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एक लीटर पेट्रोल खरीदने पर 34 रुपये सरकार की जेब में जाते हैं

Wed, 12 Sep 2018 01:52 PM IST
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:52 PM IST
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एक लीटर पेट्रोल खरीदने पर 34 रुपये सरकार की जेब में जाते हैं
एक लीटर पेट्रोल खरीदने पर सरकार की जेब में जाते हैं 34 रुपये
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केंद्र सरकार और यूटी प्रशासन चाहे तो लोगों को मिल सकती है राहत
आशीष वर्मा/अनुभव अवस्थी
चंडीगढ़। पेट्रोल-डीजल के रेट रोजाना नए रिकार्ड बना रहे हैं। चंडीगढ़ में मंगलवार को पेट्रोल 77.86 रुपये में बिका, जबकि डीजल 70.95 रुपये प्रति लीटर। यदि सरकार चाहे तो दामों में राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार चाहे तो वह सेंट्रल एक्साइज टैक्स पर कटौती कर सकती है, जबकि यूटी प्रशासन वैट पर। पिछले वर्ष सरकार ने एक्साइज टैक्स में कटौती की थी तो यूटी प्रशासन ने वैट में। करीब ढाई से तीन रुपये पेट्रोल-डीजल के दाम नीचे आ गए थे। इससे जनता को भारी राहत मिली थी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि इसी तरह से दाम बढ़ते रहे तो दूसरी जरूरी चीजें भी महंगी हो सकती हैं। अमर उजाला टीम ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स पर एक विश्लेषण किया, जो यह बताता है कि एक लीटर पेट्रोल या डीजल खरीदने पर सरकार की जेब में कितना टैक्स जाता है। दूसरे राज्यों के मुकाबले यूटी प्रशासन कितना ज्यादा वैट वसूल रही है?

सेंट्रल एक्ससाइज टैक्स : चार साल में 10 रुपये बढ़ा (ग्राफिक्स से समझा सकते हैं)
एक लीटर पेट्रोल पर केंद्र सरकार साल 2014 में नौ रुपये 48 पैसे वसूलती थी, जो 31 जनवरी 2016 को बढ़कर 21.48 रुपये पहुंच गया। हालांकि, चार अक्तूबर 2017 को भारत सरकार ने पहली बार सेंट्रल टैक्स में दो रुपये की कटौती की। इसी तरह से एक अप्रैल 2014 को डीजल पर एक्साइज टैक्स तीन रुपये 56 पैसे था, जो 31 जनवरी 2016 को 17.33 रुपये पहुंच गया। चार अक्तूबर 2017 को भी डीजल पर भी सेंट्रल एक्साइज टैक्स में दो रुपये की कटौती की।
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साल पेट्रोल डीजल
एक अप्रैल 2014 9.48 3.56
12 नवंबर 2014 11.02 5.11
तीन दिसंबर 2014 13.34 6.14
दो जनवरी 2015 15.40 8.20
17 जनवरी 2015 17.46 10.26
सात नवंबर 2015 19.06 10.66
17 दिसंबर 2015 19.36 11.83
दो जनवरी 2016 19.73 13.83
16 जनवरी 2016 20.48 15.83
31 जनवरी 2016 21.48 17.33
4 अक्तूबर 2017 19.48 15.33
(टैक्स रुपये में है)

चंडीगढ़ में गोवा से करीब तीन प्रतिशत ज्यादा वसूला जाता है वैट
सेंट्रल एक्साइज टैक्स के बाद पेट्रोल व डीजल पर वैट टैक्स लगता है। हर राज्य का वैट प्रतिशत अलग-अलग होता है। यूटी प्रशासन चंडीगढ़ में प्रति लीटर पेट्रोल पर करीब 19.76 प्रतिशत वैट वसूलता है, जो करीब 14.38 रुपये बनता है, जबकि डीजल पर 11.42 प्रतिशत वैट वसूला जाता है, जो करीब 8.40 रुपये बनता है। चंडीगढ़ में वैट प्रतिशत गोवा के मुकाबले करीब तीन प्रतिशत ज्यादा है। गोवा में करीब 16.7 प्रतिशत, मिजोरम में 18.9 प्रतिशत, जबकि चंडीगढ़ में 19.76 प्रतिशत वैट वसूला जाता है।
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कहां कितना वसूला जाता है वैट (प्रतिशत में)
जगह पेट्रोल डीजल
पंजाब 35.12 16.74
दिल्ली 27.00 17.24
हरियाणा 26.25 17.22
हिमाचल 24.43 14.38
राजस्थान 28.38 20.80
चंडीगढ़ 19.76 11.42
मिजोरम 18.9 11.5
गोवा 16.7 18.9

एक लीटर पेट्रोल खरीदने में कितने रुपये सरकार की जेब में जाते हैं (ग्राफिक्स से समझा सकते हैं)
10 सितंबर को एक लीटर पेट्रोल का रेट 77.81 रुपये
चंडीगढ़ में पेट्रोल का बेसिक रेट करीब 41.00 रुपये प्रति लीटर
एक लीटर पेट्रोल पर डीलर कमिशन 2.96 रुपये (औसत)
भारत सरकार का सेंट्रल एक्साइज टैक्स 19.48 रुपये
यूटी प्रशासन की ओर से वैट टैक्स 14.38 रुपये
एक्साइज टैक्स व वैट टैक्स मिलाकर करीब 33.86 रुपये बनता है
इस हिसाब से एक लीटर पेट्रोल खरीदने पर आप 77.81 रुपये देते हैं, जिनमें से 33.86 रुपये सरकार की जेब में जाते हैं।
(नोट : डीलर कमिशन बढ़ता-घटता रहता है, इसलिए रेट में तीन से चार पैसे का अंतर आ सकता है।)

एक लीटर डीजल खरीदने में कितना रुपये सरकार की जेब में जाते हैं (ग्राफिक्स से समझा सकते हैं)

10 सितंबर को एक डीजल का रेट 70.89 रुपये
चंडीगढ़ में डीजल का बेसिक रेट करीब 44.00 रुपये प्रति लीटर
एक लीटर पेट्रोल पर डीलर कमिशन दो रुपये (औसत)
भारत सरकार का सेंट्रल एक्साइज टैक्स 15.30 रुपये
यूटी प्रशासन की ओर से वैट टैक्स 8.55 रुपये
एक्साइज टैक्स व वैट टैक्स मिलाकर करीब 23.76 रुपये बनते हैं
इस हिसाब से एक लीटर डीजल खरीदने पर आप 70.89 रुपये देते हैं, जिनमें से 23.76 रुपये सरकार की जेब में जाते हैं।

कोट
केंद्र सरकार और यूटी प्रशासन चाहे तो जनता को रियायत मिल सकती है। दोनों ही अपने स्तर पर कुछ टैक्स में कटौती कर सकते हैं। इससे जनता को राहत मिलेगी। यदि यूटी प्रशासन कुछ कम करना चाहता है तो पंजाब व हरियाणा की सरकारें दबाव डालने लगती हैं। उन्हें लगता है कि यदि यूटी में कम रेट पर पेट्रोल बिकेगा तो पंजाब व हरियाणा के लोग यहां पर आकर पेट्रोल-डीजल लेना शुरू कर देंगेे और कालाबाजारी बढ़ जाएगी, लेकिन यह कोई तर्क नहीं होता है। चंडीगढ़ के लोगों को तो राहत मिलनी चाहिए।
-अजय जग्गा, वरिष्ठ एडवोकेट व टैक्स विशेषज्ञ
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