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पेयरे जेनरे के हाउस में करे फिल गुड
Updated Fri, 09 Jun 2017 09:23 PM IST
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पियरे जेनरे के घर में करें ‘फील गुड ’
संजीव पंगोत्रा
चंडीगढ़।
शहर के शिल्पकार ली कार्बूजिए के साथ सिटी ब्युटीफुल को व्यवस्थित और खूबसूरत बनाने में उनके कजन पियरे जेनरे का भी अहम रोल रहा है। पियरे जेनरे ने चंडीगढ़ निर्माण के दौरान 1954 से 1965 तक लगभग 11 साल सेक्टर-5 के हाउस नंबर-57 में गुजारे थे। जेनरे की 121 वीं जयंती पर उनके इस घर को म्यूजियम बना दिया गया है। म्यूजियम में तीन कमरे भी बनाए गए हैं। अब आप इन कमराें में एक दिन गुजर सकते है। इसके लिए एक कमरे की कीमत 5 हजार रुपये चुकानी होगी। हाल ही में पियरे जेनरे हाउस में बने म्यूजियम का उद्घाटन हो चुका हैं। कुछ माह पहले जो जेनरे हाउस अनदेखी के कारण खंडहर जैसा दिखता था, अब वह एक खूबसूरत म्यूजियम का रूप ले चुका है। इस म्यूजियम को देखने के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है। पर्यटक सुबह 10 से शाम 5 बजे तक म्यूजियम का दीदार करने काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
म्यूजियम में पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था रखी गई है। फर्स्ट फ्लोर पर गेस्ट हाउस बनाया गया है। खासकर रिसर्चर, आर्किटेक्ट, हेरिटेज आर्किटेक्ट में रुचि रखने वाले और विदेशी मेहमान यहां रुक सकते हैं। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर ही गेस्ट रूम बुक करवाने का लिंक उपलब्ध हैं। यह गेस्ट हाउस में जेनरे के डिजाइन हेरिटेज निवार के बेड लगाए गए हैं। साथ ही डाइनिंग हॉल से लेकर दूसरी जगह भी हेरिटेज फर्नीचर लगाया गया है। दुर्लभ तरह के बेकार हो चुके फर्नीचर को हेरिटेज लुक दी गई है। जेनरे हाउस से हर कोई कुछ न कुछ यादें समेट कर ले जाएगा। यादों के लिए यहां विशेष सेल्फी जोन भी बनाया गया है। जहां जेनरे के कटआउट के साथ कोई भी सेल्फी ले सकेगा। कटआउट के साथ फोटो जीवंत दिखेगी।
पांच हजार रुपये देकर करें चंडीगढ़ के इतिहास का एहसास
शहर के शिल्पकार ली कार्बूजिए का साथ दिया था उनके कजन जेनरे ने
चंडीगढ़ में जेनरे ने 1954 से 1965 तक 11 साल इसी घर में बिताए थे
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संजीव पंगोत्रा
चंडीगढ़।
शहर के शिल्पकार ली कार्बूजिए के साथ सिटी ब्युटीफुल को व्यवस्थित और खूबसूरत बनाने में उनके कजन पियरे जेनरे का भी अहम रोल रहा है। पियरे जेनरे ने चंडीगढ़ निर्माण के दौरान 1954 से 1965 तक लगभग 11 साल सेक्टर-5 के हाउस नंबर-57 में गुजारे थे। जेनरे की 121 वीं जयंती पर उनके इस घर को म्यूजियम बना दिया गया है। म्यूजियम में तीन कमरे भी बनाए गए हैं। अब आप इन कमराें में एक दिन गुजर सकते है। इसके लिए एक कमरे की कीमत 5 हजार रुपये चुकानी होगी। हाल ही में पियरे जेनरे हाउस में बने म्यूजियम का उद्घाटन हो चुका हैं। कुछ माह पहले जो जेनरे हाउस अनदेखी के कारण खंडहर जैसा दिखता था, अब वह एक खूबसूरत म्यूजियम का रूप ले चुका है। इस म्यूजियम को देखने के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है। पर्यटक सुबह 10 से शाम 5 बजे तक म्यूजियम का दीदार करने काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
म्यूजियम में पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था रखी गई है। फर्स्ट फ्लोर पर गेस्ट हाउस बनाया गया है। खासकर रिसर्चर, आर्किटेक्ट, हेरिटेज आर्किटेक्ट में रुचि रखने वाले और विदेशी मेहमान यहां रुक सकते हैं। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर ही गेस्ट रूम बुक करवाने का लिंक उपलब्ध हैं। यह गेस्ट हाउस में जेनरे के डिजाइन हेरिटेज निवार के बेड लगाए गए हैं। साथ ही डाइनिंग हॉल से लेकर दूसरी जगह भी हेरिटेज फर्नीचर लगाया गया है। दुर्लभ तरह के बेकार हो चुके फर्नीचर को हेरिटेज लुक दी गई है। जेनरे हाउस से हर कोई कुछ न कुछ यादें समेट कर ले जाएगा। यादों के लिए यहां विशेष सेल्फी जोन भी बनाया गया है। जहां जेनरे के कटआउट के साथ कोई भी सेल्फी ले सकेगा। कटआउट के साथ फोटो जीवंत दिखेगी।
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पांच हजार रुपये देकर करें चंडीगढ़ के इतिहास का एहसास
शहर के शिल्पकार ली कार्बूजिए का साथ दिया था उनके कजन जेनरे ने
चंडीगढ़ में जेनरे ने 1954 से 1965 तक 11 साल इसी घर में बिताए थे