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पीजीआई में कैंसर का इलाज नई तकनीक से
Updated Tue, 11 Sep 2018 02:33 AM IST
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पीजीआई में कैंसर के इलाज को नई मशीन इंस्टॉल
नई मशीन के माध्यम से ट्यूमर को फ्रीज कर खत्म किया जा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कैंसर के इलाज के लिए पीजीआई के रेडियोडाइग्नोसिस विभाग ने एक नई मशीन लगाई है। दावा है कि यह मशीन कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए काफी असरदार साबित होगी। मशीन ट्यूमर की कोशिकाओं को पूरी तरह से खत्म कर देगी। पहले जो मशीन थी, उसमें हीट एनर्जी के जरिए ट्यूमर को निशाना बनाया जाता था, जबकि नई मशीन के माध्यम से फ्रीज कर ट्यूमर को खत्म किया जा रहा है। इसमें माइनस 150 डिग्री तापमान में ट्यूमर को नष्ट किया जाता है। इस मशीन का एक और फायदा है, जिसमें सिर्फ ट्यूमर की कोशिकाओं को टारगेट होता। नार्मल टिश्यू को नुकसान नहीं पहुंचता है। डिपार्टमेंट आफ रेडियोडाइग्नोसिस की प्रोफेसर मंदीप कंग के मुताबिक नई मशीन से किडनी, लंग्स, बोन, प्रोस्टेट, लिवर और पैंक्रियाज के कैंसर का इलाज काफी बेहतर ढंग से होता है। डिपार्टमेंट के एचओडी एन खंडेलवाल ने दावा किया कि नई मशीन का इंस्टाल करने वाला पीजीआई देश का पहला संस्थान बन गया है। इससे पहले किसी भी हास्पिटल में मशीन नहीं है। पहले दिन इस मशीन से पांच ट्यूमर को खत्म किया गया, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों में स्थित था। ये ट्यूमर किडनी, लंग्स, लिवर और बोन में स्थित थे। जिन्हें डा. मंदीप कंग, डा. नवीन कालरा, डा. अनुपम लाल, डा. महेश प्रकाश, डा. अन्निदित्ता, डा. अजय, डा. उज्ज्वल, डा. श्रीधर, डा. फ्रेनक्वाइस ने ट्रीट किया।
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नई मशीन के माध्यम से ट्यूमर को फ्रीज कर खत्म किया जा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कैंसर के इलाज के लिए पीजीआई के रेडियोडाइग्नोसिस विभाग ने एक नई मशीन लगाई है। दावा है कि यह मशीन कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए काफी असरदार साबित होगी। मशीन ट्यूमर की कोशिकाओं को पूरी तरह से खत्म कर देगी। पहले जो मशीन थी, उसमें हीट एनर्जी के जरिए ट्यूमर को निशाना बनाया जाता था, जबकि नई मशीन के माध्यम से फ्रीज कर ट्यूमर को खत्म किया जा रहा है। इसमें माइनस 150 डिग्री तापमान में ट्यूमर को नष्ट किया जाता है। इस मशीन का एक और फायदा है, जिसमें सिर्फ ट्यूमर की कोशिकाओं को टारगेट होता। नार्मल टिश्यू को नुकसान नहीं पहुंचता है। डिपार्टमेंट आफ रेडियोडाइग्नोसिस की प्रोफेसर मंदीप कंग के मुताबिक नई मशीन से किडनी, लंग्स, बोन, प्रोस्टेट, लिवर और पैंक्रियाज के कैंसर का इलाज काफी बेहतर ढंग से होता है। डिपार्टमेंट के एचओडी एन खंडेलवाल ने दावा किया कि नई मशीन का इंस्टाल करने वाला पीजीआई देश का पहला संस्थान बन गया है। इससे पहले किसी भी हास्पिटल में मशीन नहीं है। पहले दिन इस मशीन से पांच ट्यूमर को खत्म किया गया, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों में स्थित था। ये ट्यूमर किडनी, लंग्स, लिवर और बोन में स्थित थे। जिन्हें डा. मंदीप कंग, डा. नवीन कालरा, डा. अनुपम लाल, डा. महेश प्रकाश, डा. अन्निदित्ता, डा. अजय, डा. उज्ज्वल, डा. श्रीधर, डा. फ्रेनक्वाइस ने ट्रीट किया।