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रिसर्च पर मिलकर काम करेंगे पीयू, फ्रांस व जर्मनी
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मिलकर रिसर्च करेंगे पीयू, फ्रांस और जर्मनी
- विज्ञान व प्रौद्योगिकी को लेकर चल रहा इंडो फ्रेंच सेमिनार संपन्न
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू के भौतिक विज्ञान विभाग में विज्ञान व प्रौद्योगिकी को लेकर चल रहा इंडो फ्रेंच सेमिनार बुधवार को संपन्न हो गया। इस दौरान फ्रांस के प्रो. नैंटेस, प्रो. क्रिस्टोफ हार्टनैक, जर्मनी से प्रो. लेफेल्स, प्रो. ब्रोटकोव्स्काया आदि ने विज्ञान व प्रौद्योगिकी पर विचार रखे। साथ ही इंडो फ्रेंच व इंडो जर्मन को एक संयुक्त सेंटर बनाने और इसके जरिये शिक्षा के लिए जो भी नया होगा उसको आपस में बांटने की बात रखी गई। वीसी प्रो. राजकुमार ने कहा कि परियोजनाओं के लिए जब मिलकर काम होता है तो परिणाम बेहतर होते हैं। फ्रांस व जर्मनी के सहयोग से पीयू और बेहतर कार्य करेगा। रिसर्च के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की जरूरत भी है। समन्वयक, प्रो. देवेंद्र मेहता आदि ने भी अनुसंधान पर बात की। फ्रांस के प्रतिनिधियों ने परमाणु इंजीनियरिंग के क्षेत्र में मदद करने का आश्वासन दिया। पीएचडी के क्षेत्र में बेहतर कार्य हों, इसके लिए भी कहा गया। स्कॉलरशिप शुरू किए जाने पर भी चर्चा हुई।
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- विज्ञान व प्रौद्योगिकी को लेकर चल रहा इंडो फ्रेंच सेमिनार संपन्न
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू के भौतिक विज्ञान विभाग में विज्ञान व प्रौद्योगिकी को लेकर चल रहा इंडो फ्रेंच सेमिनार बुधवार को संपन्न हो गया। इस दौरान फ्रांस के प्रो. नैंटेस, प्रो. क्रिस्टोफ हार्टनैक, जर्मनी से प्रो. लेफेल्स, प्रो. ब्रोटकोव्स्काया आदि ने विज्ञान व प्रौद्योगिकी पर विचार रखे। साथ ही इंडो फ्रेंच व इंडो जर्मन को एक संयुक्त सेंटर बनाने और इसके जरिये शिक्षा के लिए जो भी नया होगा उसको आपस में बांटने की बात रखी गई। वीसी प्रो. राजकुमार ने कहा कि परियोजनाओं के लिए जब मिलकर काम होता है तो परिणाम बेहतर होते हैं। फ्रांस व जर्मनी के सहयोग से पीयू और बेहतर कार्य करेगा। रिसर्च के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की जरूरत भी है। समन्वयक, प्रो. देवेंद्र मेहता आदि ने भी अनुसंधान पर बात की। फ्रांस के प्रतिनिधियों ने परमाणु इंजीनियरिंग के क्षेत्र में मदद करने का आश्वासन दिया। पीएचडी के क्षेत्र में बेहतर कार्य हों, इसके लिए भी कहा गया। स्कॉलरशिप शुरू किए जाने पर भी चर्चा हुई।