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Panchkula News: एक साल पहले हुआ था 46 अवैध फार्म हाउसों का खुलासा, नहीं गिरा पाया निगम

Sun, 22 Jun 2025 01:13 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Jun 2025 01:13 AM IST
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46 illegal farm houses were exposed a year ago, but the corporation could not demolish them
पंचकूला। एक साल पहले नगर निगम की सर्वे में वार्ड नंबर-20 गांव बिल्ला के 46 अवैध फार्म हाउसों का खुलासा हुआ था। बाकायदा विभाग ने फार्म हाउस मालिकों को नोटिस भी जारी किया, लेकिन फार्म हाउस मालिकों ने जवाब तक नहीं दिया। इसके बावजूद नगर निगम इन फार्म हाउसों पर बुलडोजर नहीं चला पाया जबकि नगर निगम से उपायुक्त मोनिका गुप्ता पेरीफेरी नियंत्रण अधिनियम एवं पंजाब अनुसूचित सड़कें और नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास प्रतिबंध अधिनियम 1963 के तहत अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगती रहीं। कई अधिकारियों ने भी बिल्डर मित्रों के सहयोग से यहां बड़े-बड़े गेस्ट हाउस बना लिए हैं। अधिकारियों के गेस्ट हाउस होने की वजह से पुलिस भी इन पर हाथ नहीं डालती। हाल ही में रेवन्यू रिलाइजेशन कमेटी की बैठक में भी मुद्दा उठा, जिसमें दावा किया गया था कि एक सप्ताह के भीतर अवैध फार्म हाउसों को गिरा दिया जाएगा। तीन दिन बीत जाने के बाद भी बिल्डिंग ब्रांच नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
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बिल्ला ही नहीं मोरनी में भी अवैध गेस्ट हाउसों की भरमार, अधिकारियों ने भी

पहाड़ी इलाके मोरनी में बने अवैध गेस्ट हाउस चल रहे हैं। तीन साल पहले पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। यह गेस्ट हाउस अवैध, अनैतिक और अवांछित गतिविधियों का अड्डा बनते जा रहे हैं। इनसे आसपास के छोटे-छोटे गांवों का माहौल भी खराब हो रहा है। यहां रात के समय पार्टियां होती हैं। याचिका में कहा गया कि गांव जाला से थापली के बीच तीन किलोमीटर में 20 गेस्ट हाउस हैं। गांव चांदी, नाडा वाला, मंदाना और थापली को संयुक्त रूप से भोज माटोर के नाम से भी जाना जाता है। ये सभी गांव पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट के तहत नोटिफाइड हैं। इन जगहों पर कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकता, बावजूद इसके होटल खुल रहे हैं।
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सर्वे के बाद आराम फरमा रहे अधिकारी

फार्म और गेस्ट हाउस के लिए न तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से सीएलयू लिया गया है, न ही नगर निगम से एनडी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट)। इन फार्म हाउसों को नगर निगम ने दिसंबर 2023 में राजस्व वसूली समिति की बैठक में महज 15 दिन में तोड़ने का दावा किया था। सर्वे के बाद भी नगर निगम के अधिकारी आराम से बैठे हैं।
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टीबीआरएल ग्रीन बेल्ट के महज 600 मीटर के दायरे में बनाए हैं भवन

रामगढ़ के टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (टीबीआरएल) के ग्रीन बेल्ट एरिया के महज 600 मीटर के दायरे में सेवानिवृत्त अधिकारियों और पूंजीपतियों ने अवैध गेस्ट हाउस बनाए हैं। यह बेहद खतरनाक हैं। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, क्योंकि यहां टेस्टिंग के दौरान ब्लास्टिंग होती रहती है। कई बार इस एरिया में आग भी लग चुकी है।



नगर निगम की ओर से किए गए सर्वे में वार्ड नंबर-20 के गांव बिल्ला में करीब 46 फार्म और गेस्ट हाउस अवैध बनाए गए हैं। इनके मालिकों को नोटिस का दिया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कार्रवाई के आदेश मिलते ही अवैध गेस्ट हाउसों को गिराया जाएगा। -कैलाश, जेई, नगर निगम पंचकूला
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