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संकट में अन्नदाता : 100 से ज्यादा गांवों में आलू और सरसों की फसल बर्बाद
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पंचकूला। बारिश और तेज हवाएं सरसों, गन्ना और आलू की फसलों के लिए आफत बन गई हैं। कई दिनों से जहां तेज हवा और बारिश के कारण खेेतों में फसलें बिछ गई हैं, वहीं आलू की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। काश्तकारों का कहना है कि चार पांच साल पहले बारिश के चलते उनका काफी नुकसान हुआ था, इस बार भी प्रकृति ने कमर तोड़ने की तैयारी कर ली है। यहां आसमानी कहर आलू पर बरप रहा है। गेहूं के लिए भले ही बारिश को नुकसानदेह नहीं है, लेकिन बारिश की बूंदे आलू का दम निकाल रही हैं।
वहीं अधिक बारिश होने पर गेहूं के पौधों के कमजोर होकर गिरने की भी आशंका बनी हुई है। इसके अतिरिक्त मटर की फसलों को अधिक बारिश होने पर नुकसान पहुंचा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही बारिश नहीं थमती है, तो रबी की सभी फसलों पर असर पड़ेगा। इससे उनकी पैदावार भी प्रभावित होगी। जिले के किसानों ने इस वर्ष रबी की फसलों में मुख्य रूप से गेहूं, सरसों, गन्ना, आलू, प्याज, मटर की बुआई की है। तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
मचाई फसलों के लिए तबाही
तेज हवा के साथ हुई भारी बारिश ने जिले पिंजौर, बरवाला और रायपुरानी में तबाही मचाई है। कई खेतों में कई एकड़ आलू और सरसों की फसलें गिर गईं हैं। किसानों की मानें तो खेतों में पानी लगने से फसलें अब चौपट हो जाएंगी। शनिवार को लगातार दिन में रुक-रुककर बारिश हुई और रात को तेज हवा के साथ कई इलाकों में भारी बारिश हुई। रविवार को पूरे दिन देर रात तक बारिश से किसान परेशान रहे। इस संबंध में हरियाणा कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. जगराज ने बताया कि हवा के साथ बारिश हो रही है, जो सरसों और आलू के फसल के लिए नुकसानदायक है। यह बारिश आलू और खेती के लिए खतरनाक है।
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एक एकड़ में सरसों की खेती की थी, लेकिन बारिश के चलते सरसों के अधिकांश फूल टूट कर गिर गए हैं। साथ ही खेतों में पानी भरा होने के कारण पौधे कमजोर होकर गिरना शुरू हो गए हैं। वहीं पांच एकड़ में आलू की बोआई हुई थी, जिसमें 80 फीसदी आलू बर्बाद हो गए हैं। - प्रदीप शर्मा, गांव जासपुरा रायपुरानी।
हवा के साथ लगातार हो रही बारिश का फसलों पर काफी असर पड़ा है। खासकर आलू और सरसों पर। यहां सरसों 50 फीसदी खत्म हो गई है, वहीं आलू की खेती तो 70 फीसदी बर्बाद हो गई है। इस बारिश के चलते करीब दो से ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। - भूपेंद्र सिंह राणा, ठरवा रायपुरानी।
इसबार गेहूं के साथ आलू और सरसों की खेती भी किया था, लेकिन चार-पांच साल बाद बेमौसम बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। आलू की तीन किला खेती बारिश के चलते 80 फीसदी खराब हो चुका है। वहीं सरसों की फसल 50 फीसदी खतम हो गई है। बहादुर राणा, रायपुररानी।
तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जो आलू, प्याज, सरसों के लिए खतरनाक है। इस बारिश की वजह से मेरा तीन किला प्याज बर्बाद हो गया है। बरसात के चलते मेरा डेढ़ से दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। विक्रम सिंह, भरैली बरवाला।
बारिश के चलते तीन दिनों से खेतों में पानी भर गया है। इस बार गेहूं के साथ प्याज, लहसुन की खेती की थी, लेकिन तेज हवा और बारिश के वजह मेरा एक किला प्याज और आधा किला लहसुन की फसल खराब हो गई है। मदन राणा, भरैली।
