आरोपी गजपत सिंह ग्रेवाल के गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाते हैं। वारंट 29 नवंबर 2025 को रिटर्नेबल होंगे।
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इसके बाद उनका नाम एफआईआर में शामिल किया गया है। विजिलेंस जांच अधिकारी इंस्पेक्टर इंदरपाल सिंह ने विशेष जज नीतिका वर्मा की अदालत में ग्रेवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की थी। विजिलेंस ने दावा किया कि ग्रेवाल ने मजीठिया की कथित अवैध संपत्तियों को जुटाने और छिपाने में अहम भूमिका निभाई। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद वे जांच में शामिल नहीं हुए और लगातार देरी की रणनीति अपनाई। विजिलेंस ने अदालत को बताया कि ग्रेवाल के खिलाफ सेक्शन-179 बीएनएनएस के तहत नोटिस भेजे गए थे लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। इसके अलावा उनके खिलाफ न तो किसी अदालत से गिरफ्तारी पर रोक है न ही कोई जमानत आवेदन लंबित है।
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जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्रेवाल की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है जबकि आरोप गंभीर हैं। अदालत ने रिकॉर्ड और दलीलों का अध्ययन करने के बाद आवेदन मंजूर कर लिया। आदेश में कहा गया कि तथ्यों को देखते हुए आरोपी गजपत सिंह ग्रेवाल के गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाते हैं। वारंट 29 नवंबर 2025 को रिटर्नेबल होंगे।
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