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एडवांस मेडिटेशन : बिना बोले भाव प्रकट किया

Mon, 10 Sep 2012 12:00 PM IST
Panchkula
Panchkula Updated Mon, 10 Sep 2012 12:00 PM IST
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पंचकूला। आर्ट आफ लिविंग की ओर से यूथ के लिए आयोजित पांच दिवसीय एडवांस मेडिटेशन प्रोग्राम का रविवार को सेक्टर-7 स्थित दुर्गा मंदिर में समापन हो गया। मेडिटेशन प्रोग्राम में हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से 100 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। समापन अवसर पर युवाओं ने अपने अनुभव एक-दूसरे और मीडिया कर्मियों से सांझा किया। उन्होंने बताया कि वे पहले आर्ट आफ लिविंग के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेना चाहते थे, लेकिन दोस्तों के कहने पर जब वे मेडिटेशन प्रोग्राम में पहुंचे तो उन्हें एक्स्ट्रा और पॉजिटिव एनर्जी का अनुभव हुआ। वे अब अपनी जिंदगी और सकारात्मक रूप से जीने की कोशिश करेंगे।
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आर्ट आफ लिविंग की इंटरनेशनल फेकल्टी नई दिल्ली की सदस्य अतिका ने बताया कि इस प्रोग्राम में मेडिटेशन की एडवांस तकनीकी बताई गई। इसकी खास बात यह थी कि आए युवाओं को तीन दिन मौन व्रत रखवाया गया। वे अपना-अपना काम करते रहे, लेकिन किसी ने एक भी शब्द नहीं बोला। मौन व्रत के बाद युवाओं ने अपार शक्ति को महसूस किया। उन्होंने मौन व्रत की महत्वता को उदाहरण देकर समझाया कि यदि कोई व्यक्ति आपके बारे में निगेटिव सोच रखता है और आप उसी के बारे में सोच रहे हैं तो आपकी सारी एनर्जी वेस्ट जाएगी। आप भी निगेटिव सोचने लगेंगे। इससे अच्छा है कि आप सिर्फ उसी के बारे में सोचें जो आपके लिए पाजिटिव सोच रखता है। आप में पाजिटिव एनर्जी आएगी। मीडिया को-आर्डिनेटर विवेक मैनी ने बताया कि वे बच्चों और मीडिया कर्मियों के लिए जल्द ही एक मेडिटेशन का प्रोग्राम रखने वाले हैं। इस मौके पर गौतम गिरहोत्रा, शिव सुखीजा, आरके सपरा और टीके चावला मौजूद रहे।
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युवाओं ने बताएं एक्सपीरियंस
-पहले इस प्रोग्राम में हिस्सा नहीं ले रही थी। दोस्तों के कहने पर कैंप ज्वाइन किया। पहले दिन बोर हो गई, लेकिन आज पता चल रहा है कि बिना बोले मेरे कितने सारे दोस्त बन गए हैं।
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-निधि, छात्रा, पंचकूला
- मौन व्रत आसान नहीं था। पता नहीं कहां से एनर्जी आ गई। मन में कई तरह के आने वाले विचार भी पूरी तरह से खत्म हो गए। लक्ष्य के प्रति एकाग्रता भी बढ़ी है।
-प्रज्जवल, छात्र
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