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Panchkula News: बारिश के बाद दो दिन तक टपकती सिविल अस्पताल के वाडों की छतों से भरती रहती हैं बाल्टियां
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पंचकूला। बारिश के दो दिन बाद भी शहर के इकलौते सिविल अस्पताल के वार्डों की छतें टपकने से नीचे रखी बाल्टियां पानी से भरती रहती हैं। यहां के हालात यह हैं कि जिस वार्ड में जाएं वहीं पर छत से टपकते पानी की टिप-टिप की आवाज सुनाई देती है। छतों से पानी टपकने के कारण मरीज और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल की ओर से बिल्डिंग में तपकती छत को ठीक करवाने का प्रपोजल पीडब्ल्यूडी को भेज गया है। इसके बाद भी टेंडर नहीं हो पाने के कारण काम शुरू नहीं हो सका है। इस कारण वार्ड के बेड के पास दीवारें तक टपक रही हैं। इनके पास भी बाल्टियां लगाकर रख दी गई हैं। वहीं, लिफ्ट में पानी भर जाने के कारण यह भी नहीं चलती है।
बताया जा रहा है कि सिविल अस्पताल प्रबंधन की ओर से वार्डों की छतों और दीवारों की लीकेज रोकने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को 30 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर मई में भेज दिया गया था। एस्टीमेट भेजने के बाद टेंडर तीन महीने में नहीं हो पाया है। इस कारण अस्पताल के वार्डों में जहां छत टपक रही है वहां की मरम्मत नहीं की जा रही है।
अस्पताल के इन वार्डों में भर रहा पानी
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 की इमरजेंसी के येलो वार्ड, ग्रीन वार्ड, बर्न वार्ड, ट्रामा वार्ड में पानी टपक रहा है। वहीं, गायनी वार्ड के लेबर रूम, पीडियाट्रिक वार्ड की दीवारों में सीलन अभी तक सही नहीं हो सकी है। इसमें पानी गिर रहा है। इस कारण मरीजों का इलाज में भी दिक्कत आ रही है। इसके लिए सिविल अस्पताल की ओर से पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई। इसके बाद इस समस्या का निदान नहीं हो पाया है।
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यह कहना है मरीजों का
बेड पर पानी टपक रहा
सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में छत का पानी बेड पर भी टपक रहा है। बेड के नीचे पानी भरा रहता है। इस कारण नीचे उतरने पर दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। -जसविंदर निवासी डेराबस्सी, मरीज
पानी भरने से फिसल गया
सिविल अस्पताल में मरीज के साथ इलाज कराने आए थे। वार्ड में पानी भरने के कारण लोग कई बार फिसल कर गिर रहे हैं। मैं भी फिसल गया था। अभी तक समस्या का निदान नहीं हो पाया है। -सतिंदर निवासी बरवाला, मरीज
पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से इसकी मरम्मत की जाती है। अभी तक पूरे अस्पताल की मरम्मत नहीं हो पाई है। इस कारण अस्पताल टपकने से मरीजों को परेशानी हो रही है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी है। अभी तक इसे ठीक नहीं किया गया है। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल पंचकूला
विभाग की ओर से सिविल अस्पताल की छतों की मरम्मत का टेंडर लगाया गया है। जैसे ही टेंडर पास हो जाएगा। इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। -आशीष चौहान, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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बताया जा रहा है कि सिविल अस्पताल प्रबंधन की ओर से वार्डों की छतों और दीवारों की लीकेज रोकने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को 30 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर मई में भेज दिया गया था। एस्टीमेट भेजने के बाद टेंडर तीन महीने में नहीं हो पाया है। इस कारण अस्पताल के वार्डों में जहां छत टपक रही है वहां की मरम्मत नहीं की जा रही है।
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अस्पताल के इन वार्डों में भर रहा पानी
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 की इमरजेंसी के येलो वार्ड, ग्रीन वार्ड, बर्न वार्ड, ट्रामा वार्ड में पानी टपक रहा है। वहीं, गायनी वार्ड के लेबर रूम, पीडियाट्रिक वार्ड की दीवारों में सीलन अभी तक सही नहीं हो सकी है। इसमें पानी गिर रहा है। इस कारण मरीजों का इलाज में भी दिक्कत आ रही है। इसके लिए सिविल अस्पताल की ओर से पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई। इसके बाद इस समस्या का निदान नहीं हो पाया है।
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यह कहना है मरीजों का
बेड पर पानी टपक रहा
सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में छत का पानी बेड पर भी टपक रहा है। बेड के नीचे पानी भरा रहता है। इस कारण नीचे उतरने पर दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। -जसविंदर निवासी डेराबस्सी, मरीज
पानी भरने से फिसल गया
सिविल अस्पताल में मरीज के साथ इलाज कराने आए थे। वार्ड में पानी भरने के कारण लोग कई बार फिसल कर गिर रहे हैं। मैं भी फिसल गया था। अभी तक समस्या का निदान नहीं हो पाया है। -सतिंदर निवासी बरवाला, मरीज
पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से इसकी मरम्मत की जाती है। अभी तक पूरे अस्पताल की मरम्मत नहीं हो पाई है। इस कारण अस्पताल टपकने से मरीजों को परेशानी हो रही है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी है। अभी तक इसे ठीक नहीं किया गया है। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल पंचकूला
विभाग की ओर से सिविल अस्पताल की छतों की मरम्मत का टेंडर लगाया गया है। जैसे ही टेंडर पास हो जाएगा। इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। -आशीष चौहान, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी