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परिवार पहचान पत्र पंजीकरण में 75 हजार ने दी गलत जानकारी, अब आय की जांच कराएगी सरकार

Fri, 09 Apr 2021 01:49 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 09 Apr 2021 01:49 AM IST
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75 thousand people gave incorrect information in registration of family identity card: Manohar
चंडीगढ़। परिवार पहचान पत्र बनवाने में पंजीकरण के दौरान प्रदेश के करीब 75 हजार लोगों ने गलत जानकारी दी है। खुद की आय कम बताते हुए चार लाख परिवारों ने कहा कि उनकी आय 25000 से भी कम है। सरकार ने गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कराने का फैसला लिया है।
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इसके लिए प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सात विभागों की टास्क फोर्स बनाई गई है, जबकि जिलों में डीसी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स काम करेगी। वेरिफिकेशन के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से संबंध रखने वाल पांच- पांच लोगों की कमेटी बनाई गई है।
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परिवार पहचान पत्र को लेकर वीरवार को मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के एडीसी के साथ बैठक कर समीक्षा की। अतिरिक्त जिला उपायुक्तों (एडीसी) को परिवार पहचान पत्र कार्यक्रम का नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। सीएम ने बताया कि इसके अलावा 50 हजार की आय बताने वाले परिवारों का भी वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजनाओं को दूसरे प्रदेशों ने भी लागू किया है और इस योजना को लेकर भी कई लोगों ने रुचि दिखाई है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए लोग कई बार आय कम से कम दिखाते हैं। सीएम ने कहा कि कहा इस वक्त परिवारों के पंजीकरण का काम चल रहा है, इसके साथ साथ आय वेरिफिकेशन का काम भी शुरू किया गया है।
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लोकल कमेटियां का गठन करें
चंडीगढ़। ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीएम ने अतिरिक्त उपायुक्तों को निर्देश दिए कि लोकल-कमेटियों का गठन करें। ये कमेटियां आय, संपत्ति, देनदारियों और अन्य विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हुए एक लाख गरीब परिवारों की पहचान करने में मदद करेंगी। ये संबंधित अतिरिक्त उपायुक्त की देखरेख में पात्र परिवारों का सत्यापन करेंगी। इसके बाद चिन्हित परिवारों को उनकी वित्तीय और सामाजिक स्थिति का उत्थान करने के लिए विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को इन कमेटियों के माध्यम से आंकड़ों के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए शिक्षकों, स्वयंसेवकों, गैर सरकारी संगठनों और बिजली विभाग के कर्मचारियों का सहयोग लेना चाहिए। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने कहा कि अतिरिक्त उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में परिवार पहचान पत्र कार्ड बनवाने में अनुबंध कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों व मजदूरों का सहयोग लेना चाहिए।
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