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हरियाणा की 6205 पंचायतें शौचमुक्त घोषित
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:36 AM IST
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हरियाणा की 6205 पंचायतें शौचमुक्त घोषित
- पंचायत एवं विकास मंत्री ने किया दावा, ऐसा करने वाला देश में चौथा राज्य बना हरियाणा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने ग्रामीण हरियाणा को वीरवार को शौचमुक्त घोषित कर दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की 6205 ग्राम पंचायतें पूरी तरह से शौचमुक्त हो गई हैं और ऐसा करने वाला हरियाणा प्रदेश का चौथा राज्य बन गया है। इससे पहले केरल, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम ऐसा कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण इलाकों में इस स्थिति को निरंतर बनाए रखना है और इसके लिए ओडीएफ प्लस योजना तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत शुरुआत में 16 पायलट परियोजनाओं पर कार्य चलेगा।
उन्होंने बताया कि 2012 के सर्वे के अनुसार ग्रामीण हरियाणा में 30 लाख 24 हजार 600 घर थे, जिनमें से 7 लाख 51 हजार 180 घरों में शौचालय नहीं थे। वर्तमान सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में ग्रामीण हरियाणा के हर घर में शौचालय बनना संभव हुआ है।
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दस हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में बनेंगे सीवरेज
पंचायत मंत्री धनखड़ ने कहा कि जिन गांवों की जनसंख्या 10000 से अधिक है, वहां पर सीवरेज की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, पहले चरण में 15 गांव का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य स्मार्ट विलेज बनाने की है, इसमें समाज के लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा। 20 वर्ष तक आयु तक के युवाओं को ग्रामीण विकास में भागीदार बनाने के लिए ‘तरुण’ नामक योजना शुरू की गई।
तालाबों के पानी का सदुपयोग होगा
धनखड़ ने कहा कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के साथ मिलकर पंचायत एवं विकास विभाग एक प्राधिकरण का गठन करेगा। जो प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के 15000 से अधिक तालाबों के पानी का त्रिस्तरीय पद्धति के माध्यम से उपचारित कर सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभ में 50 से 100 एकड़ जमीन को सिंचित करने की पहचान की जाएगी। इसके अलावा, गंदे पानी की निकासी ड्रेन के माध्यम से इसकी भी कार्य योजना तैयार की जा रही है।
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- पंचायत एवं विकास मंत्री ने किया दावा, ऐसा करने वाला देश में चौथा राज्य बना हरियाणा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने ग्रामीण हरियाणा को वीरवार को शौचमुक्त घोषित कर दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की 6205 ग्राम पंचायतें पूरी तरह से शौचमुक्त हो गई हैं और ऐसा करने वाला हरियाणा प्रदेश का चौथा राज्य बन गया है। इससे पहले केरल, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम ऐसा कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण इलाकों में इस स्थिति को निरंतर बनाए रखना है और इसके लिए ओडीएफ प्लस योजना तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत शुरुआत में 16 पायलट परियोजनाओं पर कार्य चलेगा।
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उन्होंने बताया कि 2012 के सर्वे के अनुसार ग्रामीण हरियाणा में 30 लाख 24 हजार 600 घर थे, जिनमें से 7 लाख 51 हजार 180 घरों में शौचालय नहीं थे। वर्तमान सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में ग्रामीण हरियाणा के हर घर में शौचालय बनना संभव हुआ है।
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दस हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में बनेंगे सीवरेज
पंचायत मंत्री धनखड़ ने कहा कि जिन गांवों की जनसंख्या 10000 से अधिक है, वहां पर सीवरेज की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, पहले चरण में 15 गांव का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य स्मार्ट विलेज बनाने की है, इसमें समाज के लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा। 20 वर्ष तक आयु तक के युवाओं को ग्रामीण विकास में भागीदार बनाने के लिए ‘तरुण’ नामक योजना शुरू की गई।
तालाबों के पानी का सदुपयोग होगा
धनखड़ ने कहा कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के साथ मिलकर पंचायत एवं विकास विभाग एक प्राधिकरण का गठन करेगा। जो प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के 15000 से अधिक तालाबों के पानी का त्रिस्तरीय पद्धति के माध्यम से उपचारित कर सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभ में 50 से 100 एकड़ जमीन को सिंचित करने की पहचान की जाएगी। इसके अलावा, गंदे पानी की निकासी ड्रेन के माध्यम से इसकी भी कार्य योजना तैयार की जा रही है।