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आईसीएमआर के आदेश के बाद चंडीगढ़ ने लौटाईं 4800 रैपिड टेस्ट किट, की जाएंगी चीन को वापस
Wed, 29 Apr 2020 01:17 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2020 01:17 PM IST
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रैपिड जांच किट
- फोटो : पीटीआई
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रैपिड टेस्टिंग किट में आई खामी के बाद केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई 4800 किट को चंडीगढ़ ने वापस कर दिया है। चीन से आई रैपिड एंटी बॉडी टेस्ट किट में शिकायत मिलने के बाद इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने रैपिड एंटी बॉडी टेस्ट पर दो दिन के लिए रोक लगाई थी। केंद्र ने चंडीगढ़ के लिए 4800 टेस्ट किट भेजी थीं, लेकिन अब आईसीएमआर ने सभी रैपिड टेस्ट किट वापस मंगा लिए हैं।
शहर में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के लिए रैपिड टेस्ट करने का निर्णय लिया था। इस बारे में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने भी कई बार आदेश जारी किए थे। केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ को 4800 किट उपलब्ध कराए गए थे। अभी सिर्फ 9 किट का ही इस्तेमाल किया गया था। इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के सामने यह बात आई कि रैपिड टेस्ट किट से कई बार गलत नतीजे मिल रहे हैं।
रैपिड टेस्ट में जिनके नतीजे नेगेटिव दिखे, वहीं सामान्य टेस्ट में नतीजे पॉजिटिव आए। इस पर केंद्र ने इन किट पर रोक लगा दी। अब आईसीएमआर ने चीन की दो कंपनियों के किट में खामी पाई है। इन दोनों कंपनियों के नाम सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए हैं। साथ ही उनसे इन कंपनियों से भेजी गई किट लौटाने को कहा गया है। चंडीगढ़ ने बाकी बचे 4792 किट को पीजीआई के ही बेस डिपो में जमा करा दिया है।
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शहर में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के लिए रैपिड टेस्ट करने का निर्णय लिया था। इस बारे में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने भी कई बार आदेश जारी किए थे। केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ को 4800 किट उपलब्ध कराए गए थे। अभी सिर्फ 9 किट का ही इस्तेमाल किया गया था। इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के सामने यह बात आई कि रैपिड टेस्ट किट से कई बार गलत नतीजे मिल रहे हैं।
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रैपिड टेस्ट में जिनके नतीजे नेगेटिव दिखे, वहीं सामान्य टेस्ट में नतीजे पॉजिटिव आए। इस पर केंद्र ने इन किट पर रोक लगा दी। अब आईसीएमआर ने चीन की दो कंपनियों के किट में खामी पाई है। इन दोनों कंपनियों के नाम सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए हैं। साथ ही उनसे इन कंपनियों से भेजी गई किट लौटाने को कहा गया है। चंडीगढ़ ने बाकी बचे 4792 किट को पीजीआई के ही बेस डिपो में जमा करा दिया है।
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टेस्टिंग किट के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए पीजीआई है नार्थ इंडिया का बेस डिपो
टेस्टिंग किट के स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए भारत सरकार ने देश में 16 डिपो बनाए हैं। इनमें से चंडीगढ़ का पीजीआई भी एक है। पीजीआई को चंडीगढ़ के साथ पूरे नॉर्थ (पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख) के लिए डिपो बनाया गया है। इन राज्यों में पीजीआई से ही टेस्टिंग किट भेजे गए थे। अब यह सभी राज्य किटों को यहीं जमा भी कराएंगे। चंडीगढ़ ने भी 4792 किट को पीजीआई डिपो में जमा करा दिया गया है। अब यहां से सभी को दिल्ली भेजा जाएगा, जिसे आगे चीन भेजा जा सकता है।
होम आइसोलेशन पर जा सकते हैं कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीज
यूटी के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि कोरोना के ज्यादातर मामलों में यह देखा गया है कि मरीजों में हल्के लक्षण होते हैं। ऐसे मरीजों के भारत सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी की है, जिसे चंडीगढ़ फॉलो करेगा। इसके तहत जिन लोगों में कोरोना वायरस के हल्के लक्षण हैं या वे पूर्व-लक्षण अवस्था में हैं, तो वे घर पर खुद को होम आइसोलेशन में रखने का विकल्प चुन सकते हैं। अस्पताल की तरफ से उन्हें घर जाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
मरीज का इलाज कर रहे डॉक्टर उसे कोरोना के हल्के लक्षण के रूप में घोषित करते हैं तो वह होम आइसोलेशन पर जा सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस विकल्प को चुनने के लिए मरीज के घर पर सेल्फ-आइसोलेशन की सुविधा होना अनिवार्य है। इसके अलावा उसे नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जानकारी डॉक्टरों को देनी होगी ताकि निगरानी टीमों द्वारा आगे की प्रक्रियाओं को किया जा सके।
आईसीएमआर के आदेश के बाद चंडीगढ़ ने रैपिड टेस्टिंग किट को वापस कर दिया गया है। 9 किट का इस्तेमाल डॉक्टरों ने किया था, इसलिए बाकी बचे किट को पीजीआई के बेस डिपो में जमा कराया गया है। आगे के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
- अरुण कुमार गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव, चंडीगढ़
होम आइसोलेशन पर जा सकते हैं कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीज
यूटी के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि कोरोना के ज्यादातर मामलों में यह देखा गया है कि मरीजों में हल्के लक्षण होते हैं। ऐसे मरीजों के भारत सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी की है, जिसे चंडीगढ़ फॉलो करेगा। इसके तहत जिन लोगों में कोरोना वायरस के हल्के लक्षण हैं या वे पूर्व-लक्षण अवस्था में हैं, तो वे घर पर खुद को होम आइसोलेशन में रखने का विकल्प चुन सकते हैं। अस्पताल की तरफ से उन्हें घर जाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
मरीज का इलाज कर रहे डॉक्टर उसे कोरोना के हल्के लक्षण के रूप में घोषित करते हैं तो वह होम आइसोलेशन पर जा सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस विकल्प को चुनने के लिए मरीज के घर पर सेल्फ-आइसोलेशन की सुविधा होना अनिवार्य है। इसके अलावा उसे नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जानकारी डॉक्टरों को देनी होगी ताकि निगरानी टीमों द्वारा आगे की प्रक्रियाओं को किया जा सके।
आईसीएमआर के आदेश के बाद चंडीगढ़ ने रैपिड टेस्टिंग किट को वापस कर दिया गया है। 9 किट का इस्तेमाल डॉक्टरों ने किया था, इसलिए बाकी बचे किट को पीजीआई के बेस डिपो में जमा कराया गया है। आगे के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
- अरुण कुमार गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव, चंडीगढ़