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Panchkula News: सुखना के पास 100 एकड़ में बसेगी हरियाली की नई दुनिया

Fri, 30 Oct 2026 02:05 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 02:05 AM IST
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A new world of greenery will take shape across 100 acres near Sukhna.
सुखना के पास 100 एकड़ में बसेगी हरियाली की नई दुनिया
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एमडीसी सेक्टर-1 में बनेगा बॉटेनिकल गार्डन, ट्राइसिटी को मिलेगा प्रकृति और वनस्पति संरक्षण का नया केंद्र
वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी की संवेदनशीलता के चलते रिहायशी-व्यावसायिक हब के बजाय हरियाली को तरजीह
पंचकूला। सुखना झील के पास आने वाले समय में हरियाली की एक नई दुनिया बसाने की तैयारी है। पंचकूला के एमडीसी सेक्टर-1 में करीब 100 एकड़ जमीन पर बॉटेनिकल गार्डन विकसित किया जाएगा। यहां रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियों के बजाय प्रकृति, दुर्लभ वनस्पतियों और औषधीय पौधों के संरक्षण पर जोर रहेगा। इससे पंचकूला के साथ चंडीगढ़ और मोहाली के लोगों को भी प्रकृति के करीब समय बिताने का नया ठिकाना मिलने की उम्मीद है। पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) को जमीन मिलने के बाद परियोजना की तैयारी आगे बढ़ी है। फिलहाल कंसल्टेंट के माध्यम से स्थल की स्थिति, पर्यावरणीय परिस्थितियों और विकास की संभावनाओं का अध्ययन कराया जा रहा है। स्टडी पूरी होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।

2001 में अधिग्रहित जमीन पर अब आगे बढ़ेगी योजना
एमडीसी सेक्टर-1 की इस जमीन को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने वर्ष 2001 में अधिग्रहित किया था। कोर्ट केस के कारण जमीन का मामला लंबे समय तक अटका रहा। करीब चार से पांच महीने पहले जमीन पीएमडीए को मिलने के बाद इसके इस्तेमाल की योजना आगे बढ़ी है। क्षेत्र की वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी संबंधी संवेदनशीलता को देखते हुए यहां रेजिडेंशियल और कमर्शियल हब के बजाय बॉटेनिकल गार्डन विकसित करने की योजना बनाई गई है।
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दुर्लभ और औषधीय पौधों का बनेगा संरक्षण केंद्र
प्रस्तावित गार्डन में विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधों, दुर्लभ वनस्पतियों और औषधीय पौधों के संरक्षण पर जोर दिया जा सकता है। यह वनस्पति विज्ञान के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए भी उपयोगी केंद्र बन सकता है। यहां पौधों की विविधता, उनके औषधीय गुणों और पर्यावरण में उनकी भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा। गार्डन की योजना में लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र, पैदल पथ, तालाब और पर्यटकों के बैठने की जगह जैसी सुविधाओं पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि, इन सुविधाओं को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। कंसल्टेंट की स्टडी के आधार पर ही गार्डन का स्वरूप और सुविधाएं तय होंगी।
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स्टडी के बाद तय होगा निर्माण का खाका
पीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. मकरंद पांडुरंग के अनुसार, एमडीसी सेक्टर-1 में 100 एकड़ जमीन मिली है, जहां सुखना झील के पास बॉटेनिकल गार्डन विकसित किया जाएगा। कंसल्टेंट की स्टडी पूरी होने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। परियोजना की लागत, सुविधाओं और निर्माण की समयसीमा की विस्तृत जानकारी आगे की प्रक्रिया के बाद सामने आएगी।
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