{"_id":"60f888128ebc3e83423319bd","slug":"apna-ghar-case-the-accused-took-refuge-in-the-high-court-to-suspend-the-sentence-panchkula-news-pkl4209040142","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपना घर प्रकरण: आरोपी ने सजा निलंबित करने के लिए ली हाईकोर्ट की शरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपना घर प्रकरण: आरोपी ने सजा निलंबित करने के लिए ली हाईकोर्ट की शरण
विज्ञापन
चंडीगढ़। अपना घर अनाथालय में दुष्कर्म और शोषण के मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्र कैद की सजा के खिलाफ अपील लंबित रहते इसे निलंबित करने की अनाथालय संचालिका जसवंती देवी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से मांग की है। 9 साल से ज्यादा जेल में होने की दलील पर हाईकोर्ट ने सीबीआई से याची का कस्टडी सर्टिफिकेट तलब कर लिया है।
याचिका दाखिल करते हुए जसवंती देवी ने हाईकोर्ट को बताया कि आरोप के अनुसार 2012 में इस अनाथालय से 103 लड़कियों को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की टीम ने मुक्त कराया था। सीबीआई के सामने 12 लड़कियों ने दुष्कर्म, यौन शोषण और गर्भपात करवाए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने 27 अप्रैल 2018 को 9 दोषियों को सजा सुनाई थी। याची जसवंती देवी, उसके दामाद जय भगवान और ड्राइवर सतीश को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
सीबीआई कोर्ट ने तथ्यों और बयानों पर गौर किए बिना यह आदेश दिया था जिसके खिलाफ अपील अभी हाईकोर्ट में एडमिट है। याची ने कहा कि वह पिछले नौ साल से ज्यादा समय से बिना पैरोल के अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है। पिछले साल भी सजा निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई पर सीबीआई को याची की कस्टडी का सर्टिफिकेट सौंपने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
याचिका दाखिल करते हुए जसवंती देवी ने हाईकोर्ट को बताया कि आरोप के अनुसार 2012 में इस अनाथालय से 103 लड़कियों को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की टीम ने मुक्त कराया था। सीबीआई के सामने 12 लड़कियों ने दुष्कर्म, यौन शोषण और गर्भपात करवाए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने 27 अप्रैल 2018 को 9 दोषियों को सजा सुनाई थी। याची जसवंती देवी, उसके दामाद जय भगवान और ड्राइवर सतीश को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
विज्ञापन
सीबीआई कोर्ट ने तथ्यों और बयानों पर गौर किए बिना यह आदेश दिया था जिसके खिलाफ अपील अभी हाईकोर्ट में एडमिट है। याची ने कहा कि वह पिछले नौ साल से ज्यादा समय से बिना पैरोल के अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है। पिछले साल भी सजा निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई पर सीबीआई को याची की कस्टडी का सर्टिफिकेट सौंपने का आदेश दिया है।
विज्ञापन