बरसात काफी हुई है। शनिवार की रात तेज हवा के साथ बारिश ने गेहूं और सरसों की फसल को प्रभावित किया है। सरसो जमीन पर बिछ गई है और सरसो के सारे फूल टूट गए हैं। वहीं गेहूं की फसल भी बारिश की वजह से डूब गई है। -कंवर पाल, भरैली बरवाला।
तीन किला आलू की खेती किया है और दो किला सरसों की भी खेती है, लेकिन बारिश की वजह से सारा खराब हो गया। अब आलू की फसल को बचाना मुश्किल है। गौरव राणा, बरवाला
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वहीं अधिक बारिश होने पर गेहूं के पौधों के कमजोर होकर गिरने की भी आशंका बनी हुई है। इसके अतिरिक्त मटर की फसलों को अधिक बारिश होने पर नुकसान पहुंचा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही बारिश नहीं थमती है, तो रबी की सभी फसलों पर असर पड़ेगा। इससे उनकी पैदावार भी प्रभावित होगी। जिले के किसानों ने इस वर्ष रबी की फसलों में मुख्य रूप से गेहूं, सरसों, गन्ना, आलू, प्याज, मटर की बुआई की है। तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
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मचाई फसलों के लिए तबाही
तेज हवा के साथ हुई भारी बारिश ने जिले पिंजौर, बरवाला और रायपुरानी में तबाही मचाई है। कई खेतों में कई एकड़ आलू और सरसों की फसलें गिर गईं हैं। किसानों की मानें तो खेतों में पानी लगने से फसलें अब चौपट हो जाएंगी। शनिवार को लगातार दिन में रुक-रुककर बारिश हुई और रात को तेज हवा के साथ कई इलाकों में भारी बारिश हुई। रविवार को पूरे दिन देर रात तक बारिश से किसान परेशान रहे। इस संबंध में हरियाणा कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. जगराज ने बताया कि हवा के साथ बारिश हो रही है, जो सरसों और आलू के फसल के लिए नुकसानदायक है। यह बारिश आलू और खेती के लिए खतरनाक है।
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एक एकड़ में सरसों की खेती की थी, लेकिन बारिश के चलते सरसों के अधिकांश फूल टूट कर गिर गए हैं। साथ ही खेतों में पानी भरा होने के कारण पौधे कमजोर होकर गिरना शुरू हो गए हैं। वहीं पांच एकड़ में आलू की बोआई हुई थी, जिसमें 80 फीसदी आलू बर्बाद हो गए हैं। - प्रदीप शर्मा, गांव जासपुरा रायपुरानी।
हवा के साथ लगातार हो रही बारिश का फसलों पर काफी असर पड़ा है। खासकर आलू और सरसों पर। यहां सरसों 50 फीसदी खत्म हो गई है, वहीं आलू की खेती तो 70 फीसदी बर्बाद हो गई है। इस बारिश के चलते करीब दो से ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। - भूपेंद्र सिंह राणा, ठरवा रायपुरानी।
इसबार गेहूं के साथ आलू और सरसों की खेती भी किया था, लेकिन चार-पांच साल बाद बेमौसम बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। आलू की तीन किला खेती बारिश के चलते 80 फीसदी खराब हो चुका है। वहीं सरसों की फसल 50 फीसदी खतम हो गई है। बहादुर राणा, रायपुररानी।
तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जो आलू, प्याज, सरसों के लिए खतरनाक है। इस बारिश की वजह से मेरा तीन किला प्याज बर्बाद हो गया है। बरसात के चलते मेरा डेढ़ से दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। विक्रम सिंह, भरैली बरवाला।
बारिश के चलते तीन दिनों से खेतों में पानी भर गया है। इस बार गेहूं के साथ प्याज, लहसुन की खेती की थी, लेकिन तेज हवा और बारिश के वजह मेरा एक किला प्याज और आधा किला लहसुन की फसल खराब हो गई है। मदन राणा, भरैली।
बरसात काफी हुई है। शनिवार की रात तेज हवा के साथ बारिश ने गेहूं और सरसों की फसल को प्रभावित किया है। सरसो जमीन पर बिछ गई है और सरसो के सारे फूल टूट गए हैं। वहीं गेहूं की फसल भी बारिश की वजह से डूब गई है। -कंवर पाल, भरैली बरवाला।
तीन किला आलू की खेती किया है और दो किला सरसों की भी खेती है, लेकिन बारिश की वजह से सारा खराब हो गया। अब आलू की फसल को बचाना मुश्किल है। गौरव राणा, बरवाला