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चीन पाकिस्तान मिलकर बन गए भारत के लिए गलोबल परेशानी
Updated Wed, 28 Feb 2018 01:17 AM IST
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चीन, पाकिस्तान मिलकर भारत के लिए बने ग्लोबल मुश्किल
- पूर्व डिप्टी सिक्योरिटी एडवाइजर ने पंजाब यूनिवर्सिटी में एक सेमिनार में लिया हिस्सा
- पाकिस्तान की गतिविधियों पर कहा, हर हरकत की कीमत चुकानी पड़ेगी
- पाकिस्तान और भारत के माहौल पर पीयू के रक्षा विभाग में सेमिनार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
भारत के पूर्व डिप्टी सिक्योरिटी एडवाइजर डॉ. अरविंद गुप्ता ने कहा कि चीन और पाकिस्तान मिलकर भारत के लिए ग्लोबल परेशानी बने हैं। पहले समस्या सिर्फ पाकिस्तान से थी, लेकिन अब इसका स्तर बढ़ गया है क्योंकि चीन वैश्विक स्तर पर काफी मजबूत है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से जिस तरह की हरकतें हो रही हैं, उससे अब बातचीत का कोई औचित्य नहीं रह गया है। चूंकि पाकिस्तान को चीन का पूरा सहयोग है, ऐसे में पाकिस्तान से ज्यादा चीन पर नजर रखने की जरूरत है।
सीमा पर जवानों की शहादत पर डॉ. गुप्ता ने कहा कि जिम्मेदारों को हर एक जिंदगी का हिसाब देना होगा। पाकिस्तान को अपनी सभी हरकतों की कीमत चुकानी होगी। डॉ. गुप्ता ने फौजियों पर दर्ज हो रहे मामलों पर भी अफसोस जताया और इसे गलत करार देते हुए कहा कि जब रक्षा के बदले एफआईआर मिलेगी तो जवान का मनोबल कहां तक गिर जाएगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। दरअसल, पंजाब यूनिवर्सिटी के रक्षा विभाग में पाकिस्तान और भारत के माहौल पर एक राष्ट्रीय सेमिनार कराया गया, जिसमें कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
अमेरिका के बाद चीन बन गया है पाकिस्तान का हथियार सप्लायर
सेमिनार के दौरान आर्मी ट्रेनिंग कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल एमएम नरावने ने कहा कि अमेरिका के बाद पाकिस्तान के लिए अब चीन सबसे बड़ा हथियार सप्लायर बन गया है। पहले पाकिस्तान को जो भी असला और हथियार आता था, उसमें अमेरिका मुख्य भूमिका में था, लेकिन अब धीरे-धीरे चीन ने पाकिस्तान को अपने हक में कर लिया है और हथियार सप्लाई का सबसे बड़ा स्त्रोत बन गया है।
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शिक्षा से बदल सकती है दिशा
पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. अरुण ग्रोवर ने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा जरिया है, जो दोनों देशों के बीच सौहादपूर्ण माहौल बना सकता है। दोनों देशों के शिक्षण संस्थान आगे आएं और एक अनोखी पहल की शुरुआत करें ताकि दोनों देशों में मित्रता और भाईचारा बन सके। सेमिनार में कई विशेषज्ञों ने अपने-अपने विचार रखे और स्टूडेंट्स ने अपने पेपर प्रस्तुत किए।
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चीन, पाकिस्तान मिलकर भारत के लिए बने ग्लोबल मुश्किल
- पूर्व डिप्टी सिक्योरिटी एडवाइजर ने पंजाब यूनिवर्सिटी में एक सेमिनार में लिया हिस्सा
- पाकिस्तान की गतिविधियों पर कहा, हर हरकत की कीमत चुकानी पड़ेगी
- पाकिस्तान और भारत के माहौल पर पीयू के रक्षा विभाग में सेमिनार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
भारत के पूर्व डिप्टी सिक्योरिटी एडवाइजर डॉ. अरविंद गुप्ता ने कहा कि चीन और पाकिस्तान मिलकर भारत के लिए ग्लोबल परेशानी बने हैं। पहले समस्या सिर्फ पाकिस्तान से थी, लेकिन अब इसका स्तर बढ़ गया है क्योंकि चीन वैश्विक स्तर पर काफी मजबूत है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से जिस तरह की हरकतें हो रही हैं, उससे अब बातचीत का कोई औचित्य नहीं रह गया है। चूंकि पाकिस्तान को चीन का पूरा सहयोग है, ऐसे में पाकिस्तान से ज्यादा चीन पर नजर रखने की जरूरत है।
सीमा पर जवानों की शहादत पर डॉ. गुप्ता ने कहा कि जिम्मेदारों को हर एक जिंदगी का हिसाब देना होगा। पाकिस्तान को अपनी सभी हरकतों की कीमत चुकानी होगी। डॉ. गुप्ता ने फौजियों पर दर्ज हो रहे मामलों पर भी अफसोस जताया और इसे गलत करार देते हुए कहा कि जब रक्षा के बदले एफआईआर मिलेगी तो जवान का मनोबल कहां तक गिर जाएगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। दरअसल, पंजाब यूनिवर्सिटी के रक्षा विभाग में पाकिस्तान और भारत के माहौल पर एक राष्ट्रीय सेमिनार कराया गया, जिसमें कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
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अमेरिका के बाद चीन बन गया है पाकिस्तान का हथियार सप्लायर
सेमिनार के दौरान आर्मी ट्रेनिंग कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल एमएम नरावने ने कहा कि अमेरिका के बाद पाकिस्तान के लिए अब चीन सबसे बड़ा हथियार सप्लायर बन गया है। पहले पाकिस्तान को जो भी असला और हथियार आता था, उसमें अमेरिका मुख्य भूमिका में था, लेकिन अब धीरे-धीरे चीन ने पाकिस्तान को अपने हक में कर लिया है और हथियार सप्लाई का सबसे बड़ा स्त्रोत बन गया है।
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शिक्षा से बदल सकती है दिशा
पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. अरुण ग्रोवर ने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा जरिया है, जो दोनों देशों के बीच सौहादपूर्ण माहौल बना सकता है। दोनों देशों के शिक्षण संस्थान आगे आएं और एक अनोखी पहल की शुरुआत करें ताकि दोनों देशों में मित्रता और भाईचारा बन सके। सेमिनार में कई विशेषज्ञों ने अपने-अपने विचार रखे और स्टूडेंट्स ने अपने पेपर प्रस्तुत किए।