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पार्षदों ने रिजेक्ट किया ड्राफ्ट पॉलिसी
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चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक
पार्षदों ने रद्द किया पेड पार्किंग का टेंडर डाक्यूमेंट
अब लोकसभा चुनाव के बाद ही नया ठेका दिया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर की 22 पेड पार्किंग के रेट आधे करने के बाद नगर निगम अब भविष्य में स्मार्ट फीचर और सही तरीके से पार्किंग के संचालन को लेकर तैयार किए गए टेंडर डॉक्यूमेंट (पेड पार्किंग पॉलिसी) पर पार्षदों की सहमति नहीं ले पाया। पार्किंग के मसले को लेकर नगर निगम सदन की दो दिनों तक बैठक हुई।
पेड पाकिंग की एजेंडे पर शुक्रवार को दोपहर बाद बैठक का आयोजन किया गया। दो घंटे से भी अधिक समय तक चली बैठक में चर्चा के बाद सदन ने प्रस्तावित ड्राफ्ट टेंडर डॉक्यूटमेंट को रिजेक्ट कर दिया। अब लोकसभा के चुनाव के बाद ही पार्किंग को ठेके पर दिया जाएगा। इतना ही नहीं नए सिरे से एमओयू के अध्ययन के लिए पार्षदों और अधिकारियों की कमेटी गठित की जाएगी। इससे यह साफ हो गया कि किसी भी पेड पार्किंग के ठेके का मसला लोकसभा चुनाव होने तक ठंडे बस्ते में ही रहेगा।
पेड पार्किंग के लिए ठेके पर 100 लोग रखे जाएंगे
नगर निगम सदन की दूसरे दिन की बैठक में तय किया गया कि पेड पार्किंग स्थलों पर टू व्हीलर के लिए 5 रुपये और फोर व्हीलर के लिए 10 रुपये की पार्किंग फीस ली जाएगी। इसके अलावा निगम का बीएंडआर विंग 100 लोगों की ठेके पर तीन से चार महीने तक सेवाएं लेगा, विंग ही इन लोगों के कामकाज पर नजर रखेगा। पेड पार्किंग कंपनी का ठेका कैंसिल होने के बाद ही निगम का पूरा तंत्र शहर के समस्त पार्किंग स्थलों पर तैनात है। इससे नगर निगम का काम भी प्रभावित हो रहा है। मेनपॉवर बढ़ाने के लिहाज से इस तरह की अस्थाई व्यवस्था की गई है।
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बाक्स--------
टेंडर डाक्यूमेंट पर पार्षदों ने उठाए सवाल
बैठक की शुरुआत में ही चर्चा के दौरान पार्षदों ने ड्राफ्ट टेंडर डाक्यूमेंट पर सवाल उठा दिए। सदन में पेश किए गए प्रस्तावित टेंडर डाक्यूमेंट के एजेंडे में हर चार घंटों के हिसाब से पार्किंग फीस चार्ज किए जाने का जिक्र किया गया है। इस पर पूर्व मेयर देवेश मोदगिल, राजबाला मलिक, महेश इंद्र सिद्धू, कांग्रेसी पार्षद गुरबक्श रावत और दविंदर सिंह बबला ने आपत्ति जताई। गुरबक्श रावत ने तो इसे पिछली ठेका कंपनी आर्य टोल इंफ्रा लिमिटेड के साथ हुए पुराने करार की कॉपी पेस्ट बता दिया। मोदगिल ने कहा कि कोई भी ड्राफ्ट डाक्यूमेंट तैयार करने से पहले कमेटी का गठन करना चाहिए, ताकि भविष्य के लिए पारदर्शिता बरती जा सके। पार्षदों का तर्क था कि पहले जैसी गलती न दोहराई जाए। कोई भी एमओयू विस्तृत अध्ययन के बगैर पारित न किया जाए। बैठक के दौरान नगर निगम कमिश्नर ने कहा कि ड्राफ्ट पॉलिसी में होमवर्क का अभाव है।
आर्या टोल में काम करने वाले कर्मियों का भविष्य अधर में
वहीं, बैठक में कंपनी के साथ काम कर चुके कर्मियों को आउटसोर्स के जरिए तैनाती को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। बैठक में वही फिर बात उठी कि रेट कम होने की वजह से आउटसोर्स पर तैनाती से निगम पर आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
240 कर्मचारी रखे जाएंगे पेड पार्किंग के लिए
नगर निगम कमिश्नर के सुझाव पर बैठक में तय किया गया किया गया कि पेड पार्किंग स्थलों के लिए 240 कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी। टू व्हीलर के लिए 5 रुपये और फोर व्हीलर के लिए 10 रुपये की पार्किंग फीस चार्ज की यथास्थिति के साथ निगम के इंजीनियरिंग विभाग के चार विंग व बागवानी विभाग का एक विंग अपने आउटसोर्स कर्मियों में से 25-25 लोग देगा। इन 100 लोगों के अलावा निगम बाकी के कर्मचारी को स्वयं ठेकेदार के माध्यम से रखेगा। निगम कमिश्नर का कहना था कि इससे नगर निगम पर अधिक वित्तीय बोझ नहीं पडे़गा। इन कर्मचारियों की सुपरविजन के लिए निगम अपने स्टाफ के कर्मचारी तैनात करेगा। पार्किंग शुल्क भी निगम कर्मी ही लेंगे।
