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Panchkula News: भ्रष्टाचार मामले में निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के अभियोजन की स्वीकृति मिली
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चंडीगढ़। रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर सीबीआई ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से भुल्लर के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इससे मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
हाईकोर्ट ने सीबीआई के जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई वीरवार तक स्थगित कर दी। सीबीआई ने हाईकोर्ट को बताया गया कि रिश्वत मामले की जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्य गंभीर प्रकृति के हैं और आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए भुल्लर को फिलहाल हिरासत में रखना आवश्यक है।
सीबीआई ने भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसी मामले में वह वर्तमान में चंडीगढ़ की सेंट्रल जेल में बंद हैं और हाईकोर्ट में जमानत की मांग कर रहे हैं। भुल्लर की दायर याचिका में कहा गया है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर चुके हैं और लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए उन्हें नियमित जमानत प्रदान की जानी चाहिए।
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हालांकि भुल्लर को आय से अधिक संपत्ति से जुड़े एक अलग मामले में पहले ही ट्रायल कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन रिश्वत प्रकरण में अभी तक उन्हें राहत नहीं मिल सकी है। यही कारण है कि उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
सीबीआई की ओर से दर्ज मामले के अनुसार 16 अक्तूबर 2025 को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने भुल्लर और उनके कथित बिचौलिए कृष्ण के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि एक पुराने आपराधिक मामले को रफा-दफा करने के लिए आठ लाख की रिश्वत की मांग की गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि बिचौलिया कृष्ण को पांच लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया जिसके तुरंत बाद भुल्लर को मोहाली स्थित उनके कार्यालय से हिरासत में लिया गया।
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हाईकोर्ट ने सीबीआई के जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई वीरवार तक स्थगित कर दी। सीबीआई ने हाईकोर्ट को बताया गया कि रिश्वत मामले की जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्य गंभीर प्रकृति के हैं और आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए भुल्लर को फिलहाल हिरासत में रखना आवश्यक है।
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सीबीआई ने भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसी मामले में वह वर्तमान में चंडीगढ़ की सेंट्रल जेल में बंद हैं और हाईकोर्ट में जमानत की मांग कर रहे हैं। भुल्लर की दायर याचिका में कहा गया है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर चुके हैं और लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए उन्हें नियमित जमानत प्रदान की जानी चाहिए।
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हालांकि भुल्लर को आय से अधिक संपत्ति से जुड़े एक अलग मामले में पहले ही ट्रायल कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन रिश्वत प्रकरण में अभी तक उन्हें राहत नहीं मिल सकी है। यही कारण है कि उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
सीबीआई की ओर से दर्ज मामले के अनुसार 16 अक्तूबर 2025 को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने भुल्लर और उनके कथित बिचौलिए कृष्ण के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि एक पुराने आपराधिक मामले को रफा-दफा करने के लिए आठ लाख की रिश्वत की मांग की गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि बिचौलिया कृष्ण को पांच लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया जिसके तुरंत बाद भुल्लर को मोहाली स्थित उनके कार्यालय से हिरासत में लिया गया।