{"_id":"686559ddf1b69131a30aaa7e","slug":"akali-dal-leaders-are-putting-pressure-on-judiciary-and-investigating-agencies-cheema-panchkula-news-c-16-1-pkl1082-752232-2025-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकाली दल के नेता न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर बना रहे दबाव : चीमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकाली दल के नेता न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर बना रहे दबाव : चीमा
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोला और बादल परिवार पर ड्रग तस्करों को बचाने और पंजाब में कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अकाली दल के नेता न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर दबाव बना रहे हैं, जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चीमा बुधवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
चीमा ने मुख्य न्यायाधीश से इस मामले का संज्ञान लेने और न्यायिक अधिकारियों तथा जांचकर्ताओं को इस तरह की धमकियों और डराने-धमकाने से रोकने के लिए उचित निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है। हम कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने देंगे। चीमा ने आरोप लगाया कि सुखबीर ने अकाली दल को एक पंथक आंदोलन से पारिवारिक व्यापारिक साम्राज्य में बदल दिया है। अकाली दल की स्थापना 1920 में सिख धर्म, गुरुद्वारों और पंथक मूल्यों की रक्षा के लिए की गई थी, लेकिन अब यह सिर्फ बादल परिवार तक ही सिमट कर रह गया है।
पंजाब सतर्कता ब्यूरो की ओर से मजीठिया की हाल ही में की गई गिरफ्तारी पर चीमा ने कहा कि शिअद ने अब एक नया परिवार बचाओ आंदोलन अभियान शुरू किया है। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल जैसी पारंपरिक पार्टियां ड्रग माफियाओं का साथ दे रही हैं। चीमा ने जनता को अतीत की घटनाओं की भी याद दिलाई और कहा कि अकाली दल ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को नजरअंदाज किया, न्याय की मांग कर रहे निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवाईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोला और बादल परिवार पर ड्रग तस्करों को बचाने और पंजाब में कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अकाली दल के नेता न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर दबाव बना रहे हैं, जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चीमा बुधवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
चीमा ने मुख्य न्यायाधीश से इस मामले का संज्ञान लेने और न्यायिक अधिकारियों तथा जांचकर्ताओं को इस तरह की धमकियों और डराने-धमकाने से रोकने के लिए उचित निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है। हम कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने देंगे। चीमा ने आरोप लगाया कि सुखबीर ने अकाली दल को एक पंथक आंदोलन से पारिवारिक व्यापारिक साम्राज्य में बदल दिया है। अकाली दल की स्थापना 1920 में सिख धर्म, गुरुद्वारों और पंथक मूल्यों की रक्षा के लिए की गई थी, लेकिन अब यह सिर्फ बादल परिवार तक ही सिमट कर रह गया है।
विज्ञापन
पंजाब सतर्कता ब्यूरो की ओर से मजीठिया की हाल ही में की गई गिरफ्तारी पर चीमा ने कहा कि शिअद ने अब एक नया परिवार बचाओ आंदोलन अभियान शुरू किया है। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल जैसी पारंपरिक पार्टियां ड्रग माफियाओं का साथ दे रही हैं। चीमा ने जनता को अतीत की घटनाओं की भी याद दिलाई और कहा कि अकाली दल ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को नजरअंदाज किया, न्याय की मांग कर रहे निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवाईं।
विज्ञापन