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खाने की आजादी के लिए अब शुरू हुआ संघर्ष
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अब खाने की आजादी को लेकर पीयू में शुरू हुआ संघर्ष
- संघर्ष की शुरुआत एसएफएस ने जनरल बॉडी मीटिंग से शुरू की
- खाने के रेट नहीं हो रहे हैं कम, अब छात्र करेंगे खाने का बहिष्कार
- दूसरे चरण में होगा प्रोटेस्ट, खाने की गुणवत्ता लगातार हो रही खराब
- तीसरे चरण में एसएफएस नॉनवेज बनवाने की ओर बढ़ाएगी कदम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एसएफएस, आइसा, पीएसयू ललकार ने पहले छात्राओं को हॉस्टल 24 घंटे खुलवाकर उन्हें आजादी दिलाई। अब खाने की आजादी की ओर एसएफएस ने कदम बढ़ाया है। इसकी शुरुआत जनरल बॉडी मीटिंग से हुई है। लगातार खाने के बढ़ रहे शुल्क के विरोध में खाने का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। कहा कि कहने के बाद भी दाम कम नहीं किए। ऐसे में विद्यार्थी मेस, कैंटीन व कैंपस की दुकानों में बन रहे खाने का बहिष्कार करेंगे तो उनका कारोबार प्रभावित होगा। ऐसे में दाम कम करेंगे। यदि इसके बाद भी दाम कम नहीं हुए तो दूसरे चरण में प्रोटेस्ट किया जाएगा। तीसरे चरण में नॉनवेज बनवाने को लेकर संघर्ष होगा। सभी छात्रों में आक्रोश था कि खाने की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। आए दिन कीड़े निकल रहे हैं। पीयू प्रशासन इसको लेकर कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है।
पीयू परिसर में हुई बैठक में पीयूसीएससी अध्यक्ष कनुप्रिया ने कहा कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों की फीस हो या फिर बीडीएस-एमडीएस की फीस कम का मामला, यह सब प्रोटेस्ट के जरिये ही संभव हो पाया है। गुरु तेग बहादुर हाल खुलवाने को लेकर भी कड़ा निर्णय लिया जाएगा। कहा कि सिक्योरिटी कम है। सुरक्षा गार्डों की तैनाती नहीं हो रही है। इसे लेकर भी संघर्ष करने का निर्णय लिया गया। कहा कि जो भी सुरक्षा गार्ड काम कर रहे हैं, उनको ओवर टाइम को बुलाया जाता है, लेकिन उन्हें मेहनताना बहुत कम दिया जा रहा है। कहा कि सुरक्षा गार्डों का मेहनताना भी बढ़ना चाहिए। बुक फेयर का दायरा विस्तृत करने, हॉस्टल नंबर दस के रेट कम करवाने का भी निर्णय लिया गया। कहा कि इसके लिए भी प्रोटेस्ट करेंगे। यह भी बताया कि नॉनवेज के लिए बनाई गई कमेटी अधूरी है, उसमें डायटिशियन तक नहीं है।
इनसेट--
झंकार 28 मार्च से
झंकार का शुभारंभ 28 मार्च से शुरू होगा जो 30 मार्च तक चलेगा। इसमें मणिपुरी, लद्दाख आदि क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रस्तुति के लिए पूरा मौका दिया जाएगा। इसके साथ ही म्यूजिक डिपार्टमेंट आदि भी इसमें हिस्सा ले सकेंगे। इसके अलावा कई अन्य कार्यक्रम दिन-रात चलेंगे।
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- संघर्ष की शुरुआत एसएफएस ने जनरल बॉडी मीटिंग से शुरू की
- खाने के रेट नहीं हो रहे हैं कम, अब छात्र करेंगे खाने का बहिष्कार
- दूसरे चरण में होगा प्रोटेस्ट, खाने की गुणवत्ता लगातार हो रही खराब
- तीसरे चरण में एसएफएस नॉनवेज बनवाने की ओर बढ़ाएगी कदम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एसएफएस, आइसा, पीएसयू ललकार ने पहले छात्राओं को हॉस्टल 24 घंटे खुलवाकर उन्हें आजादी दिलाई। अब खाने की आजादी की ओर एसएफएस ने कदम बढ़ाया है। इसकी शुरुआत जनरल बॉडी मीटिंग से हुई है। लगातार खाने के बढ़ रहे शुल्क के विरोध में खाने का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। कहा कि कहने के बाद भी दाम कम नहीं किए। ऐसे में विद्यार्थी मेस, कैंटीन व कैंपस की दुकानों में बन रहे खाने का बहिष्कार करेंगे तो उनका कारोबार प्रभावित होगा। ऐसे में दाम कम करेंगे। यदि इसके बाद भी दाम कम नहीं हुए तो दूसरे चरण में प्रोटेस्ट किया जाएगा। तीसरे चरण में नॉनवेज बनवाने को लेकर संघर्ष होगा। सभी छात्रों में आक्रोश था कि खाने की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। आए दिन कीड़े निकल रहे हैं। पीयू प्रशासन इसको लेकर कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है।
पीयू परिसर में हुई बैठक में पीयूसीएससी अध्यक्ष कनुप्रिया ने कहा कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों की फीस हो या फिर बीडीएस-एमडीएस की फीस कम का मामला, यह सब प्रोटेस्ट के जरिये ही संभव हो पाया है। गुरु तेग बहादुर हाल खुलवाने को लेकर भी कड़ा निर्णय लिया जाएगा। कहा कि सिक्योरिटी कम है। सुरक्षा गार्डों की तैनाती नहीं हो रही है। इसे लेकर भी संघर्ष करने का निर्णय लिया गया। कहा कि जो भी सुरक्षा गार्ड काम कर रहे हैं, उनको ओवर टाइम को बुलाया जाता है, लेकिन उन्हें मेहनताना बहुत कम दिया जा रहा है। कहा कि सुरक्षा गार्डों का मेहनताना भी बढ़ना चाहिए। बुक फेयर का दायरा विस्तृत करने, हॉस्टल नंबर दस के रेट कम करवाने का भी निर्णय लिया गया। कहा कि इसके लिए भी प्रोटेस्ट करेंगे। यह भी बताया कि नॉनवेज के लिए बनाई गई कमेटी अधूरी है, उसमें डायटिशियन तक नहीं है।
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झंकार 28 मार्च से
झंकार का शुभारंभ 28 मार्च से शुरू होगा जो 30 मार्च तक चलेगा। इसमें मणिपुरी, लद्दाख आदि क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रस्तुति के लिए पूरा मौका दिया जाएगा। इसके साथ ही म्यूजिक डिपार्टमेंट आदि भी इसमें हिस्सा ले सकेंगे। इसके अलावा कई अन्य कार्यक्रम दिन-रात चलेंगे।
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