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सालभर किसी टीचर ने नहीं पढ़ाया...लेकिन पेपर अच्छा हुआ

Tue, 12 Mar 2019 01:10 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Tue, 12 Mar 2019 01:10 AM IST
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सालभर किसी टीचर ने नहीं पढ़ाया...लेकिन पेपर अच्छा हुआ
फ्लैग : सीबीएसई की 12वीं कक्षा के सोशियोलॉजी के पेपर के बाद जीएमएसएसएस-27 के छात्रों का चौंकाने वाला खुलासा-
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सालभर से सोशियोलॉजी का टीचर नहीं, खुद से पढ़कर दी परीक्षा

स्टूडेंट्स बोले- कैसे तैयारी करनी है, यह भी किसी ने नहीं बताया
250 स्टूडेंट्स के भविष्य से खिलवाड़, इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन?
इन हालातों के साथ शिक्षा विभाग को चाहिए 100 फीसदी रिजल्ट

रिशु राज सिंह
चंडीगढ़। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं क्लास के लिए सोशियोलॉजी का पेपर सोमवार को आयोजित हुआ। आर्ट्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए ये बेहद महत्वूर्ण पेपर था। जीजीएमएसएसएस-18 में बने सेंटर से सेक्टर-27 स्थित गर्वमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के स्टूडेंट्स ने पेपर देने के बाद जो बताया वह बेहद चौंकाने वाला था। उन्होंने बताया कि सालभर से उनकी सोशियोलॉजी की क्लास नहीं लगी। स्कूल में इस सब्जेक्ट का कोई टीचर ही नहीं है। तैयारी कैसे करनी है, कौन से सैंपल पेपर से पढ़ना है, यह बताने के लिए भी कोई टीचर नहीं था...फिर भी स्टूडेंट्स बोले-पेपर अच्छा ही हुआ। हालांकि यह बात सोच से परे है कि 12वीं के जिन 250 छात्रों को सालभर सोशियोलॉजी पढ़ाया ही नहीं गया, उनका रिजल्ट कितना अच्छा होगा। ऐसे में सवाल उठता है कि शिक्षा विभाग 100 फीसदी रिजल्ट की उम्मीद कैसे कर सकता है।
इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन?
हैरानी की बात है कि जीएमएसएसएस-27 के 12वीं में सोशियोलॉजी के करीब 250 स्टूडेंट हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए कोई टीचर नहीं है। स्टूडेंट्स ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रिंसिपल को कहा कि टीचर नहीं होने की वजह से उनकी तैयारी नहीं हो पा रही है, लेकिन साल निकल गया कोई टीचर नहीं आया। आखिर के दिनों में एक टीचर आया वह भी सिर्फ प्रेक्टिकल लेने के लिए। जानकारी के अनुसार स्कूल में 2 साल पहले सोशियोलॉजी सब्जेक्ट के टीचर थे, लेकिन उनके रिटायर होने के बाद से अभी तक कोई दूसरा नहीं आया। स्टूडेंट्स ने निराशा भरी आवाज में बताया कि सैंपल पेपर भी उन्होंने खुद ही ढूंढे हैं। सूत्रों के मुताबिक स्कूल की तरफ से पद खाली होने की जानकारी काफी पहले ही भेजी जा चुकी थी, बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं हुई। शिक्षा विभाग के इस ढुल मुल रवैया का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। इस रवैये से पता चलता है कि छात्रों के भविष्य को लेकर कितनी चिंता की जा रही है।
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लेंथी पर आसान था पेपर
सोशियोलॉजी के पेपर का आयोजन सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक किया गया था। यह पेपर देशभर में एक ही समय पर अलग अलग सेंटर्स पर आयोजित किया गया था। पेपर देकर एग्जाम हॉल से बाहर आए कुछ स्टूडेंट्स के चेहरे पर मुस्कान थी तो कुछ थोड़े निराश दिखाई दिए। पेपर देकर परीक्षा केन्द्र से बाहर आ रहे एक छात्र ने बताया कि पेपर आसान था। वहीं कुछ छात्रों ने बताया कि 4 अंकों के सवालों ने अन्य सवालों के मुकाबले ज्यादा समय लिया। अन्य छात्रों के ने बताया कि पेपर बैलेंस्ड था। पेपर के अधिकतर सवाल एनसीईआरटी की किताब से ही पूछे गए थे। हालांकि 2 नंबर के कुछ सवाल पेचीदा थे, लेकिन अधिकतर सवाल आसान थे।
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क्या कहते हैं स्टूडेंट्स

जैसा अनुमान था वैसा ही पेपर आया
आसान आसान था और मैंने इसे समय पर खत्म कर लिया। जैसा अनुमान लगाया था, थोड़ा बहुत वैसा ही पेपर आया था। - अक्षय शर्मा, छात्र

काफी अच्छा रहा पेपर
पेपर आसान था। आर्ट्स स्ट्रीम के लिए यह पेपर काफी महत्वपूर्ण होता है। इस पेपर से प्रसेंटेज काफी बेहतर हो जाते हैं। खुश हूं कि पेपर अच्छा हुआ है। - कृष्णकांत, छात्र


बैलेंस्ड पेपर था
4 अंकों के सवालों ने अन्य सवालों के मुकाबले ज्यादा समय लिया। नहीं तो बाकी पेपर काफी आसान था। एक तरह से कहा जाए तो बैलेंस्ड पेपर था। - अमर, छात्र

---वर्जन---
जल्द ही टीचर की कमी पूरी होगी
कुछ स्कूलों में टीचर्स की कमी है, लेकिन जीएमएसएसएस-27 में सोशियोलॉजी के टीचर की कमी के बारे में जानकारी नहीं थी। जल्द ही कमियों को पूरा किया जाएगा। - अनुजीत कौर, डीइओ
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