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Panchkula News: एक सप्ताह में डेंगू पीड़ित 32 मरीज मिले, इमरजेंसी में स्पेशल फीवर क्लीनिक नहीं हुआ शुरू
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जिले में लगातार डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस सीजन में पंचकूला में डेंगू के 92 मामले सामने आ चुके हैं। एक सप्ताह में 32 मामले आए हैं। वर्तमान में पांच मरीज मेडिसिन वार्ड में भर्ती हैं। सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में स्पेशल फीवर क्लीनिक शुरू नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छुट्टी के दिन बुखार, प्लेटलेट्स के मरीजों के इलाज में अधिक समय लग रहा है। सबसे ज्यादा डेंगू के मामले पंचकूला, सूरजपुर और पिंजौर से सामने आए हैं। इसमें बुखार के बाद मरीजों के प्लेटलेट्स सबसे अधिक घट रहे हैं। मरीज सिविल अस्पताल की इमरजेंसी और वार्ड में इलाज करवाने आ रहे हैं। पिंजौर और सूरजपुर में पानी रिस्टोर करने के कारण लारवा अधिक फैल रहा है। इस कारण यह दिक्कत बनी है। अस्पताल में डेंगू के मरीजों की संख्या अधिक हो रही है।
अस्पताल में छह दिन तक भर्ती हो रहे मरीज
अस्पताल में इलाज कराने आए दिव्यांश ने बताया कि छह दिन पहले उनके प्लेटलेट्स घटे तो वह इलाज के लिए सिविल अस्पताल आए। टेस्ट के बाद डेंगू की जानकारी हुई। जानकारी मिलने के बाद अस्पताल में इलाज हुआ। अभी उनका इलाज अस्पताल में छह दिन से चल रहा है। उन्हें थोड़ी राहत मिली है। इलाज के लिए पिंजौर से आए सोमनाथ ने बताया कि प्लेटलेट्स गिरने के बाद डेंगू की बात सामने आई है। अस्पताल में इलाज चल रहा है। अब उनके प्लेटलेट्स बढ़े हैं। डेंगू के लारवा पैदा होने के कारण डेंगू फैल रहा है। इलाज के लिए सिविल अस्पताल आए सुरेश कुमार ने बताया कि स्पेशल फीवर क्लीनिक नहीं होने से उन्हें इलाज में परेशानी हो रही है। इलाज के लिए टेस्ट सहित अन्य काम के लिए अधिक समय लगा।
पानी रिस्टोर करने से पैदा हो रहा लारवा
स्वास्थ्य विभाग की टीम के सर्वे में सामने आया है कि पिंजौर, सूरजपुर और डीएलएफ में पानी रिस्टोर करने के कारण लारवा पैदा हो रहा है। लोग घरों में रखे पानी के बर्तनों को खाली नहीं कर रहे हैं। इस कारण डेंगू का मच्छर पैदा करने वाला लारवा अधिक पैदा हो रहा है। इस कारण यहां पर डेंगू के मामले बढ़े हैं। सूरजपुर एरिया में लगातार कंस्ट्रक्शन के कारण पानी का जमाव अधिक हो रहा है। इस कारण भी मच्छर पैदा हो रहे हैं। लोगों को काटने पर डेंगू हो रहा है। पंचकूला से डेंगू के मामले पार्कों में फाउंटेन में जमा पानी के कारण हो रहा है। सैर के दौरान मच्छरों के काटने से डेंगू के मामले सामने आए हैं। ओल्ड पंचकूला में खुली नाली के कारण मच्छर का लारवा अधिक पैदा हो रहा है। पंचकूला के सेक्टर-11 की युवती की मौत प्लेटलेट्स घटने से पांच दिन पहले हो चुकी है, हालांकि अभी तक डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
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डेंगू के अब तक 92 मामले सामने आए
पंचकूला जिले में डेंगू के 92 मामले सामने आए हैं। इसमें कोट से एक केस आया है, पिंजौर से 20, कालका से तीन, नानकपुर से एक, सूरजपुर से 27, ओल्ड पंचकूला से 12, अर्बन पंचकूला से 28 मामले सामने आए हैं। अभी तक रायपुररानी, हंगोला, पारवाला और मोरनी से कोई केस नहीं आया है। डेंगू के केस सबसे ज्यादा पंचकूला से आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों की तरफ से लगातार सर्वे किया जा रहा है। डेंगू की जानकारी होने पर फॉगिंग की जा रही है। अस्पताल में स्पेशल फीवर क्लीनिक को जल्द शुरू किया जाएगा, जो भी मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, उनका इलाज किया जा रहा है। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6
