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पोपली से छिना चार्ज
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पोपली से छीना एस्टेट ऑफिस
का चार्ज, लोहान को कमान
- एडवाइजर ने एस्टेट ऑफिस में बदलाव के दिए थे संकेत
- पोपली की सुस्त कार्यशैली से असंतुष्ट थे विभागीय अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एडवाइजर मनोज परिदा ने हाल ही में एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट की कमान डीसी को सौंपने के बाद एक और बड़ा बदलाव किया है। सोमवार को एडवाइजर के निर्देश पर एस्टेट ऑफिस का चार्ज आरके पोपली (पीसीएस) से छीन लिया गया है। अब इसकी कमान डेपुटेशन पर आए एचसीएस अधिकारी मनीष कुमार लोहान को सौंपी गई है। लोहान को एस्टेट ऑफिस का असिस्टेंट कमिश्नर बनाया गया है। इसके अलावा पीसीएस जगजीत सिंह को संयुक्त चुनाव अधिकारी बनाया गया है। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इन निर्देशों को लागू करने के लिए कहा है।
यूटी प्रशासन में बीते वीरवार को पीसीएस जगमीत सिंह औरएचसीएस मनीष कुमार लोहान को ज्वाइन कराया गया था। इन अफसरों के ज्वाइन करने के बाद यूटी प्रशासन में बदलाव की आहट शुरू हो गई थी। इसी के तहत चंडीगढ़ प्रशासन में एक बड़ा परिवर्तन किया गया। लोहान का कहना है कि वह पहले विभागीय कार्यों को बेहतर तरीके से जानेंगे। इसके बाद प्रशासन के मुताबिक काम करेंगे। उनका मकसद है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को हर हाल में आम लोगों तक पहुंचाया जाए।
पहले ही हो गया था खुलासा
12 जनवरी के अपने अंक में अमर उजाला ने सूत्रों के हवाले से खुलासा किया था कि एस्टेट ऑफिस में तैनात अधिकारियों पर प्रशासन की नजर है। आने वाले दिनों में एस्टेट ऑफिस में तैनात अधिकारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। वहीं, यूटी प्रशासन में अब तक ताकतवर रहे अफसरों को जमीनी हकीकत दिखाने के लिए कड़े फैसले लिए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि कई अफसरों के पास महत्वपूर्ण डिपार्टमेंट तो हैं, लेकिन वह केवल खानापूर्ति करने में जुटे रहते हैं। इसके चलते आरके पोपली से एस्टेट ऑफिस का चार्ज लिया गया है।
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इसलिए हुआ स्टेट ऑफिस में बदलाव
चंडीगढ़ प्रशासन का एस्टेट ऑफिस एक महत्वपूर्ण विभाग है। लंबे समय से यहां पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा है। आरके पोपली को चार्ज मिलने के बाद लोगों को यह लगा था कि अब सुनवाई तेजी से होगी, लेकिन पोपली यहां पहुंचते ही कुंडली मारकर बैठ गए। यही वजह रही कि विभाग के उच्चाधिकारी उनकी कार्यशैली से संतुष्ट नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक डीसी एस्टेट ऑफिस में एक ऐसा अफसर चाहते थे, जो कि तेजी से मामलों को निपटाए। इसके चलते लोहान को यहां लगाया गया है। लोहान को एस्टेट ऑफिस का चार्ज देने का एक पहलू यह भी है कि डीसी मनदीप बराड़ लोहान से बेहतर तरीके से काम करा सकते हैं।
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का चार्ज, लोहान को कमान
- एडवाइजर ने एस्टेट ऑफिस में बदलाव के दिए थे संकेत
- पोपली की सुस्त कार्यशैली से असंतुष्ट थे विभागीय अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एडवाइजर मनोज परिदा ने हाल ही में एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट की कमान डीसी को सौंपने के बाद एक और बड़ा बदलाव किया है। सोमवार को एडवाइजर के निर्देश पर एस्टेट ऑफिस का चार्ज आरके पोपली (पीसीएस) से छीन लिया गया है। अब इसकी कमान डेपुटेशन पर आए एचसीएस अधिकारी मनीष कुमार लोहान को सौंपी गई है। लोहान को एस्टेट ऑफिस का असिस्टेंट कमिश्नर बनाया गया है। इसके अलावा पीसीएस जगजीत सिंह को संयुक्त चुनाव अधिकारी बनाया गया है। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इन निर्देशों को लागू करने के लिए कहा है।
यूटी प्रशासन में बीते वीरवार को पीसीएस जगमीत सिंह औरएचसीएस मनीष कुमार लोहान को ज्वाइन कराया गया था। इन अफसरों के ज्वाइन करने के बाद यूटी प्रशासन में बदलाव की आहट शुरू हो गई थी। इसी के तहत चंडीगढ़ प्रशासन में एक बड़ा परिवर्तन किया गया। लोहान का कहना है कि वह पहले विभागीय कार्यों को बेहतर तरीके से जानेंगे। इसके बाद प्रशासन के मुताबिक काम करेंगे। उनका मकसद है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को हर हाल में आम लोगों तक पहुंचाया जाए।
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पहले ही हो गया था खुलासा
12 जनवरी के अपने अंक में अमर उजाला ने सूत्रों के हवाले से खुलासा किया था कि एस्टेट ऑफिस में तैनात अधिकारियों पर प्रशासन की नजर है। आने वाले दिनों में एस्टेट ऑफिस में तैनात अधिकारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। वहीं, यूटी प्रशासन में अब तक ताकतवर रहे अफसरों को जमीनी हकीकत दिखाने के लिए कड़े फैसले लिए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि कई अफसरों के पास महत्वपूर्ण डिपार्टमेंट तो हैं, लेकिन वह केवल खानापूर्ति करने में जुटे रहते हैं। इसके चलते आरके पोपली से एस्टेट ऑफिस का चार्ज लिया गया है।
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इसलिए हुआ स्टेट ऑफिस में बदलाव
चंडीगढ़ प्रशासन का एस्टेट ऑफिस एक महत्वपूर्ण विभाग है। लंबे समय से यहां पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा है। आरके पोपली को चार्ज मिलने के बाद लोगों को यह लगा था कि अब सुनवाई तेजी से होगी, लेकिन पोपली यहां पहुंचते ही कुंडली मारकर बैठ गए। यही वजह रही कि विभाग के उच्चाधिकारी उनकी कार्यशैली से संतुष्ट नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक डीसी एस्टेट ऑफिस में एक ऐसा अफसर चाहते थे, जो कि तेजी से मामलों को निपटाए। इसके चलते लोहान को यहां लगाया गया है। लोहान को एस्टेट ऑफिस का चार्ज देने का एक पहलू यह भी है कि डीसी मनदीप बराड़ लोहान से बेहतर तरीके से काम करा सकते हैं।