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दिलप्रीत दो दिन के रिमांड पर
Updated Sat, 14 Jul 2018 01:48 AM IST
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फोटो सहित
गैंगस्टर दिलप्रीत दो दिन के पुलिस रिमांड पर
- पीजीआई से दो बजे डिस्चार्ज होने के बाद सेक्टर-36 थाना पुलिस ने किया अदालत में पेश
- मेडिकली फिट न होने पर कोर्ट रूम में पेश नहीं किया जा सका बाबा को
- पुलिस ने बख्शीखाने के पास एंबुलेंस में रखात, सरकारी वकील की मौजूदगी में दस्तख्त किए
- पुलिस ने हथियार कहां से लाया और अन्य हथियार होने का अंदेशा जताते हुए लिया रिमांड
- रिमांड के दौरान अन्य गैंगस्टरों के बारे में भी पूछताछ करेगी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मोस्ट वांटेड गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा को शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे पीजीआई से डिस्चार्ज कर दिया गया। यहां से सेक्टर-36 थाना पुलिस उसे एंबुलेंस में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में जिला अदालत में पेशी के लिए लेकर आई। दिलप्रीत के आने से पहले ही जिला अदालत में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। दिलप्रीत को सेक्टर-36 थाने में 9 जुलाई को मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर फायर करने के मामले में दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी दिखाकर उसे अदालत में पेश किया गया है। अदालत से पुलिस ने दिलप्रीत का दो दिन का रिमांड हासिल किया है।
बाक्स
रिमांड के लिए दलील, और हथियार बरामद होने का अंदेशा
इससे पहले पुलिस की ओर से दो दिन के रिमांड के लिए दायर याचिका में दलील दी गई कि दिलप्रीत की कार से एक रिवाल्वर, .12 बोर की राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे। पुलिस को उससे पूछताछ करनी है कि वह यह सब हथियार कहां से लेकर आया। वहीं, पुलिस को अभी अंदेशा है कि उसके पास और भी हथियार बरामद हो सकते हैं। वह ड्रग्स की खेप कहां से लेकर आता था और किन-किन लोगों को इसकी सप्लाई करता था। इसके अलावा 9 जुलाई को जब उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था, तब वह कहां से आ रहा था। पुलिस को उससे उसके गैंग के अन्य सदस्यों और अन्य गैंगस्टरों को लेकर भी पूछताछ करनी है। रिमांड के दौरान आरोपी से यह भी पता करना है कि चंडीगढ़ में वह और किन लोगों के संपर्क में था।
बाक्स
पुलिस ने कहा, कोर्ट रूम तक नहीं ला सकते
इससे पहले पुलिस उसे एंबुलेंस में जिला अदालत लेकर आई। दिलप्रीत के पैर में रॉड लगी होने के कारण उसे पहली मंजिल में स्थित इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी को लेकर दिक्कतें आ रही थीं। इस पर उसकी पेशी को लेकर काफी देर तक असमंजस की स्थिति बनी रही। हालांकि, इस दौरान पुलिस ने उसे अदालत लेकर जाना पड़ा तो स्ट्रैचर भी मंगा लिया था। करीब एक घंटे तक कशमकश की स्थिति के बाद पुलिस ने इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में एप्लीकेशन दी कि आरोपी की मेडिकल स्थित ऐसी नहीं है कि उसे अदालत तक लाया जा सके। उसके पैर में रॉड लगी होने और कुछ दिन पहले ही उसका ऑपरेशन होने पर उसे कोर्ट रूम में पेश करने में परेशानी हो सकती है। इस पर अदालत एप्लीकेशन मंजूर करते हुए सरकारी वकील और कोर्ट स्टॉफ को पार्किंग में खड़ी एंबुलेंस में जाकर उसकी वेरिफिकेशन करने और दस्तावेज पर उसके दस्तख्त करवाकर लाने के आदेश दिए। इसके बाद सरकारी वकील की मौजूदगी में एंबुलेंस में जाकर दिलप्रीत की वेरिफिकेशन की गई। इसके बाद अदालत ने उसके दो दिन के पुलिस रिमांड की याचिका मंजूर कर दी।
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गैंगस्टर को देखने की मची होड़
दिलप्रीत को अदालत में पेश करने का पता चलने पर अदालत परिसर में मौजूद हर व्यक्ति में गैंगस्टर को देखने की होड़ मची रही। ढाई बजे से पहले जैसे ही पुलिस गैंगस्टर को लेकर अदालत परिसर पहुंची और करीब पौने चार बजे जब उसे लेकर गई तब तक लोगों में गैंगस्टर की एक झलक पाने की होड़ मची रही। वकीलों से लेकर पेशी पर आए लोग यहां तक कि महिलाओं में भी गैंगस्टर को देखने के लिए धक्का-मुक्की हो रही थी। वहीं, पेशी पर आए कैदियों को वापस जेल लेकर जाने वाली बस से भी कैदी गैंगस्टर के नारे लगा रहे थे।
फिंगर प्रिंट भी एंबुलेंस में ही हुए
आमतौर पर किसी भी आरोपी की पहली पेशी पर अदालत में बनी पुलिस की फिंगर और फुट प्रिंट ब्रांच में आरोपी के सभी नमूने लिए जाते हैं। दिलप्रीत की अदालत में पेशी से पहले उसके फिंगर और फुट प्रिंट भी एंबुलेंस में ही लिए गए।
