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Panchkula News: दिल्ली में आप 4, कांग्रेस 3 सीटों पर लड़ेगी चुनाव
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चंडीगढ़। ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने की रणनीति में पंजाब सबसे बड़े पेंच के रूप में फंस गया है। अब तक पंजाब कांग्रेस के नेता ही आप से गठबंधन का विरोध कर रहे थे, लेकिन अब पंजाब आप के नेताओं ने भी पार्टी से कह दिया है कि कांग्रेस को साथ लेकर चलना मुश्किल है।
इसके बावजूद दोनों दलों में गठजोड़ की उम्मीदें भी बरकरार हैं क्योंकि इसी हफ्ते दिल्ली में हुई दोनों दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक में दिल्ली की सीटों के लिए सहमति बन गई है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस और आप 2019 की भांति 2024 के लोकसभा चुनाव में भी दिल्ली में सीट शेयरिंग करेंगी और आप 4 व कांग्रेस 3 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इस संबंध में फिलहाल घोषणा नहीं की गई है, क्योंकि अब कांग्रेस और आप के बीच गुजरात व गोवा की सीटों को लेकर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। दोनों दल इन राज्यों में भी सीट शेयरिंग की संभावनाएं तलाश रहे हैं और माना जा रहा है कि दिल्ली के पैटर्न पर दोनों दल 50-50 या 60-40 के अनुपात में सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
इधर, दिल्ली को लेकर सहमति बन जाने के बाद दोनों दलों के लिए पंजाब पर फैसला लेना मुश्किल हो रहा है। दरअसल, यहां दोनों ही दलों को अपने-अपने नेताओं को राजी करना होगा। पंजाब कांग्रेस के इक्का-दुक्का नेताओं को छोड़ दें तो अधिकांश नेता गठबंधन या सीट शेयरिंग के विरुद्ध हैं। यही हालत आप की है। आप नेताओं का इरादा है कि 13 में से 10 सीटें उन्हें मिलें जबकि कांग्रेस किसी भी कीमत पर उन सात सीटों को छोड़ने को तैयार नहीं है, जहां उसके सांसद हैं।
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वीरवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सभी 13 सीटें जीतने का दावा करके संकेत दिए गए कि वह कांग्रेस के बगैर चुनाव में उतरने को तैयार हैं। भले ही दोनों दलों के नेता साथ आने पर सहमति नहीं दे रहे, लेकिन अंतिम फैसला दोनों दलों के हाईकमान द्वारा ही लिया जाना है, जिसमें पंजाब के बाकी राजनीतिक समीकरण भी अहम भूमिका निभाएंगे।
पंजाब में फिलहाल भाजपा अकेले और अकाली दल-बसपा का गठबंधन है। अगर अकाली दल और भाजपा फिर से साथ आते हैं तो कांग्रेस और आप के लिए साथ आना मजबूरी हो जाएगा और स्थानीय नेताओं का विरोध दोनों की आलाकमान दरकिनार कर देंगे।
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इसके बावजूद दोनों दलों में गठजोड़ की उम्मीदें भी बरकरार हैं क्योंकि इसी हफ्ते दिल्ली में हुई दोनों दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक में दिल्ली की सीटों के लिए सहमति बन गई है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस और आप 2019 की भांति 2024 के लोकसभा चुनाव में भी दिल्ली में सीट शेयरिंग करेंगी और आप 4 व कांग्रेस 3 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इस संबंध में फिलहाल घोषणा नहीं की गई है, क्योंकि अब कांग्रेस और आप के बीच गुजरात व गोवा की सीटों को लेकर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। दोनों दल इन राज्यों में भी सीट शेयरिंग की संभावनाएं तलाश रहे हैं और माना जा रहा है कि दिल्ली के पैटर्न पर दोनों दल 50-50 या 60-40 के अनुपात में सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
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इधर, दिल्ली को लेकर सहमति बन जाने के बाद दोनों दलों के लिए पंजाब पर फैसला लेना मुश्किल हो रहा है। दरअसल, यहां दोनों ही दलों को अपने-अपने नेताओं को राजी करना होगा। पंजाब कांग्रेस के इक्का-दुक्का नेताओं को छोड़ दें तो अधिकांश नेता गठबंधन या सीट शेयरिंग के विरुद्ध हैं। यही हालत आप की है। आप नेताओं का इरादा है कि 13 में से 10 सीटें उन्हें मिलें जबकि कांग्रेस किसी भी कीमत पर उन सात सीटों को छोड़ने को तैयार नहीं है, जहां उसके सांसद हैं।
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वीरवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सभी 13 सीटें जीतने का दावा करके संकेत दिए गए कि वह कांग्रेस के बगैर चुनाव में उतरने को तैयार हैं। भले ही दोनों दलों के नेता साथ आने पर सहमति नहीं दे रहे, लेकिन अंतिम फैसला दोनों दलों के हाईकमान द्वारा ही लिया जाना है, जिसमें पंजाब के बाकी राजनीतिक समीकरण भी अहम भूमिका निभाएंगे।
पंजाब में फिलहाल भाजपा अकेले और अकाली दल-बसपा का गठबंधन है। अगर अकाली दल और भाजपा फिर से साथ आते हैं तो कांग्रेस और आप के लिए साथ आना मजबूरी हो जाएगा और स्थानीय नेताओं का विरोध दोनों की आलाकमान दरकिनार कर देंगे।