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पीजीआई के कांट्रैक्ट वर्करों को नहीं मिली सैलरी
Updated Mon, 15 Jan 2018 02:37 AM IST
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पीजीआई के कांट्रैक्ट वर्करों को नहीं मिली तनख्वाह
कई कर्मचारियों को बिना वेतन मनाने पड़े त्योहार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीजीआई में तैनात कांट्रैक्ट वर्करों को अब तक सैलरी नहीं मिली है। इससे कर्मचारियों में रोष है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीजीआई कांट्रैक्ट यूनियन के प्रधान संजीव ने बताया कि टीडीएस कंपनी की ओर से अब तक कर्मचारियों को सैलरी नहीं दी गई है। इस मामले में पीजीआई को दखल देना चाहिए, लेकिन वह भी चुप्पी साधे बैठा है। वे कई बार पीजीआई प्रशासन को शिकायत दे चुके हैं, फिर भी पीजीआई की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। तनख्वाह नहीं मिलने वालों में लोवर डिवीजन क्लर्क और रिसेप्शनिस्ट शामिल हैं।
तनख्वाह नहीं मिलने से कर्मचारियों के त्योहार भी फीके रहे हैं। वर्करों का कहना है कि एक दिन की छुट्टी लेने पर उनकी सैलरी काट दी जाती है, जबकि यह कहीं भी प्रावधान नहीं है। यह नियम सिर्फ पीजीआई में काम करने वाली कंपनी लागू करती है। इसमें पीजीआई को दखल देना चाहिए, मगर वह कुछ नहीं कर रहा।
बॉक्स
कभी 15 तो कभी 20 को मिलती है सैलरी
पीजीआई के जनरल सेक्रेटरी देवराज का कहना है कि पीजीआई की ओर से कोई कठोर कदम नहीं उठाने की वजह से प्राइवेट कंपनी के ठेकेदार मनमानी पर उतर आए हैं। हर कर्मचारी की सैलरी महीने की सात तारीख तक अकाउंट में पहुंच जानी चाहिए, लेकिन कर्मचारियों को सैलरी कभी 15 तो कभी 20 तारीख को मिल रही है। कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने पीजीआई प्रशासन से मांग की है कि इस बारे में वे दखल दे और प्राइवेट कंपनी को हिदायत दे कि वे महीने की 7 तारीख तक हर कर्मचारी के अकाउंट में सैलरी पहुंचा दे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे आंदोलन पर उतर आएंगे।
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कई कर्मचारियों को बिना वेतन मनाने पड़े त्योहार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीजीआई में तैनात कांट्रैक्ट वर्करों को अब तक सैलरी नहीं मिली है। इससे कर्मचारियों में रोष है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीजीआई कांट्रैक्ट यूनियन के प्रधान संजीव ने बताया कि टीडीएस कंपनी की ओर से अब तक कर्मचारियों को सैलरी नहीं दी गई है। इस मामले में पीजीआई को दखल देना चाहिए, लेकिन वह भी चुप्पी साधे बैठा है। वे कई बार पीजीआई प्रशासन को शिकायत दे चुके हैं, फिर भी पीजीआई की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। तनख्वाह नहीं मिलने वालों में लोवर डिवीजन क्लर्क और रिसेप्शनिस्ट शामिल हैं।
तनख्वाह नहीं मिलने से कर्मचारियों के त्योहार भी फीके रहे हैं। वर्करों का कहना है कि एक दिन की छुट्टी लेने पर उनकी सैलरी काट दी जाती है, जबकि यह कहीं भी प्रावधान नहीं है। यह नियम सिर्फ पीजीआई में काम करने वाली कंपनी लागू करती है। इसमें पीजीआई को दखल देना चाहिए, मगर वह कुछ नहीं कर रहा।
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कभी 15 तो कभी 20 को मिलती है सैलरी
पीजीआई के जनरल सेक्रेटरी देवराज का कहना है कि पीजीआई की ओर से कोई कठोर कदम नहीं उठाने की वजह से प्राइवेट कंपनी के ठेकेदार मनमानी पर उतर आए हैं। हर कर्मचारी की सैलरी महीने की सात तारीख तक अकाउंट में पहुंच जानी चाहिए, लेकिन कर्मचारियों को सैलरी कभी 15 तो कभी 20 तारीख को मिल रही है। कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने पीजीआई प्रशासन से मांग की है कि इस बारे में वे दखल दे और प्राइवेट कंपनी को हिदायत दे कि वे महीने की 7 तारीख तक हर कर्मचारी के अकाउंट में सैलरी पहुंचा दे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे आंदोलन पर उतर आएंगे।
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