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गैंगस्टर दिलप्रीत दो दिन के पुलिस रिमांड पर
- पीजीआई से दो बजे डिस्चार्ज होने के बाद सेक्टर-36 थाना पुलिस ने किया अदालत में पेश
- मेडिकली फिट न होने पर कोर्ट रूम में पेश नहीं किया जा सका बाबा को
- पुलिस ने बख्शीखाने के पास एंबुलेंस में रखात, सरकारी वकील की मौजूदगी में दस्तख्त किए
- पुलिस ने हथियार कहां से लाया और अन्य हथियार होने का अंदेशा जताते हुए लिया रिमांड
- रिमांड के दौरान अन्य गैंगस्टरों के बारे में भी पूछताछ करेगी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मोस्ट वांटेड गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा को शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे पीजीआई से डिस्चार्ज कर दिया गया। यहां से सेक्टर-36 थाना पुलिस उसे एंबुलेंस में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में जिला अदालत में पेशी के लिए लेकर आई। दिलप्रीत के आने से पहले ही जिला अदालत में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। दिलप्रीत को सेक्टर-36 थाने में 9 जुलाई को मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर फायर करने के मामले में दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी दिखाकर उसे अदालत में पेश किया गया है। अदालत से पुलिस ने दिलप्रीत का दो दिन का रिमांड हासिल किया है।
बाक्स
रिमांड के लिए दलील, और हथियार बरामद होने का अंदेशा
इससे पहले पुलिस की ओर से दो दिन के रिमांड के लिए दायर याचिका में दलील दी गई कि दिलप्रीत की कार से एक रिवाल्वर, .12 बोर की राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे। पुलिस को उससे पूछताछ करनी है कि वह यह सब हथियार कहां से लेकर आया। वहीं, पुलिस को अभी अंदेशा है कि उसके पास और भी हथियार बरामद हो सकते हैं। वह ड्रग्स की खेप कहां से लेकर आता था और किन-किन लोगों को इसकी सप्लाई करता था। इसके अलावा 9 जुलाई को जब उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था, तब वह कहां से आ रहा था। पुलिस को उससे उसके गैंग के अन्य सदस्यों और अन्य गैंगस्टरों को लेकर भी पूछताछ करनी है। रिमांड के दौरान आरोपी से यह भी पता करना है कि चंडीगढ़ में वह और किन लोगों के संपर्क में था।
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पुलिस ने कहा, कोर्ट रूम तक नहीं ला सकते
इससे पहले पुलिस उसे एंबुलेंस में जिला अदालत लेकर आई। दिलप्रीत के पैर में रॉड लगी होने के कारण उसे पहली मंजिल में स्थित इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी को लेकर दिक्कतें आ रही थीं। इस पर उसकी पेशी को लेकर काफी देर तक असमंजस की स्थिति बनी रही। हालांकि, इस दौरान पुलिस ने उसे अदालत लेकर जाना पड़ा तो स्ट्रैचर भी मंगा लिया था। करीब एक घंटे तक कशमकश की स्थिति के बाद पुलिस ने इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में एप्लीकेशन दी कि आरोपी की मेडिकल स्थित ऐसी नहीं है कि उसे अदालत तक लाया जा सके। उसके पैर में रॉड लगी होने और कुछ दिन पहले ही उसका ऑपरेशन होने पर उसे कोर्ट रूम में पेश करने में परेशानी हो सकती है। इस पर अदालत एप्लीकेशन मंजूर करते हुए सरकारी वकील और कोर्ट स्टॉफ को पार्किंग में खड़ी एंबुलेंस में जाकर उसकी वेरिफिकेशन करने और दस्तावेज पर उसके दस्तख्त करवाकर लाने के आदेश दिए। इसके बाद सरकारी वकील की मौजूदगी में एंबुलेंस में जाकर दिलप्रीत की वेरिफिकेशन की गई। इसके बाद अदालत ने उसके दो दिन के पुलिस रिमांड की याचिका मंजूर कर दी।
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गैंगस्टर को देखने की मची होड़
दिलप्रीत को अदालत में पेश करने का पता चलने पर अदालत परिसर में मौजूद हर व्यक्ति में गैंगस्टर को देखने की होड़ मची रही। ढाई बजे से पहले जैसे ही पुलिस गैंगस्टर को लेकर अदालत परिसर पहुंची और करीब पौने चार बजे जब उसे लेकर गई तब तक लोगों में गैंगस्टर की एक झलक पाने की होड़ मची रही। वकीलों से लेकर पेशी पर आए लोग यहां तक कि महिलाओं में भी गैंगस्टर को देखने के लिए धक्का-मुक्की हो रही थी। वहीं, पेशी पर आए कैदियों को वापस जेल लेकर जाने वाली बस से भी कैदी गैंगस्टर के नारे लगा रहे थे।
फिंगर प्रिंट भी एंबुलेंस में ही हुए
आमतौर पर किसी भी आरोपी की पहली पेशी पर अदालत में बनी पुलिस की फिंगर और फुट प्रिंट ब्रांच में आरोपी के सभी नमूने लिए जाते हैं। दिलप्रीत की अदालत में पेशी से पहले उसके फिंगर और फुट प्रिंट भी एंबुलेंस में ही लिए गए।