फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   वर्कबुक से हो रही छात्रों की निगरानी

वर्कबुक से हो रही छात्रों की निगरानी

Mon, 24 Dec 2018 01:32 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Mon, 24 Dec 2018 01:32 AM IST
विज्ञापन
वर्कबुक से हो रही छात्रों की निगरानी
वर्क बुक से छात्रों की निगरानी
विज्ञापन

शिक्षा व्यवस्था में आएगा सुधार
-प्रशासन ने शिक्षकों के लिए बनाई लर्निंग आउटकम की स्कीम
- प्रतिदिन डायरी में शिक्षकों को देना होगा पूरा लेखा-जोखा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यूटी प्रशासन ने शिक्षकों के लिए लर्निंग आउटकम की सुविधा मुहैया कराई है। इसके तहत शिक्षकों को एक वर्क बुक दी गई है, जिसमें शिक्षक को अपनी कक्षाओं का लेखा-जोखा तैयार करना है। इसी वर्क बुक के आधार पर शिक्षक और छात्रों का मूल्यांकन होगा। इसके लिए प्रशासन के शिक्षा विभाग की ओर से वर्क बुक में बाकायदा कक्षाओं में प्रतिदिन के हिसाब से छात्रों की मानीटरिंग का कॉलम बनाया गया है। इससे जहां शिक्षकों को डेली वर्क बुक को मेनटेन करना पड़ रहा है। वहीं, छात्रों को क्या पढ़ाया जा रहा है, इसकी निगरानी आसानी से हो रही है।
शहर केे सरकारी स्कूलों में बोर्ड का रिजल्ट खराब आने के चलते इस बार प्रशासन की काफी फजीहत हुई थी। इसके लिए यूटी प्रशासन के शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को नियमित करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए स्कूलों में वर्क बुक को लागू कर दिया है। इस वर्क बुक में शिक्षकों को पूरे समय में किस कक्षा में क्या पढ़ाया है, इसका छात्रों पर कितना असर पड़ा है। इस आधार पर हर एक छात्र को अंक या ग्रेड देने होंगे। जिन्हें दी गई वर्क बुक में लिखना होगा। उसके बाद बनाए गए ऑब्जर्वेशन टीचर्स आकर उन बच्चों से फिर से प्रश्न करेंगे और देखेंगे कि क्या सब्जेक्ट टीचर द्वारा सभी बच्चों को अंक या ग्रेड सही दिया गया है या नहीं। ऐसे तमाम सवालों के साथ शिक्षकों को पूरे दिन का लेखा-जोखा देना होता है।
विज्ञापन


कक्षाओं में करना पड़ रहा अतिरिक्त काम
शिक्षा विभाग की ओर से शुरू किया गया लर्निंग वर्क बुक सिस्टम शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। शिक्षकों की मानें तो कक्षा में पढ़ाने के अलावा उन्हें वर्क बुक का काम करना पड़ रहा है। इसमें समय भी खराब होता है। पिछले वर्ष 9वीं और 10वीं का परिणाम इतना खराब आया था, लेकिन उसके बावजूद शिक्षा विभाग शिक्षकों को अन्य कामों में लगा रखा है। इसके चलते हम सभी बच्चों को पढ़ा ही नहीं पा रहे हैं। ऐसे में भला बच्चों का परिणाम कैसे अच्छा आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट---
यदि स्कूलों में शिक्षकों को वर्क बुक भरने को लेकर परेशानी या फिर और कोई समस्या है, तो इसका समाधान किया जाएगा।
- बीएल शर्मा शिक्षा सचिव, यूटी प्रशासन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed