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विज्ञान से मिली पहचान को कभी नहीं मिटाया जा सकता

Tue, 05 Feb 2019 01:51 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Tue, 05 Feb 2019 01:51 AM IST
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विज्ञान से मिली पहचान को कभी नहीं मिटाया जा सकता
फ्लैग : पीयू में तीन दिवसीय इंडो-फ्रेंच कार्यशाला, पहले दिन पहुंचे केंद्रीय विश्वविद्यालय बठिंडा के वाइस चांसलर
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विज्ञान से मिली पहचान को कभी नहीं मिटाया जा सकता : कोहली

वीसी बोले- पीयू के शिक्षकों ने बेहतर रिसर्च कर देश दुनिया में अलग पहचान बनाई

फोटो---

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विज्ञान के जरिये देश लगातार तरक्की कर रहा है। वैज्ञानिकों ने हर प्रयोग को बेहद सफलतापूर्वक किया है। विज्ञान से नित नए रास्ते खुल रहे हैं। विद्यार्थियों को इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए। साथ ही कुछ नया कर दिखाने का जुनून पैदा करनी चाहिए। यह बात सोमवार को पीयू में शुरू हुई तीन दिवसीय इंडो-फ्रेंच कार्यशाला के पहले दिन सेंट्रल यूनिवर्सिटी बठिंडा के वाइस चांसलर प्रो. आरके कोहली ने कही। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि पीयू बुलंदियों को छू रहा है। यहां का साइंस का बहुत ढांचा अच्छा है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्यार्थी उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा दें। रिसर्च में जब तक गहराई नहीं होगी, नए विषय शामिल नहीं होंगे तब तक अधिक प्रभावी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान से मिली पहचान को कभी मिटाया नहीं जा सकता है। दुनियाभर में भारत का विज्ञान काफी आगे पहुंच चुका है। तकनीक के जरिये भी हम पूरी तरह विकसित होते जा रहे हैं।

रिसर्च के जरिए पीयू को मिल रही पहचान
इस अवसर पर पीयू के वाइस चांसलर प्रो. राजकुमार ने कहा कि जनसांख्यिकीय लाभांश में राष्ट्र मजबूत है। विज्ञान या आध्यामिकता आधार और उसके लिए दोनों पहलुओं का उपयोग करना जरूरी है। उन्होंने विज्ञान पर फोकस करते हुए कहा कि विज्ञान के जरिये भारत दुनिया में अलग पहचान बना चुका है। तकनीकी विकसित की जा रही है जो विदेशों में भी प्रसिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि पीयू के शिक्षकों ने बेहतर रिसर्च कर देश दुनिया में अलग पहचान बनाई है। इसी रिसर्च की बदौलत पीयू की रैंकिंग भी बढ़ रही है। शिक्षकों ने नए रिसर्च प्रोजेक्ट भी तैयार किए हैं जो कि जल्द ही धरातल पर दिखेंगे।
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प्रो. जोएर्ज ऐसिलिन सम्मानित
इस कार्यशाला के फ्रांसीसी समन्वयक प्रो. जोएर्ज ऐसिलिन ने कार्यशाला के महत्व व इंडो-फ्रेंच सहयोग की विभिन्न संभावनाएं बताईं। पीयू के भौतिक विज्ञान अध्यक्ष प्रो. नवदीप गोयल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और विज्ञान विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने पाठ्यक्रम और सुविधाओं के बारे में भी बताया। प्रो. सुरिंदर ने भी विचार रखे। इस दौरान आयोजन समिति ने समन्वयक एवं यूनिवर्सिटी ऑफ नैनटेस के प्रो. जोएर्ज ऐसिलिन को सम्मानित किया गया।
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