{"_id":"60e9fa578ebc3eb2ca06e046","slug":"accident-canter-brake-fails-in-kalka-bazar-several-vehicles-collided-mother-son-killed-three-people-injured-pkl-office-news-pkl4196553131","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसा : कालका बाजार में कैंटर का ब्रेक हुआ फेल, कई वाहनों को मारी टक्कर, मां-बेटे की मौत, तीन लोग घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसा : कालका बाजार में कैंटर का ब्रेक हुआ फेल, कई वाहनों को मारी टक्कर, मां-बेटे की मौत, तीन लोग घायल
विज्ञापन
कालका। परवाणू दवाइयां पहुंचाकर जीरकपुर लौट रहे एक कैंटर के शनिवार देर शाम कालका मेन बाजार में ब्रेक फेल हो गए। बेकाबू कैंटर ने एक ऑल्टो, बाइक, स्कूटी समेत कई वाहनों को टक्कर मारी, इसके बाद बाजार में पैदल चल रहे लोगों पर चढ़ गया। इस हादसे में एक परिवार के पांच लोग कैंटर की चपेट में आ गए। परिवार की एक महिला और उसके 11 माह के बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला और दो बच्चे घायल हो गए। मृतकों में महिला शिवानी और मासूम सक्षम था। ये लोग टिपरा निवासी थे। ये लोग घर जाने के लिए सड़क किनारे ऑटो का इंतजार कर रहे थे। कैंटर सरकारी स्कूल के सामने खंभे से टकराकर रुक गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहां से उनको सेक्टर-6 रेफर कर दिया गया।
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी बब्बी ने बताया कि कैंटर परवाणू से कालका की तरफ आ रहा था। ब्रेक फेल होने पर कैंटर ने सबसे पहले एक ऑल्टो को टक्कर मारी, इसके बाद एक अन्य बाइक और एक्टिवा को चपेट में लिया। उसके बाद पैदल जा रहे लोगों को अपनी चपेट में लेने के बाद एक बाइक और एक्टिवा को अपने साथ घसीटते ले गया। इसके अलावा फल-सब्जियों की दुकान से फल के भरे क्रेट घसीटते हुए सरकारी स्कूल के सामने लगे खंभे से टकराकर रुक गया। बब्बी ने बताया कि हादसे में वह भी बाल-बाल बचा है। कैंटर चालक ने पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में बताया कि वह परवाणू में दवाइयां खाली कर कैंटर लेकर जीरकपुर जा रहा था। बीच बाजार में ही उसके कैंटर की ब्रेक अचानक फेल हो गईं।
वह कैंटर में बैठकर ही जोर-जोर से लोगों को आवाजें मारकर साइड होने के लिए कह रहा था। अचानक ही उसकी कैंटर की टक्कर ऑल्टो से हुई। ऑल्टो को बचाने के लिए उसने गाड़ी दूसरी तरफ मोड़ना चाहा तो कैंटर रास्ते में जा रहे लोगों के ऊपर चढ़ गया। कालका थाने के प्रभारी महाबीर सिंह का कहना है कि कैंटर चालक को हिरासत में लिया गया है। कैंटर को कब्जे में लेकर शवों को कालका के शव गृह में रखवा दिया गया है। घायलों को पंचकूला रेफर किया गया हैं। पुलिस कार्रवाई करने में लगी हुई हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने मृतकों के शवों को रखवाया मोर्चरी में
सूचना मिलते ही कालका थाना प्रभारी महावीर सिंह और ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी राजकुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद महिला और बच्चे को कालका अस्पताल ले जाया गया। जहां पर जांच करने के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल स्वाति सिंगला, वंश और साक्षी समेत एक अन्य को इलाज के लिए पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
सक्षम का अगले महीने था जन्मदिन
कालका एसडीएच में मौजूद पीड़ितों के रिश्तेदारों ने बताया कि हादसे में मृत बच्चे सक्षम जोकि अभी 11 माह का था, उसका अगले महीने पहला जन्मदिन था। समक्ष परिवार वालों का बहुत प्यारा था, सोशल साइट पर उसकी फोटो डालते रहते थे।
भारी वाहनों का प्रवेश रात 8 बजे के बाद करने की मांग
समाज सेवी सुनील शाम, मुकेश सोढी सहित अन्य दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि कालका में भारी वाहनों का प्रवेश रात 8 बजे के बाद किया जाए या फिर इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा निर्धारित कि जाए। उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि भारी वाहनों के चलते कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में इनके लिए एक समय सीमा निर्धारित करनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस बाबत प्रशासन से मुलाकात भी करेंगे।
विज्ञापन
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी बब्बी ने बताया कि कैंटर परवाणू से कालका की तरफ आ रहा था। ब्रेक फेल होने पर कैंटर ने सबसे पहले एक ऑल्टो को टक्कर मारी, इसके बाद एक अन्य बाइक और एक्टिवा को चपेट में लिया। उसके बाद पैदल जा रहे लोगों को अपनी चपेट में लेने के बाद एक बाइक और एक्टिवा को अपने साथ घसीटते ले गया। इसके अलावा फल-सब्जियों की दुकान से फल के भरे क्रेट घसीटते हुए सरकारी स्कूल के सामने लगे खंभे से टकराकर रुक गया। बब्बी ने बताया कि हादसे में वह भी बाल-बाल बचा है। कैंटर चालक ने पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में बताया कि वह परवाणू में दवाइयां खाली कर कैंटर लेकर जीरकपुर जा रहा था। बीच बाजार में ही उसके कैंटर की ब्रेक अचानक फेल हो गईं।
विज्ञापन
वह कैंटर में बैठकर ही जोर-जोर से लोगों को आवाजें मारकर साइड होने के लिए कह रहा था। अचानक ही उसकी कैंटर की टक्कर ऑल्टो से हुई। ऑल्टो को बचाने के लिए उसने गाड़ी दूसरी तरफ मोड़ना चाहा तो कैंटर रास्ते में जा रहे लोगों के ऊपर चढ़ गया। कालका थाने के प्रभारी महाबीर सिंह का कहना है कि कैंटर चालक को हिरासत में लिया गया है। कैंटर को कब्जे में लेकर शवों को कालका के शव गृह में रखवा दिया गया है। घायलों को पंचकूला रेफर किया गया हैं। पुलिस कार्रवाई करने में लगी हुई हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने मृतकों के शवों को रखवाया मोर्चरी में
सूचना मिलते ही कालका थाना प्रभारी महावीर सिंह और ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी राजकुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद महिला और बच्चे को कालका अस्पताल ले जाया गया। जहां पर जांच करने के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल स्वाति सिंगला, वंश और साक्षी समेत एक अन्य को इलाज के लिए पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
सक्षम का अगले महीने था जन्मदिन
कालका एसडीएच में मौजूद पीड़ितों के रिश्तेदारों ने बताया कि हादसे में मृत बच्चे सक्षम जोकि अभी 11 माह का था, उसका अगले महीने पहला जन्मदिन था। समक्ष परिवार वालों का बहुत प्यारा था, सोशल साइट पर उसकी फोटो डालते रहते थे।
भारी वाहनों का प्रवेश रात 8 बजे के बाद करने की मांग
समाज सेवी सुनील शाम, मुकेश सोढी सहित अन्य दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि कालका में भारी वाहनों का प्रवेश रात 8 बजे के बाद किया जाए या फिर इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा निर्धारित कि जाए। उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि भारी वाहनों के चलते कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में इनके लिए एक समय सीमा निर्धारित करनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस बाबत प्रशासन से मुलाकात भी करेंगे।