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पार्षदों ने रद्द किया पेड पार्किंग का टेंडर डाक्यूमेंट
अब लोकसभा चुनाव के बाद ही नया ठेका दिया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर की 22 पेड पार्किंग के रेट आधे करने के बाद नगर निगम अब भविष्य में स्मार्ट फीचर और सही तरीके से पार्किंग के संचालन को लेकर तैयार किए गए टेंडर डॉक्यूमेंट (पेड पार्किंग पॉलिसी) पर पार्षदों की सहमति नहीं ले पाया। पार्किंग के मसले को लेकर नगर निगम सदन की दो दिनों तक बैठक हुई।
पेड पाकिंग की एजेंडे पर शुक्रवार को दोपहर बाद बैठक का आयोजन किया गया। दो घंटे से भी अधिक समय तक चली बैठक में चर्चा के बाद सदन ने प्रस्तावित ड्राफ्ट टेंडर डॉक्यूटमेंट को रिजेक्ट कर दिया। अब लोकसभा के चुनाव के बाद ही पार्किंग को ठेके पर दिया जाएगा। इतना ही नहीं नए सिरे से एमओयू के अध्ययन के लिए पार्षदों और अधिकारियों की कमेटी गठित की जाएगी। इससे यह साफ हो गया कि किसी भी पेड पार्किंग के ठेके का मसला लोकसभा चुनाव होने तक ठंडे बस्ते में ही रहेगा।
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पेड पार्किंग के लिए ठेके पर 100 लोग रखे जाएंगे
नगर निगम सदन की दूसरे दिन की बैठक में तय किया गया कि पेड पार्किंग स्थलों पर टू व्हीलर के लिए 5 रुपये और फोर व्हीलर के लिए 10 रुपये की पार्किंग फीस ली जाएगी। इसके अलावा निगम का बीएंडआर विंग 100 लोगों की ठेके पर तीन से चार महीने तक सेवाएं लेगा, विंग ही इन लोगों के कामकाज पर नजर रखेगा। पेड पार्किंग कंपनी का ठेका कैंसिल होने के बाद ही निगम का पूरा तंत्र शहर के समस्त पार्किंग स्थलों पर तैनात है। इससे नगर निगम का काम भी प्रभावित हो रहा है। मेनपॉवर बढ़ाने के लिहाज से इस तरह की अस्थाई व्यवस्था की गई है।
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टेंडर डाक्यूमेंट पर पार्षदों ने उठाए सवाल
बैठक की शुरुआत में ही चर्चा के दौरान पार्षदों ने ड्राफ्ट टेंडर डाक्यूमेंट पर सवाल उठा दिए। सदन में पेश किए गए प्रस्तावित टेंडर डाक्यूमेंट के एजेंडे में हर चार घंटों के हिसाब से पार्किंग फीस चार्ज किए जाने का जिक्र किया गया है। इस पर पूर्व मेयर देवेश मोदगिल, राजबाला मलिक, महेश इंद्र सिद्धू, कांग्रेसी पार्षद गुरबक्श रावत और दविंदर सिंह बबला ने आपत्ति जताई। गुरबक्श रावत ने तो इसे पिछली ठेका कंपनी आर्य टोल इंफ्रा लिमिटेड के साथ हुए पुराने करार की कॉपी पेस्ट बता दिया। मोदगिल ने कहा कि कोई भी ड्राफ्ट डाक्यूमेंट तैयार करने से पहले कमेटी का गठन करना चाहिए, ताकि भविष्य के लिए पारदर्शिता बरती जा सके। पार्षदों का तर्क था कि पहले जैसी गलती न दोहराई जाए। कोई भी एमओयू विस्तृत अध्ययन के बगैर पारित न किया जाए। बैठक के दौरान नगर निगम कमिश्नर ने कहा कि ड्राफ्ट पॉलिसी में होमवर्क का अभाव है।
आर्या टोल में काम करने वाले कर्मियों का भविष्य अधर में
वहीं, बैठक में कंपनी के साथ काम कर चुके कर्मियों को आउटसोर्स के जरिए तैनाती को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। बैठक में वही फिर बात उठी कि रेट कम होने की वजह से आउटसोर्स पर तैनाती से निगम पर आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
240 कर्मचारी रखे जाएंगे पेड पार्किंग के लिए
नगर निगम कमिश्नर के सुझाव पर बैठक में तय किया गया किया गया कि पेड पार्किंग स्थलों के लिए 240 कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी। टू व्हीलर के लिए 5 रुपये और फोर व्हीलर के लिए 10 रुपये की पार्किंग फीस चार्ज की यथास्थिति के साथ निगम के इंजीनियरिंग विभाग के चार विंग व बागवानी विभाग का एक विंग अपने आउटसोर्स कर्मियों में से 25-25 लोग देगा। इन 100 लोगों के अलावा निगम बाकी के कर्मचारी को स्वयं ठेकेदार के माध्यम से रखेगा। निगम कमिश्नर का कहना था कि इससे नगर निगम पर अधिक वित्तीय बोझ नहीं पडे़गा। इन कर्मचारियों की सुपरविजन के लिए निगम अपने स्टाफ के कर्मचारी तैनात करेगा। पार्किंग शुल्क भी निगम कर्मी ही लेंगे।