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Panchkula News: आधार ऑपरेटर्स ने सेवा शर्तों को दी हाईकोर्ट में चुनौती, केंद्र और यूआईडीएआई को नोटिस
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चंडीगढ़। पंजाब के आधार कार्ड ऑपरेटर्स ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए सेवा शर्तों में खामियां बताते हुए इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार व यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
आधार ऑपरेटर यूनियन ने एडवोकेट इशा गोयल, शिवानी सैनी व राजा परमजीत सैनी के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि वे यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लिए काम करते हैं, लेकिन उनकी सेवा सीधे तौर पर यूआईडीएआई के लिए नहीं है। यूआईडीएआई ने उनकी नियुक्ति के लिए रजिस्ट्रार व एजेंसियों का सहारा लिया है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उन्हें तय वेतन का भुगतान भी नहीं किया जाता और किसी भी प्रकार के भत्तों का लाभ नहीं दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार छोटी-छोटी गलतियों के लिए अपने स्तर पर ऑपरेटरों को निलंबित कर देते हैं और उन पर जुर्माना भी लगाया जाता है। ऐसा करते हुए ऑपरेटरों को सुनवाई का मौका तक नहीं दिया जाता है जो न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।
याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से अपील की कि ऑपरेटरों का वेतन तय किया जाए और उन्हें सभी प्रकार के भत्तों का लाभ दिया जाए। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि इन ऑपरेटरों को इस प्रकार का लाभ जारी नहीं किया जा सकता। साथ ही ऑपरेटरों के मामले में गलतियों की स्थिति में सुनवाई का मौका देने का कोई प्रावधान नहीं है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने अब केंद्र सरकार और यूआईडीएआई को नोटिस जारी करते हुए हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
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आधार ऑपरेटर यूनियन ने एडवोकेट इशा गोयल, शिवानी सैनी व राजा परमजीत सैनी के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि वे यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लिए काम करते हैं, लेकिन उनकी सेवा सीधे तौर पर यूआईडीएआई के लिए नहीं है। यूआईडीएआई ने उनकी नियुक्ति के लिए रजिस्ट्रार व एजेंसियों का सहारा लिया है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उन्हें तय वेतन का भुगतान भी नहीं किया जाता और किसी भी प्रकार के भत्तों का लाभ नहीं दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार छोटी-छोटी गलतियों के लिए अपने स्तर पर ऑपरेटरों को निलंबित कर देते हैं और उन पर जुर्माना भी लगाया जाता है। ऐसा करते हुए ऑपरेटरों को सुनवाई का मौका तक नहीं दिया जाता है जो न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।
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याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से अपील की कि ऑपरेटरों का वेतन तय किया जाए और उन्हें सभी प्रकार के भत्तों का लाभ दिया जाए। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि इन ऑपरेटरों को इस प्रकार का लाभ जारी नहीं किया जा सकता। साथ ही ऑपरेटरों के मामले में गलतियों की स्थिति में सुनवाई का मौका देने का कोई प्रावधान नहीं है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने अब केंद्र सरकार और यूआईडीएआई को नोटिस जारी करते हुए हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
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