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बेटी की इलाज के लिए भटकती मां को मिला मेयर का सहारा

Sat, 02 Feb 2019 01:51 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Sat, 02 Feb 2019 01:51 AM IST
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बेटी की इलाज के लिए भटकती मां को मिला मेयर का सहारा
बेटी के इलाज को भटकती मां को मिला मेयर का सहारा
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मेयर डॉग बाइट विक्टिम को खुद लेकर गए इलाज करवाने
एक फोन कॉल पर इलाज करवाने खुद पहुंचे राजेश कालिया
रामदरबार में दो बच्चों को कुत्ते ने काटा था
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एक फोन कॉल पर सूचना मिलते ही मेयर राजेश कालिया सेक्टर-19 की डिस्पेंसरी के बाहर पहुंचे और वहां डॉग बाइट विक्टिम को लेकर सेक्टर-16 के अस्पताल में पहुंचाकर उसका इलाज करवाया। बेटी के इलाज के लिए भटकती मां को मेयर का सहारा मिला।
शुक्रवार सुबह रामदरबार में अपने घर के बाहर खेल रही बच्ची एंजल (5) को कुत्ते ने काट लिया। इस बच्ची की मां निर्मला सेक्टर-19 स्थित डिस्पेंसरी पहुंची तो वह बंद हो चुकी थी। जब वे सेक्टर-16 के अस्पताल पहुंची तो बताया गया कि इसका इलाज सेक्टर-19 में ही होगी। इसके बाद निर्मला अपने बेटी को लेकर सेक्टर-19 के डिस्पेसरी में पहुंच गई। वहां बच्ची का इलाज न होते देख महिला ने मेयर को फोन किया। मेयर नगर निगम के छठी मंजिल पर कांफ्रेंस रूम में पार्षदों के साथ मीटिंग कर रहे थे। उन्होंने महिला को वहीं रुकने को कहा। इसके बाद मेयर राजेश कालिया अपनी सरकारी गाड़ी लेकर सेक्टर-19 की डिस्पेंसरी पहुंचे। मेयर डिस्पेंसरी के बाहर इलाज का इंतजार कर रही महिला और बेटी को अपनी गाड़ी में बैठकर सेक्टर-16 के अस्पताल लेकर आए। तब कहीं उस बच्ची का इलाज हुआ। एरिया पार्षद भरत कुमार ने बताया कि रामदरबार में एक और बच्चे को कुत्ते ने काटा है। इसके बारे में जानकारी ज्यादा नहीं मिली है। महिला ने मेयर को इस कार्य के लिए धन्यवाद दिया।
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मां इस प्रकार भटकी अपनी बेटी के इलाज को
एरिया पार्षद भरत कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह नौ और दस बजे के बीच की घटना है। जब बच्ची को कुत्ते ने काटा तो उसकी मां निर्मला उसे लेकर सेक्टर-19 पहुंची। वहां इलाज नहीं होने पर जीएमसीएच-32 आई। जब वहां पर इलाज नहीं हुआ तो वह सेक्टर-16 के जीएमएसएच पहुंची। वहां पर भी उन्हें कहा गया कि सेक्टर-19 के डिस्पेंसरी में इलाज होगा। जब निर्मला थक गई और बच्ची का इलाज न होते देख हताश हो गई तब उन्होंने एरिया पार्षद भरत कुमार को फोन किया। भरत ने महिला को कहा कि सेक्टर-19 की डिस्पेंसरी में जाकर जो भी डाक्टर होंगे उनसे बात करवाना। जब निर्मला अपनी बेटी को लेकर पहुंची तो डिस्पेंसरी बंद हो चुकी थी। निर्मला ने डिस्पेंसरी के बाहर से ही पार्षद भरत कुमार को फोन किया। भरत के साथ ही मेयर थे। भरत ने मेयर को फोन पकड़ा दिया। उसके बाद सभी काम को छोड़कर मेयर राजेश कालिया एरिया पार्षद भरत कुमार के साथ सेक्टर-19 डिस्पेंसरी पहुंचे और बच्ची को साथ लेकर सेक्टर-16 चले गए। मेयर ने डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज को फोन कर इसकी जानकारी दी तो फिर डाक्टरों ने सीरम का इंतजाम कर बच्ची को लगाया।
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शाम को लोग कहां जाएं : पार्षद
एरिया पार्षद भरत कुमार ने बताया कि यह बात मुझे और मेयर को पता चल गया तो उस बच्ची का इलाज हो सका। आश्चर्य की बात है कि लोग कितना परेशान होते होंगे। शाम के बात कुत्ते के काटने के बाद लोग इलाज के लिए कहां जाएं। इस पर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है। नगर निगम सदन की बैठक में इस संबंध में मुद्दा उठाएंगे।
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