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पंचकूला। जिले में लगातार डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस सीजन में पंचकूला में डेंगू के 92 मामले सामने आ चुके हैं। एक सप्ताह में 32 मामले आए हैं। वर्तमान में पांच मरीज मेडिसिन वार्ड में भर्ती हैं। सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में स्पेशल फीवर क्लीनिक शुरू नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छुट्टी के दिन बुखार, प्लेटलेट्स के मरीजों के इलाज में अधिक समय लग रहा है। सबसे ज्यादा डेंगू के मामले पंचकूला, सूरजपुर और पिंजौर से सामने आए हैं। इसमें बुखार के बाद मरीजों के प्लेटलेट्स सबसे अधिक घट रहे हैं। मरीज सिविल अस्पताल की इमरजेंसी और वार्ड में इलाज करवाने आ रहे हैं। पिंजौर और सूरजपुर में पानी रिस्टोर करने के कारण लारवा अधिक फैल रहा है। इस कारण यह दिक्कत बनी है। अस्पताल में डेंगू के मरीजों की संख्या अधिक हो रही है।
अस्पताल में छह दिन तक भर्ती हो रहे मरीज
अस्पताल में इलाज कराने आए दिव्यांश ने बताया कि छह दिन पहले उनके प्लेटलेट्स घटे तो वह इलाज के लिए सिविल अस्पताल आए। टेस्ट के बाद डेंगू की जानकारी हुई। जानकारी मिलने के बाद अस्पताल में इलाज हुआ। अभी उनका इलाज अस्पताल में छह दिन से चल रहा है। उन्हें थोड़ी राहत मिली है। इलाज के लिए पिंजौर से आए सोमनाथ ने बताया कि प्लेटलेट्स गिरने के बाद डेंगू की बात सामने आई है। अस्पताल में इलाज चल रहा है। अब उनके प्लेटलेट्स बढ़े हैं। डेंगू के लारवा पैदा होने के कारण डेंगू फैल रहा है। इलाज के लिए सिविल अस्पताल आए सुरेश कुमार ने बताया कि स्पेशल फीवर क्लीनिक नहीं होने से उन्हें इलाज में परेशानी हो रही है। इलाज के लिए टेस्ट सहित अन्य काम के लिए अधिक समय लगा।
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पानी रिस्टोर करने से पैदा हो रहा लारवा
स्वास्थ्य विभाग की टीम के सर्वे में सामने आया है कि पिंजौर, सूरजपुर और डीएलएफ में पानी रिस्टोर करने के कारण लारवा पैदा हो रहा है। लोग घरों में रखे पानी के बर्तनों को खाली नहीं कर रहे हैं। इस कारण डेंगू का मच्छर पैदा करने वाला लारवा अधिक पैदा हो रहा है। इस कारण यहां पर डेंगू के मामले बढ़े हैं। सूरजपुर एरिया में लगातार कंस्ट्रक्शन के कारण पानी का जमाव अधिक हो रहा है। इस कारण भी मच्छर पैदा हो रहे हैं। लोगों को काटने पर डेंगू हो रहा है। पंचकूला से डेंगू के मामले पार्कों में फाउंटेन में जमा पानी के कारण हो रहा है। सैर के दौरान मच्छरों के काटने से डेंगू के मामले सामने आए हैं। ओल्ड पंचकूला में खुली नाली के कारण मच्छर का लारवा अधिक पैदा हो रहा है। पंचकूला के सेक्टर-11 की युवती की मौत प्लेटलेट्स घटने से पांच दिन पहले हो चुकी है, हालांकि अभी तक डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
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डेंगू के अब तक 92 मामले सामने आए
पंचकूला जिले में डेंगू के 92 मामले सामने आए हैं। इसमें कोट से एक केस आया है, पिंजौर से 20, कालका से तीन, नानकपुर से एक, सूरजपुर से 27, ओल्ड पंचकूला से 12, अर्बन पंचकूला से 28 मामले सामने आए हैं। अभी तक रायपुररानी, हंगोला, पारवाला और मोरनी से कोई केस नहीं आया है। डेंगू के केस सबसे ज्यादा पंचकूला से आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों की तरफ से लगातार सर्वे किया जा रहा है। डेंगू की जानकारी होने पर फॉगिंग की जा रही है। अस्पताल में स्पेशल फीवर क्लीनिक को जल्द शुरू किया जाएगा, जो भी मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, उनका इलाज किया जा रहा है। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6