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भारत को बुरी निगाह से देखने वालों का हश्र बुरा होगा : सोलंकी

Thu, 27 Jul 2017 01:59 AM IST
Updated Thu, 27 Jul 2017 01:59 AM IST
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भारत को बुरी निगाह से देखने वालों का हश्र बुरा होगा : सोलंकी
भारत को बुरी निगाह से देखने वालों को हश्र बुरा होगा : सोलंकी
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चंडीगढ़।
हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि कारगिल विजय पूरे विश्व को यह संदेश देता है कि भारत की ओर आंख उठाकर देखने वालों को हश्र बहुत बुरा होगा। भारत ने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया गया है। लेकिन जब-जब भारत पर आक्रमण हुआ है तो हमारे वीर सैनिकों ने दुश्मन को मिट्टी में मिलाया है। वे बुधवार को कारगिल विजय दिवस पर स्थानीय डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10 में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन जम्मू-कश्मीर स्टडी सेंटर द्वारा किया गया।
इससे पहले राज्यपाल ने शहीद मेजर संदीप सागर, मेजर राजीव संधू, मेजर नवनीत वत्स और कैप्टन तुषार महाजन के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने डीएवी कॉलेज में स्थापित शहीद कैप्टन विक्त्रस्म बत्रा, कैप्टन विजयंत थापर, लफ्टिनेंट राजीव संधू और मेजर संदीप सिंह की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। राज्यपाल ने कहा कि भारत ने विश्व को शांति व मानवता का पाठ पढ़ाया है। हमने किसी पर सैन्य आक्रमण नहीं किया। यही नहीं हमने तो युद्ध में जीते क्षेत्र का भी कभी अपने अधीन नहीं किया। भगवान श्रीराम ने लंका को जीतकर भी विभीषण को दे दिया था। आधुनिक युग में 1971 में हमने बांग्लादेश को जीतकर भी शेख मुजीबुर्रहमान को दे दिया।
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इससे पहले जम्मू-कश्मीर स्टडी सेंटर के अध्यक्ष पद्मश्री जवाहर लाल कौल ने कहा कि हमें इस धारणा से उबरना होगा कि हिमालय अजेय है क्योंकि हम पर ज्यादातर हमले इसी ओर से हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसी सोच के कारण हमलावर हमारे आंगन में आ धमकता है और हमें बहुत नुकसान उठाना पड़ता है। कारगिल और सियाचीन हमारी इसी गलती का परिणाम हैं। हमें इसके लिए पहले से ही सचेत रहना होगा क्योंकि हमारे सैनिक जीतने के लिए लड़ने जाते हैं, मरने के लिए नहीं। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल बीएस जसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल युद्ध दुनिया के लिए एक मिसाल बन गया है जिसमें भारतीय सैनिकों और सैन्य अधिकारियों न साबित कर दिया कि हमारी सेना विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह ने कहा कि सैनिकों को ही नहीं हर नागरिक को देश की रक्षा के प्रति सचेत रहना होगा। उन्होंने कहा कि केवल वही सरहद नहीं है जहां सेना तैनात है, आतंकवाद के इस दौर में सरहद हर जगह है। इससे रक्षा हर नागरिक की सजगता से ही हो सकती है। डीएवी कालेज के प्राचार्य डा. बीसी जोशन ने सबका स्वागत किया। कालेज के विद्यार्थियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए देशभक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। समारोह में कारगिल युद्ध पर बनी फिल्म भी दिखाई गई।
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