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नौ महीने बाद फिर से टोयोटा इटियोस !
अमर उजाला पंचकूला
Updated Fri, 04 Oct 2013 02:26 AM IST
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टोयोटा इटीयोस का गाड़ी का नाम एक बार फिर चर्चा में आया है। इसी साल 21 जनवरी को सेक्टर-14 और 12 की डिवाइडिंग रोड पर इटियोस कार सवार चार युवकों ने एक युवक को गोली मारकर साढ़े 17 लाख रुपये लूट लिए थे।
लुटेरों का शिकार बना था दड़वा निवासी रितनेश त्रिपाठी एक कैश कलेक्शन कंपनी में काम करता था। वह विभिन्न जगह से पैसे लेने के बाद सेक्टर-10 स्थित एक कंपनी में पैसे जमा कराने जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही लुटेरों का शिकार हो गया।
अब इटियोस गाड़ी अमरावती में हुई वारदात से फिर चर्चा में है। लुटरों की संख्या भी चार है।
पुलिस ने जब सेक्टर-14 की वारदात में नोट किए गए गाड़ी के नंबर को जांचा था, तो वह एक स्कूटर का निकला था। अब अमरावती की वारदात में भी हो सकता है कि नंबर फर्जी हो।
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वारदात का तरीका मारुति जेन गैंग जैसा
इटियोस गैंग का तरीका बिल्कुल मशहूर मारुति जेन गैंग जैसा है। इस गैंग में भी चार लुटेरे गोली मारकर पैसे लूटते थे। शिकार की बकायदा रैकी की जाती थी।
हमेशा ऐसा ही व्यक्ति शिकार बना जो कैश जमा कराने जा रहा होता था या कैश निकलवाकर आ रहा होता था। हर वारदात में कम से कम छह महीने अंतर रहा है।
पुलिस मानकर चल रही है कि इस गैंग ने अब गाड़ी बदल ली है और वह इटियोस गैंग में तब्दील हो चुका है। इस तरह की करीब एक दर्जन वारदात पिछले चार साल से अनसुलझी ही हैं।
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लुटेरों का शिकार बना था दड़वा निवासी रितनेश त्रिपाठी एक कैश कलेक्शन कंपनी में काम करता था। वह विभिन्न जगह से पैसे लेने के बाद सेक्टर-10 स्थित एक कंपनी में पैसे जमा कराने जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही लुटेरों का शिकार हो गया।
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अब इटियोस गाड़ी अमरावती में हुई वारदात से फिर चर्चा में है। लुटरों की संख्या भी चार है।
पुलिस ने जब सेक्टर-14 की वारदात में नोट किए गए गाड़ी के नंबर को जांचा था, तो वह एक स्कूटर का निकला था। अब अमरावती की वारदात में भी हो सकता है कि नंबर फर्जी हो।
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वारदात का तरीका मारुति जेन गैंग जैसा
इटियोस गैंग का तरीका बिल्कुल मशहूर मारुति जेन गैंग जैसा है। इस गैंग में भी चार लुटेरे गोली मारकर पैसे लूटते थे। शिकार की बकायदा रैकी की जाती थी।
हमेशा ऐसा ही व्यक्ति शिकार बना जो कैश जमा कराने जा रहा होता था या कैश निकलवाकर आ रहा होता था। हर वारदात में कम से कम छह महीने अंतर रहा है।
पुलिस मानकर चल रही है कि इस गैंग ने अब गाड़ी बदल ली है और वह इटियोस गैंग में तब्दील हो चुका है। इस तरह की करीब एक दर्जन वारदात पिछले चार साल से अनसुलझी ही हैं।