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हरियाणा : चंदे के हिसाब को लेकर भाकियू में तकरार, गुरनाम सिंह चढूनी बोले- जो हिसाब नहीं देगा, शक के दायरे में आएगा

Mon, 07 Mar 2022 02:19 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 07 Mar 2022 02:19 AM IST
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Argument in Bhakiyu over the calculation of donations
चंडीगढ़। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) में किसान आंदोलन के दौरान आए चंदे को लेकर तकरार बढ़ गई है। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने अपनी सभी कमेटियों को किसान आंदोलन में हुए खर्च और पैसों का हिसाब-किताब देने के लिए कहा है। चढूनी ने यह भी अपील है कि कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर एक दूसरे पर आरोप न लगाएं। तीन कृषि कानूनों के विरोध में साल से अधिक तक आंदोलन चला। इस दौरान भाकियू को देश, प्रदेश और बाहर से चंदा मिला था। चंदे को लेकर सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। साथ ही कुछ कार्यकर्ता हिसाब मांग रहे हैं।
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इस पर चढूनी ने अपनी जिला इकाइयों को हिसाब-किताब मुख्य कार्यकर्ताओं को देने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सभी भाई अपना हिसाब दें। जो हिसाब नहीं देगा, वह खुद ही शक के दायरे में आ जाता है, इसलिए अपने आप को साफ रखने के लिए हिसाब जरूर दें। हिसाब पिता-पुत्र का भी होता है। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के मीडिया इंचार्ज राकेश बैंस ने कहा कि यह हिसाब किसान आंदोलन का है, लेकिन यह यूनियन का अंदरूनी मामला है। कोर कमेटी की बैठक में हिसाब किया जाता है। उधर, सोशल मीडिया पर एक युवक कार्तिक ने चढूनी के बाद लिखा है कि शुरुआत बड़ों से ही कर लेते हैं, पहले आप सारे आंदोलन का हिसाब दें। दिल्ली आंदोलन में अरबों रुपये का चंदा आपके पास पहुंचा है। अच्छी पहल है, आप शुरुआत करें।
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