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नई आबकारी नीति को मंजूरी, सस्ती होगी बियर और देश में बनने वाली विदेशी शराब

Thu, 09 Jun 2022 01:18 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 09 Jun 2022 01:18 AM IST
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Approval of new excise policy, beer and foreign liquor made in the country will be cheaper
चंडीगढ़। पंजाब मंत्रिमंडल ने सरकार की पहली नई आबकारी नीति को बुधवार मंजूरी दे दी। नई नीति के तहत बियर और देश में निर्मित होने वाली विदेशी शराब को सस्ता किया जाएगा। राजस्व प्राप्ति के लिए बीते साल के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक राजस्व का लक्ष्य तय किया गया है। शराब की तस्करी रोकने के लिए आबकारी विभाग को पुलिस की दो नई बटालियन भी दी जाएंगी।
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पंजाब भवन में बुधवार को दोपहर बाद हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नई आबकारी नीति के तहत 9647.85 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य रखा गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि नई आबकारी नीति का उद्देश्य साल 2022-23 में 9647.85 करोड़ रुपये एकत्रित करना है। यह नीति 1 जुलाई, 2022 से 31 मार्च 2023 तक 9 महीनों के समय के लिए लागू रहेगी।
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कैबिनेट ने आबकारी विभाग के साथ पहले तैनात पुलिस के अलावा दो और विशेष बटालियनें आबकारी विभाग को आवंटित करने की भी सहमति दी है जिससे एक्साइज ड्यूटी की चोरी पर प्रभावशाली तरीके से नजर रखी जा सके। इससे पंजाब में पड़ोसी राज्यों से होती शराब की तस्करी को रोकने में मदद मिलेगी।
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नई आबकारी नीति का उद्देश्य शराब कारोबार में लगे माफिया के गठजोड़ को तोड़ना है। इस मुताबिक शराब निर्माता, थोक विक्रेता और परचून विक्रेताओं के बीच एक-दूसरे से दूरी बनेगी। इस नीति से ये सभी पूरी तरह अलग इकाई के तौर पर काम करेंगे और इन कारोबारों के बीच कोई साझा हिस्सेदार नहीं होगा।
6378 होंगे राज्यभर में ठेके
नई आबकारी नीति के तहत ठेकों का आवंटन ई-टेंडरिंग से होगा। प्रणाली निष्पक्ष और पारदर्शी रहे इसके लिए शराब के ठेकों को 177 ग्रुपों को बांटा गया है। एक ग्रुप का कारोबार लगभग 30 करोड़ होगा और पंजाब में 6378 ठेके होंगे। पीएमएल को छोड़कर हर किस्म की शराब की आबकारी ड्यूटी थोक कीमत की एक प्रतिशत के हिसाब से वसूली जाएगी। उसी तर्ज पर आईएफएल की मूल्यांकन की गई फीस भी थोक कीमत के एक प्रतिशत के हिसाब से वसूली जाएगी। शराब की कीमतें अब लगभग पड़ोसी राज्यों के बराबर होंगी।

पहली बार होगा माल्ट स्प्रिट का उत्पादन
राज्य में पूंजी निवेश को उत्साहित करने और रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए इस नीति में नए डिस्टिलरी लाइसेंस और ब्रियूवरी लाइसेंस का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा माल्ट स्प्रिट के उत्पादन के लिए नया लाइसेंस भी लाया गया है। इससे फसलीय विभिन्नता को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपनी उपज की बढ़िया कीमत मिलेगी।
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