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आप विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर उठाए दलितों के मुद्दे
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आम आदमी पार्टी के विधायकों ने मंगलवार सुबह को पंजाब विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। विपक्ष के हरपाल सिंह चीमा ने कैप्टन सरकार को अनुसूचित जाति विरोधी करार देते हुए कहा कि कांग्रेस ने दलित वर्ग के साथ जितने भी वायदे किए थे उनमें से एक भी वायदा पूरा नहीं किया।
इसके बाद सदन में आप की सदस्य सरबजीत कौर माणूंके द्वारा अनुसूचित जाति के मुद्दे पर लाए गए ‘काम रोको प्रस्ताव’ को स्पीकर द्वारा स्वीकृति नहीं दिए जाने पर रोष जताते हुए आप विधायकों ने पहले स्पीकर के समक्ष जाकर सदन में नारेबाजी की और हरपाल चीमा के नेतृत्व में वाकआउट कर गए।
आप विधायकों प्रिंसिपल बुद्ध राम और मास्टर बलदेव सिंह ने अनुसूचित जाति को 5-5 मरले के प्लॉट देने, 200 यूनिट बिजली की सुविधा को शर्तों रहित करने, संविधान की 85वीं संशोधन लागू करने, प्राइवेट कंपनियों में आरक्षण लागू करने, दलित परिवारों के सभी कर्ज माफ करने, मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने, प्राइवेट स्कूलों में आरटीआई कानून के अंतर्गत 25 प्रतिशत अनुसूचित जाति के परिवारों के बच्चों का दाखिला यकीनी बनाने, अंडर मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक बकाया, वजीफे जारी करने जैसे काफी मुद्दे पहले तो विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते हुए उठाए और बाद में सदन में बजट प्रस्ताव पर बहस के दौरान भी यह मुद्दे उठाए गए।
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इसके बाद सदन में आप की सदस्य सरबजीत कौर माणूंके द्वारा अनुसूचित जाति के मुद्दे पर लाए गए ‘काम रोको प्रस्ताव’ को स्पीकर द्वारा स्वीकृति नहीं दिए जाने पर रोष जताते हुए आप विधायकों ने पहले स्पीकर के समक्ष जाकर सदन में नारेबाजी की और हरपाल चीमा के नेतृत्व में वाकआउट कर गए।
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आप विधायकों प्रिंसिपल बुद्ध राम और मास्टर बलदेव सिंह ने अनुसूचित जाति को 5-5 मरले के प्लॉट देने, 200 यूनिट बिजली की सुविधा को शर्तों रहित करने, संविधान की 85वीं संशोधन लागू करने, प्राइवेट कंपनियों में आरक्षण लागू करने, दलित परिवारों के सभी कर्ज माफ करने, मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने, प्राइवेट स्कूलों में आरटीआई कानून के अंतर्गत 25 प्रतिशत अनुसूचित जाति के परिवारों के बच्चों का दाखिला यकीनी बनाने, अंडर मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक बकाया, वजीफे जारी करने जैसे काफी मुद्दे पहले तो विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते हुए उठाए और बाद में सदन में बजट प्रस्ताव पर बहस के दौरान भी यह मुद्दे उठाए गए।
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